जोधपुर में CM के भाई के घर CBI का विरोध:सुबह मारा था छापा, घर से निकलते वक्त कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रास्ता रोका

जोधपुर3 महीने पहले
CM अशोक गहलोत के भाई (दाएं) के घर CBI टीम ने छापा मारा है। टीम में शामिल 10 अधिकारी जांच में जुटे हैं। मामला फर्टिलाइजर घोटाले से जुड़ा है। - Dainik Bhaskar
CM अशोक गहलोत के भाई (दाएं) के घर CBI टीम ने छापा मारा है। टीम में शामिल 10 अधिकारी जांच में जुटे हैं। मामला फर्टिलाइजर घोटाले से जुड़ा है।

मुख्यमंत्री गहलोत के भाई के घर और दुकान पर CBI ने छापा मारा है। अग्रसेन गहलोत पर आरोप है कि 2007 से 2009 के बीच फर्टिलाइजर बनाने के लिए जरूरी पोटाश किसानों में बांटने के नाम पर सरकार से सब्सिडी पर खरीदी और प्रोडक्ट निजी कंपनियों को बेचकर मुनाफा कमाया।

शुक्रवार देर रात टीम अग्रसेन गहलोत के घर से उनके बेटे-बेटी को साथ लेकर निकलने लगी तो युवक कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने CBI टीम का रास्ता रोक लिया। कार के आगे आकर नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने बड़ी मुश्किल से कार्यकर्ताओं को हटाया। CBI टीम यहां से महा मंदिर में गहलोत के पैतृक निवास पर गई थी।

इधर, मामले की जांच ED में भी चल रही है। कस्टम विभाग ने अग्रसेन की कंपनी पर करीब 5.46 करोड़ रुपए की पेनल्टी भी लगाई थी। अग्रसेन की अपील पर हाईकोर्ट ने ED से जुड़े मामले में उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी। अब इस मामले में CBI ने जांच शुरू की है।

गहलोत के भाई अग्रसेन के ठिकाने पर शुक्रवार सुबह यकायक CBI की टीम पहुंची। उस समय अग्रसेन घर पर ही थे। CBI की टीम में पांच अधिकारी दिल्ली और पांच अधिकारी जोधपुर से हैं। फिलहाल टीम के सदस्य जांच में जुटे हैं। अंदर किसी को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। एक टीम अग्रसेन की पावटा स्थित दुकान पर भी पहुंचने की सूचना आ रही है।

एक साथ 15 स्थानों पर कार्रवाई
सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि प्रतिबंधित पोटाश को नमक बता एक्सपोर्ट किया गया। 2007 से लेकर 2009 के दौरान सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज एंड कस्टम्स एंड मेसर्स इंडियन पोटाश लिमिटेड आदि ने अधिकारियों सहित अन्य लोगों के साथ एक साजिश रची थी। इसके तहत धोखाधड़ी से कुल 24003 मीट्रिक टन म्यूरेट की खरीद और निर्यात करने में मदद की थी। औद्योगिक नमक/फेल्डस्पार पाउडर की आड़ में पोटाश एक्सपोर्ट किया गया। इससे सरकार को 52.8 करोड़ रुपये (लगभग) की सब्सिडी का नुकसान हुआ। इसी को लेकर शुक्रवार को राजस्थान, गुजरात और पश्चिम बंगाल समेत 15 स्थानों पर सीबीआई की ओर से छापेमारी कर तलाशी ली गई।

यह था मामला
ED के अफसरों के मुताबिक अग्रसेन गहलोत की कंपनी अनुपम कृषि, म्यूरियेट ऑफ पोटाश (MOP) फर्टिलाइजर के एक्सपोर्ट पर बैन होने के बावजूद उसके निर्यात में शामिल थी। एमओपी को इंडियन पोटाश लिमिटेड (IPL) इम्पोर्ट कर किसानों को सब्सिडी पर बेचती है।

अग्रसेन गहलोत IPL के ऑथराइज्ड डीलर थे। 2007 से 2009 के बीच उनकी कंपनी ने सब्सिडाइज्ड रेट पर MOP खरीदा, लेकिन उसे किसानों को बेचने की बजाय दूसरी कंपनियों को बेच दिया। उन कंपनियों ने MOP को इंडस्ट्रियल सॉल्ट के नाम पर मलेशिया और सिंगापुर पहुंचा दिया।

डायरेक्ट्रोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस ने 2012-13 में फर्टिलाइजर घोटाले का खुलासा किया था। कस्टम विभाग ने अग्रसेन की कंपनी पर करीब 5.46 करोड़ रुपए की पेनल्टी भी लगाई थी। भाजपा ने 2017 में इसे मुद्दा बनाया। यह मामला अब फिर से चर्चा में आ गया है।

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