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फिर जेल के अंदर पहुंचे आसाराम:आसाराम की हार्ट रिपोर्ट नॉर्मल, यूरीन इंफेक्शन एंजियोग्राफी के लिए मना किया, वापस जेल भेजा

जोधपुर12 दिन पहले
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  • 2 दिन से एमडीएम छावनी बना, देशभर से पहुंचे अनुयायी

एमडीएम अस्पताल में भर्ती आसाराम को गुरुवार दोपहर बाद सभी जांचें नॉर्मल आने पर अस्पताल से डिस्चार्ज कर जेल भेज दिया गया। सीने में दर्द की शिकायत के चलते मंगलवार को पहले एमजीएच और फिर एमडीएमएच के सीसीयू में एक दिन भर्ती रहे आसाराम की डिस्चार्ज से पहले सुबह डॉक्टरों ने ईसीजी आदि जांचें कराईं।

सभी नॉर्मल आने पर उन्हें एंजियोग्राफी के लिए पूछा, लेकिन आसाराम ने कुछ दिन बाद कराने की बात कही। इसके बाद कार्डियोलॉजी डॉक्टरों ने आसाराम का यूरोलॉजी विभाग से रेफरेंस कराया। यूरोलॉजी विभाग के डॉ. एमके छाबड़ा की टीम ने आसाराम की जांच कर सोनोग्राफी कराने की सलाह दी जिसमें हल्का यूरीन इंफेक्शन बताया गया। इसके लिए दवा आदि लिखी।

डिस्चार्ज से पहले कार्डियोलॉजी विभाग के डॉक्टरों ने दवाएं लिखकर 10-15 दिन बाद फॉलोअप के लिए डिस्चार्ज कार्ड पर लिखा है। दोपहर करीब 2:45 बजे सीसीयू से व्हीलचेयर पर आसाराम को पुलिस गाड़ी वज्र में बैठाने के लिए लाया गया।

जहां लिफ्ट से नीचे आने के बाद उन्होंने हाथ जोड़कर सबका अभिवादन स्वीकार किया। आसाराम को वापस जेल ले जाने के दौरान अस्पताल के बाहर कई अनुयायी उसके वाहन के पीछे-पीछे दौड़ पड़े। अस्पताल में आसाराम के वाहन के निकलने के साथ ही उनके अनुयायी मिट्‌टी को अपने सिर पर लगाते नजर आए।

एमडीएम अस्पताल में शिल्पी भी आई मिलने
आसाराम से मिलने गुरुवार को शिल्पी उर्फ संचिता भी अस्पताल पहुंची। यौन उत्पीड़न मामले में आसाराम के साथ सहआरोपी शिल्पी को 20 साल के कारावास की सजा सुनाई गई थी। इस समय वह जमानत पर है। शिल्पी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जब अन्य लोगों को जमानत मिल रही है तो आसाराम को क्यों नहीं दी जा रही है?

शिल्पी ने कहा कि एक निर्दोष को सताया जा रहा है, वो भी झूठे आरोप लगाकर। ऐसे में आज मैं खुलकर बोलूंगी। आसाराम दोषी नहीं है। आज उनकी हालत देखिए, 7 साल से जेल में हैं। एक दिन के लिए भी जमानत नहीं दी गई। मैं यह नहीं कहती कि हाईकोर्ट या सेशन कोर्ट ने गलत किया, लेकिन जब अन्य मामलों में लोगों को जमानत मिल रही है तो आसाराम को क्यों नहीं? उन्हें हार्ट की गंभीर बीमारी है। उनकी स्थिति को देखते हुए जमानत दी जानी चाहिए।

अस्पताल के बाहर भी जुटने लगे थे समर्थक
एमडीएम 2 दिन से पुलिस छावनी बना रहा। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा। इस कारण यहां इलाज कराने आने वाले मरीज व आसाराम के अनुयायियों के बीच अंतर करना बड़ी चुनौती रहा। आसाराम की बीमारी का समाचार सुन गुजरात व अन्य स्थान से भी उनके अनुयायी पहुंच गए थे। पकड़े जाने के डर से ये लोग अलग-अलग समूह में यहां पहुंचे। साथ ही अस्पताल के बाहर भी समूह में खड़े नहीं होकर इधर-उधर बिखरे हुए खड़े थे। अंदर घुसने का प्रयास कर रहे कई लोगों को पुलिस ने खदेड़ा भी था।

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