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नगर निगम का सख्त रवैया:सफाईकर्मी के पद पर नियुक्त और संभाल रहे हैं फाइल, ऐसे कर्मचारियों को निगम पकड़ाएगा झाड़ू

जोधपुर19 दिन पहले
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जोधपुर नगर निगम भवन। - Dainik Bhaskar
जोधपुर नगर निगम भवन।

शहर के नगर निगम में सफाई कर्मी के पद पर नियुक्ति पाने वाले कर्मचारी लम्बे समय से अन्य शाखाओं में कार्यरत है। इधर शहर की सफाई के लिए कर्मचारियों की कमी लगातार खल रही है। ऐसे में निगम आयुक्त ने शुक्रवार को एक आदेश पारित कर ऐसे कर्मचारियों को अपने मूल कार्य यानी शहर की सफाई के कार्य में जुटाने के लिए कमर कस ली है। आदेश में लिखा गया है कि 2018 में नियुक्त सफाई कर्मचारियों की सेवाएं सफाई कार्य में ही ली जाए। जो कर्मचारी अन्य शाखाओं में कार्यरत है उन्हें वहां से मुक्त कर शरह के वार्डों में सफाई के लिए भेजा जाए।

इसके लिए उत्तर व दक्षिण नगर निगम ने रणनीति तैयार कर ली है। साथ ही वार्डों में सफाई कार्य में लगे कर्मचारियों की भी लिस्ट तैयार कर ली है । क्योंकि क्षेत्रफल के हिसाब से जिस वार्ड में जितने सफाई कर्मी नियुक्त है अगर उससे ज्यादा कर्मचारी है तो उन कर्मचारियों को जिस वार्ड में कम है वहां भेजा जाएगा।

आखिर इसलिए आई नौबत

शहर की सफाई के लिए पहले ही पर्याप्त सफाई कर्मी नहीं हैं। 2018 में सफाई कर्मचारियों की भर्तियां तो हुई, लेकिन वह भी स्वीकृत पदों से आधी। शहर में फिर से स्वच्छता सर्वेक्षण होने वाला है। कर्मचारियों की कमी के चलते शहर की साफ-सफाई प्रभावित हो रही है । अधिकांश कर्मचारी अन्य शाखाओं में कार्यरत हैं। उन्हें वापस बुलाया जा रहा है। लम्बे समय से कर्मचारी अपने चहेते अधिकारियों की हाज़री बजा रहे है और अपने मूल काम से बचना चाह रहे हैं। इसकी भनक आयुक्त को लग गई। यही बड़ा कारण है इन कर्मचारियों को उनके मूल काम से वापस जोड़ा जा रहा है।

नियुक्ति के बाद कभी उठाया ही नहीं हाथ में झाड़ू

कई सफाई कर्मचारी ऐसे है जिनकी 2018 में नियुक्ति के बाद से अब तक कभी झाड़ू हाथ में ही नहीं लिया। दरअसल उस समय जब सफाई कर्मियों के पदों पर भर्ती निकली थी तब ग्रैजुएट, पोस्ट ग्रैजुएट लोगो ने आवेदन किया। इन लोगों की नियुक्ति तो हो गई लेकिन झाड़ू हाथ में लेकर वार्डों में सफाई करने से बचना चाह रहे है और मूल कार्य की जगह अन्य शाखाओं में सेवाएं दे रहे है।

इलेक्शन ड्युटी के नाम पर कलेक्ट्रेट गए एक वर्ष हो गया निगम नहीं लौटें

निगम उन कर्मचारियों को भी वापस निगम बुलाएगा जो इलेक्शन ड्युटी के नाम पर पिछले एक वर्ष से कलेक्ट्रेट में बैठे है। इसके अलावा सीएसआई के अधीन लगे सफाई कर्मचारी। पशु-वध गृह से करीब सात कर्मचारियों व अन्य विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को को भी वार्ड में सफाई के लिए भेजा जाएगा।

उपायुक्त नगर निगम नॉर्थ कमलेश व्यास का कहना है कि वार्डों में सफाई कर्मचारियों के कमी को देखते हुए जिन कर्मचारियों को अन्य शाखाओं व विभागों में नियुक्त किया गया है उन्हें वापस मूल कार्य पर नियुक्त किया जाएगा। इससे शहर में सफाई व्यवस्था सुदृढ़ होगी।