12 दिन में 31 हिरणों की मौत:वन्यजीव प्रेमियों में आक्रोश, रास्ता जाम करने की चेतावनी; जांच के नाम पर लीपापोती में जुटा वन विभाग

जोधपुर2 महीने पहले
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जोधपुर जिले के तिलवासनी क्षेत्र में हिरणों की लगातार हो रही मत के बाद बुधवार को वन विभाग के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे उप जिला प्रमुख विक्रम सिंह। - Dainik Bhaskar
जोधपुर जिले के तिलवासनी क्षेत्र में हिरणों की लगातार हो रही मत के बाद बुधवार को वन विभाग के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे उप जिला प्रमुख विक्रम सिंह।

जोधपुर जिले के बिलाड़ा रेंज के तिलवासनी गांव में हिरणों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस क्षेत्र में गत 12 दिन में 31 हिरण दम तोड़ चुके है। मंगलवार को खेतों में मिले तीन मृत हिरणों के शवो को लेकर गांव बस स्टैंड व पीपाड़ एसडीएम कार्यालय के बाहर पर्यावरण प्रेमियों ने प्रदर्शन किया। उधर वन विभाग व चिकित्सा टीम का मानना है कि तालाब का गंदा पानी पीने से हिरणों की मौत हो रही है। इसे लेकर क्षेत्र के लोगों में आक्रोश व्याप्त है। आज उप जिला प्रमुख विक्रम सिंह विश्नोई उप वन संरक्षक राज बिहारी मित्तल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।

तिवसानी विश्नोई बाहुल्य क्षेत्र है। विश्नोई समुदाय अपनी जान पर भी खेलकर हिरणों की रक्षा करता आया है। ऐसे में इस क्षेत्र में हिरणों की संख्या भी काफी अधिक है। गत कुछ दिन से हिरणों के मरने का सिलसिला लगातार चल रहा है। पर्यावरण प्रेमी रामदीन नैण ने बताया कि पिछले एक डेढ़ सप्ताह में हो रही हिरणों की मौत प्राकृतिक नहीं है। हर रोज खेतों में हिरणों के शव मिल रहे हैं। मृत हिरणों के मुंह से सिर्फ खून निकला हुआ पाया गया है। जिससे प्रथम दृष्टया जहरीले पदार्थ खाने या पीने से हिरणों की मौत होना प्रतीत हो रहा है। कई बार बिलाड़ा वन विभाग को इन घटनाओं की सूचना दी गई। मगर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। वन विभाग इसे सामान्य घटना करार देकर लीपापोती में जुटा है।

सोमवार को पीपाड़ शहर उपखंड अधिकारी को ज्ञापन देकर हिरणों की मौत का खुलासा करने की मांग की गई। मंगलवार को फिर तीन हिरणों के शव मिलने के बाद पूरे क्षेत्र में रोष व्याप्त हो गया। पर्यावरण प्रेमियों ने मृत हिरणों के शवों को लेकर तिलवासनी गांव बस स्टैंड पर विरोध प्रदर्शन किया। काफी समय से काल कवलित हो रहे हिरणों को लेकर स्थानीय प्रशासन व वन विभाग द्वारा किसी भी तरह की कार्यवाही नहीं होने के कारण वन्यजीव प्रेमियों ने पीपाड़ एसडीएम दुदाराम हुड्डा को ज्ञापन सौंप भावी खींवसर सड़क मार्ग जाम कर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी।

इसके बाद आज उप जिला प्रमुख विक्रम सिंह वन विभाग के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने हिरणों की मौत के कारणों का पता लगाने में हो रहे विलम्ब को लेकर वन विभाग अधिकारियों को फटकार लगाई। उप जिला प्रमुख ने उप वन संरक्षक ने गांव में अस्थाई चौकी लगाने का आदेश जारी किया।

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