जोधपुर में ब्लड बैंक की तर्ज पर ब्रीथ बैंक:कोरोना संक्रमित सहयोगी की ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण जान गई तो कारोबारी ने उठाया बीड़ा, 500 मशीनें जुटाने का लक्ष्य

जोधपुरएक वर्ष पहले
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पोर्टेबल ऑक्सीजन जनरेटर मशीन। - Dainik Bhaskar
पोर्टेबल ऑक्सीजन जनरेटर मशीन।

जोधपुर सहित देश में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच ऑक्सीजन की किल्लत से उपजे विषम हालात के बीच सूर्यनगरी के सेवाभावी उद्यमियों ने सराहनीय पहल की है। ऑक्सीजन की कमी से निपटने के लिए जोधपुर में ब्लड बैंक की तर्ज पर ब्रीथ बैंक की स्थापना की गई है। देश में अपनी तरह का यह पहला प्रयास है। ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए पोर्टेबल ऑक्सीजन मशीनें खरीद मरीजों को उपलब्ध कराई जाएगी।

ब्लड बैंक की तर्ज पर जोधपुर में ब्रीथ बैंक स्थापित करने की योजना सबसे पहले उत्कर्ष क्लासेज के डायरेक्टर निर्मल गहलोत के दिमाग में आई। उनकी इस पहल को शहर के लोगों ने हाथों हाथ लिया और लोग बढ़चढ़ कर सहयोग देने को आगे आ गए। गहलोत ने बताया कि अभी तक 95 मशीनों का सहयोग देने को लोग आ चुके है और शाम तक संभवत: यह संख्या 200 को पार कर जाएगी। हमारा लक्ष्य 500 मशीन जुटाने का है। 10 मशीनें शनिवार तक जोधपुर पहुंच जाएंगी। अन्य मशीनों के लिए भी प्रयास जारी है।

ऐसे आया आइडिया

गहलोत ने बताया कि कोरोना संक्रमित होने के कारण गत वर्ष अगस्त में मेरी मां की तबीयत खराब हो गई थी। ऑक्सीजन का स्तर कम होने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इसी तरह दो दिन पूर्व हमारे एक सहयोगी की जबलपुर में समय पर ऑक्सीजन नहीं मिलने के कारण जान चली गई। इसके बाद यह तय कर लिया कि ऑक्सीजन उपलब्धता के लिए कुछ न कुछ किया जाए। इस सोच के साथ कुछ लोगों से चर्चा की और ब्रीथ बैंक की नींव पड़ गई।

ऐसे काम करेगा ब्रीथ बैंक

जोधपुर में ब्रीथ बैंक के तहत पांच सौ मशीनों को जुटाया जाएगा। प्रत्येक मशीन को जरूरतमंद व्यक्ति को सौ रुपए प्रति दिन के हिसाब से किराए पर दी जाएगी। पहले किराया लेने का विचार नहीं था, लेकिन इसके पीछे लोगों ने तर्क दिया कि आवश्यकता समाप्त होने पर लोग समय पर मशीन वापस जमा नहीं करवाते है। ऐसे में किराए के दबाव में वे मशीन को वापस समय पर ले आएंगे।

ऐसे काम करती है मशीन

पोर्टेबल ऑक्सीजन जनरेटर मशीन करीब 45 हजार रुपये में एक आती है। यह मशीन कमरे में मौजूद हवा को ग्रहण कर उसमें से नाइट्रोजन को अलग कर देती है और 5 लीटर प्रति मिनट की दर से शुद्ध ऑक्सीजन को पाइप के माध्यम से मरीज तक पहुंचाती रहेगी।

यह होगा फायदा

शहर में 500 पोर्टेबल ऑक्सीजन जनरेटर आने से कम गंभीर मरीजों को घर पर ही ऑक्सीजन उपलब्ध होने से अस्पतालों पर दबाव कम होना शुरू हो जाएगा। साथ ही, ऑक्सीजन की खपत भी अस्पतालों में कम होगी। इससे डॉक्टर व अन्य चिकित्साकर्मी गंभीर मरीजों पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। वहीं अस्पतालों में ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो सकेगी।

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