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  • AIIMS Cardiologist Said – 1 Out Of Every 5 Heart Attack People Under 40, The Death Toll Of Heart Patients Is Also Increasing By 2% Every Year

हार्ट डे पर विशेष:एम्स कार्डियोलॉजिस्ट बोले- हर 5 में से 1 हार्ट अटैक 40 से कम उम्र के लोगों को, हृदयरोगियों की मौत का आंकड़ा भी हर साल 2% बढ़ रहा

जोधपुर2 महीने पहले
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भारत में प्राकृतिक माैताें के अलावा सर्वाधिक माैतें हार्ट अटैक के कारण हाेती हैं। हृदयाघात से मृत्यु की दर 25 सालाें में बढ़कर दोगुनी हो गई है। 2016 में 26 प्रतिशत मृत्यु हार्ट अटैक से हुई थी। भारत में इससे भी गंभीर बात यह है कि अधिकतर लोग उम्र के दूसरे, तीसरे और चौथे दशक के दौरान ही दिल की बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण अस्त-व्यस्त लाइफस्टाइल, धूम्रपान, मोटापा, डायबिटीज, बीपी एवं अनियमित नींद है। दैनिक भास्कर ने शहर के हृदय विशेषज्ञों से ना केवल हृदय संबंधी बीमारियों के कारण जाने, बल्कि इनसे बचने के उपाय भी विस्तार से पूछे।

एम्स में 10 प्रतिशत हृदय रोगी 40 से कम उम्र के
एम्स के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सुरेंद्र देवडा ने बताया कि आधुनिक जीवन के बढ़ते तनाव से युवाओं में दिल की बीमारियों का खतरे पैदा कर दिए हैं। हर 5 में से 1 हार्ट अटैक 40 से कम उम्र के लोगों को हो रहा है। इस उम्र वर्ग में मौतों को सिलसिला हर साल दो प्रतिशत बढ़ रहा है। हालांकि 80 प्रतिशत मरीजों को इसमें बचाया जा सकता है।
यूरोपियन सोसायटी ऑफ कार्डियोलॉजी के 2021 के शोध के अनुसार जर्मनी में यंग हार्ट अटैक का प्रमुख कारण धूम्रपान, मोटापा, डायबिटीज और हाइपरटेंशन हैं। बीपी मरीजों मे हार्ट अटैक का प्रतिशत 85, धूम्रपान करने वालों में 12 प्रतिशत, डायबिटीज में 5, पारिवारिक हिस्ट्री में तीन प्रतिशत व माेटापे वालों में दो प्रतिशत होता है। एम्स में 10 प्रतिशत हृदयरोगी 40 से कम उम्र के आ रहे हैं। इसमें 23 प्रतिशत धूम्रपान करते हैं। 13-14 प्रतिशत को बीपी व 9 प्रतिशत को डायबिटीज होती है।

लंबे समय तक अत्यधिक तनाव भी हृदय रोगों का बड़ा कारण
एमडीएम के कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. रोहित माथुर का कहना है कि युवाओं में हृदयरोग का कारण अत्यधिक तनाव, लगातार लंबे समय तक काम करना और अनियमित नींद पैटर्न है। आरामतलब जीवनशैली भी 20-30 साल के लोगों में जोखिम बढ़ा रही है। सेलेब्रिटीज को देखकर युवा अपनी फिजिक उनके जैसी बनाना चाहते हैं। वे आइसोट्रोनिक की जगह आइसोमैट्रिक एक्सरसाइज करते हैं, जाे कि हार्ट के लिए अच्छी नहीं मानी जाती।
ऐसी एक्सरसाइज हार्ट के फंक्शन पर असर डालती हैं। सभी हृदयरोगियों में समान लक्षण नहीं होते। आमतौर पर दर्द छाती के बीच में महसूस होता है, जो बांहों, गर्दन, जबड़े और यहां तक कि पेट तक फैलता है। कुछ लोगों को अपच की तरह असहज महसूस हो सकता है। धड़कन का बढ़ना और सांस लेने में समस्या होती है। धमनियां पूरी तरह से अवरुद्ध हो जाती हैं तो दिल का दौरा पड़ सकता है।

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