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प्लास्टिक सर्जरी डे पर विशेष:जन्मजात विकृति, एक्सीडेंट में शरीर को पहुंचे नुकसान और सौंदर्य को बढ़ाने में प्लास्टिक सर्जरी महत्वपूर्ण, एमजीएच व एम्स में सुविधा

जोधपुर21 दिन पहले
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  • महिलाओं के साथ पुरुषों में भी प्लास्टिक सर्जरी का बढ़ रहा क्रेज, 1998 से हो रहा उपचार

बच्चों में जन्मजात विकृति, एक्सीडेंट के दौरान शरीर में हाथ-पांव का कट जाना, जल जाने पर या चेहरे पर नया निखार लाने के लिए चिकित्सा क्षेत्र में प्लास्टिक सर्जरी का प्रचलन बढ़ रहा है। इसमें महिलाओं के साथ पुरुषों में भी चलन बढ़ रहा है। जोधपुर में एमजीएच और एम्स दोनों में प्लास्टिक सर्जरी विभाग संचालित किया जा रहा है। दोनों ही अस्पतालों में हर साल हजारों प्लास्टिक सर्जरी की जा रही है। अधिकांश सर्जरी एक्सीडेंटल केस में की जा रही है।

एमजीएच में प्लास्टिक सर्जन डॉ. रजनीश गालवा ने बताया कि 1998 में एसएमएस के प्लास्टिक सर्जन डॉ. जीएस कालारा एमजीएच में हर माह के अंतिम गुरुवार को जयपुर से जोधपुर आते थे। शुक्रवार को यहां मरीजों को देखकर जिन मरीजों में ऑपरेशन की आवश्यकता होती, उनके अगले दिन शनिवार को ऑपरेशन करते थे।

एक दिन अपने ऑब्जर्वेशन में मरीजों की देखरेख कर रविवार शाम तक जयपुर लौट जाते थे। उनके साथ वर्तमान में नर्स ग्रेड फर्स्ट अरविंद अपूर्वा ओपीडी में सहयोग करते थे। वे आज भी नर्सिंग ओटी इंचार्ज है। ऐसा सिलसिला काफी सालों तक चला, लेकिन वर्तमान में अब हर तरह की प्लास्टिक सर्जरी की ओपीडी और ऑपरेशन नियमित रूप से एमजीएच में किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई ऑपरेशन यहां ऐसे हुए, जिसमें मरीज का हाथ कट कर शरीर से अलग हुआ, लेकिन उसको यहां की विशेषज्ञ टीम ने ऑपरेशन कर फिर जोड़ दिया। पीडियाट्रिक प्लास्टिक सर्जरी भी एमजीएच में की जा रही है।

कोरोनाकाल में भी 100 से अधिक प्लास्टिक सर्जरी एमजीएच में हुई
2011 में प्लास्टिक सर्जरी की जागरूकता बढ़ाने के लिए इंडियन एसोसिएशन ऑफ प्लास्टिक सर्जरी ने हर साल 15 जुलाई को नेशनल प्लास्टिक सर्जरी डे मनाए जाने के घोषणा की थी। इसके बाद से हर साल 15 जुलाई को यह मनाया जाता है। अपूर्वा ने बताया कि कोरोनाकाल में भी 100 से अधिक प्लास्टिक सर्जरी एमजीएच में की गई।

पूर्व में मरीजों को इलाज के लिए बाहर जाना पड़ रहा था। एम्स के प्लास्टिक सर्जन डॉ. प्रकाश काला ने बताया कि एम्स जोधपुर में 2017 में प्लास्टिक सर्जरी विभाग शुरू हुआ। अब तक यहां पर 2 हजार से ज्यादा सर्जरी हो चुकी है। कोरोना काल में मार्च-2020 के बाद अब तक 350-400 प्लास्टिक सर्जरी कर चुके हैं।

हर प्रकार की प्लास्टिक सर्जरी यहां की जा रही है। दुर्घटनाग्रस्त व्यक्तियों, जन्मजात कटे हुए होंठ, तालू, जलने के बाद, हाथ-पैर की अंगुलियों में विकृति, दुर्घटना में मांस का अलग होना, कैंसर सर्जरी के बाद चमड़ी सामान्य करना, जबड़े के फ्रैक्चर को लेकर भी कार्य किया जा रहा है।

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