पाक विस्थापितों को कोरोना वैक्सीन:बगैर पूर्व सूचना के लगा दिया शिविर, बहुत कम लोग लगवा पाए वैक्सीन; टीकाकरण वाले जानकारी मांगते रहे

जोधपुर2 महीने पहले
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जोधपुर में बुधवार को आयोजित शिविर में वैक्सीन लगवाती एक पाक विस्थापित महिला। - Dainik Bhaskar
जोधपुर में बुधवार को आयोजित शिविर में वैक्सीन लगवाती एक पाक विस्थापित महिला।

जोधपुर में पाक विस्थापितों को कोरोना से बचाव के लिए हाईकोर्ट के दबाव में शुरू किया गया टीकाकरण कार्य प्रशासनिक अव्यवस्था की भेंट चढ़ गया है। पाक विस्थापितों के बड़ी संख्या में पहली डोज लग चुकी है। दूसरी डोज लगाने के लिए बुधवार को गंगाणा में बगैर किसी पूर्व सूचना के शिविर लगा दिया गया। तब तक अधिकांश लोग अपने-अपने काम पर निकल चुके थे। सूचना मिलने पर दूर दराज से भागते हुए पहुंचे तो कई लोगों को निराश लौटना पड़ा। शिविर में सिर्फ कोविशील्ड वैक्सीन ही उपलब्ध थी। ऐसे में कोवैक्सीन लगवा चुके लोगों के दूसरी डोज नहीं लग पाई। ऐसे में कम लोग ही इसका लाभ उठा पाए।

जोधपुर में बड़ी संख्या में पाक विस्थापित निवास करते है। इनमें से बड़ी संख्या में लोगों के पास भारतीय नागरिकता नहीं है। ऐसे में उनके समक्ष कोरोना वैक्सीन लगवाने का संकट खड़ा हो गया। हालांकि केन्द्र सरकार ने इस बारे में गाइड लाइन भी जारी की थी। यह मामला राजस्थान हाईकोर्ट में भी उठा और हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद वैक्सीन लगाने का कार्य शुरू हुआ।

अधिकांश पाक विस्थापितों के को वैक्सीन की पहली डोज लगाई गई। कुछेक को कोविशील्ड भी लगाई गई। टीकाकरण फोकल पर्सन मनीषा चौहान से पाक विस्थापित रोजाना जानकारी मांगते रहे। लेकिन वे भी कुछ बता पाने की स्थिति में नहीं थी। चिकित्सा विभाग ने आज सुबह गंगाणा की स्कूल में बगैर किसी पूर्व सूचना के शिविर लगा दिया। शिविर शुरू होने तक पाक विस्थापित अपने-अपने काम पर जा चुके थे। मनीषा व अन्य लोगों ने फोन कर उन्हें वापस बुलाया। यहां पहुंचने पर उन्हें पता चला कि शिविर में सिर्फ कोविशील्ड ही उपलब्ध है। ऐसे में उन्हें फिर से निराश लौटना पड़ा। पाक विस्थापितों का कहना है कि आज विभागीय कर्मचारी शिविर में तीन सौ डोज लेकर आए थे। इनमें से आधी का भी उपयोग नहीं हो पाया। इनमें से कुछ लोगों ने वैक्सीन की पहली डोज लगवाई। पाक विस्थापितों का कहना है कि एक दिन पहले सूचना मिल जाती तो बड़ी संख्या में लोग इसका लाभ उठा सकते थे।

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