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हाईकोर्ट का केंद्र-राज्य से जवाब-तलब:ऑक्सीजन-रेमडेसिविर आदि अव्यवस्थाओं पर एक और याचिका; अगली सुनवाई 24 मई को

जोधपुरएक महीने पहले
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राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत महांति व न्यायाधीश विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ ने ऑक्सीजन सप्लाई, रेमडेसिविर इंजेक्शन की आपूर्ति में अव्यवस्था और कोरोना वैक्सीन की अलग-अलग दरों को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर राज्य सरकार व केंद्र सरकार से जवाब तलब किया है। मामले में अगली सुनवाई 24 मई को मुकर्रर की गई है।

याचिकाकर्ता मनीष भुनवाल की ओर से दायर जनहित याचिका में बताया गया कि जिन प्रदेशों में राजस्थान से कोरोना के एक्टिव केसेज कम हैं, फिर भी वहां केंद्र सरकार द्वारा ज्यादा ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। ऑक्सीजन आपूर्ति में भेदभाव किया जा रहा है। नागरिकों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में राज्य व केंद्र सरकार की पॉलिसी पूरी तरह से विफल रही है। सरकार का कर्तव्य है कि वह कोरोना पॉजिटिव मरीजों को आइसोलेट बेड्स, ऑक्सीजन बेड्स व आईसीयू वेंटिलेटर मुहैया करवाए।

ऑक्सीजन को लेकर राज्य व केंद्र सरकार एक-दूसरे पर अपनी जिम्मेदारी डाल रहे हैं। आज के हालात में रेमडेसिविर व टोसिलीजुमब जीवनरक्षक दवाइयां हैं, जिनकी कमी है और आमजन की पहुंच से दूर है। लोगों को मजबूरी में 10 गुना ज्यादा दामों में ये दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। याचिकाकर्ता ने आग्रह किया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव को आम आदमी को इन दवाइयों के वितरण के सुपरविजन के अधिकार दिए जाएं।

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