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केंद्रीय जलशक्ति मंत्री शेखावत का जताया आभार:औद्योगिक इकाइयों के एनओसी के लिए पुन: आवेदन करने पर केंद्रीय भूजल प्राधिकरण ने हटाया 1 लाख जुर्माने का प्रावधान

जोधपुरएक महीने पहले
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  • लघु उद्योग भारती ने केंद्रीय जलशक्ति मंत्री शेखावत का जताया आभार

औद्योगिक इकाइयों को अनापत्ति प्रमाण पत्र के पुन: आवेदन के लिए केंद्रीय भूजल प्राधिकरण ने लगने वाली एक लाख रुपए की जुर्माना राशि का प्रावधान हटा दिया है। इस संबंध में 17 जून को गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया। लघु उद्योग भारती जोधपुर अंचल अध्यक्ष शांतिलाल बालड़ ने बताया कि केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत को 14 मार्च को पत्र लिखकर इस संबंध में अवगत करवाया था। पत्र में लिखा कि कोरोना महामारी के कारण उद्यमी समय पर कागजी कार्रवाई पूरी नहीं कर पाए और विभाग 1 लाख रुपए की जुर्माना राशि वसूल कर रहा है। बालड़ ने बताया कि 100 केएलडी से अधिक पानी निकालने वाले उद्यमियों को एनओसी के लिए इंपैक्ट असाइनमेंट रिपोर्ट जमा करवानी थी। 1 जनवरी 2021 से यह रिपोर्ट देरी से जमा करवाने पर जुर्माने का प्रावधान था। लघु उद्योग भारती की मांग पर जलशक्ति मंत्रालय द्वारा 31 मार्च 2022 तक यह रिपोर्ट जमा करने पर जुर्माना माफ किया गया है।

इसी प्रकार पानी की ऑडिट समय सीमा भी 31 मार्च 2022 तक बढ़ा दी गई है। डिजिटल वाटर फ्लू मीटर की अनिवार्यता से भी 31 मार्च 2022 तक छूट प्रदान की गई है। केंद्रीय भूजल विभाग व राज्य सरकारों द्वारा अलग-अलग वसूले गए सेस पर भी छूट प्रदान की गई है। लघु उद्योग भारती ने छूट प्रदान करने के लिए शेखावत का आभार जताया।

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