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छीतर पत्थर से बने बरकतुल्लाह खान स्टेडियम की चमक लौटेगी:अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी के लिए 20 करोड़ रुपए से नए सिरे से शुरू हुआ निर्माण कार्य; इस स्टेडियम पर सचिन ने खेली थी 146 रनों की पारी

जोधपुर7 दिन पहले
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जोधपुर के बरकतुल्लाह खान स्टेडियम में बीस करोड़ की लागत से जिर्णोद्धार कार्य शुरू हो चुका है। फोटो एल देव जांगिड़ - Dainik Bhaskar
जोधपुर के बरकतुल्लाह खान स्टेडियम में बीस करोड़ की लागत से जिर्णोद्धार कार्य शुरू हो चुका है। फोटो एल देव जांगिड़

सूर्यनगरी के छीतर पत्थर से निर्मित देश के इकलौते बरकतुल्लाह खान स्टेडियम के कायाकल्प का कार्य शुरू हो गया है। अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम बनाने की दिशा में यह अहम कदम माना जा रहा है। बीस करोड़ की लागत से स्टेडियम का जीर्णोद्धार कार्य तेजी के साथ शुरू कर दिए गए है। स्टेडियम के साउथ ब्लॉक को पूरी तरह से तोड़कर नया बनाया जाएगा। वहीं नॉर्थ ब्लॉक में अलग से पवेलियन का निर्माण किया जाएगा। साथ ही मैदान व पिच की मिट्‌टी को पूरी तरह से खोद दिया गया है। इसे नए सिरे से संवारा जाएगा। अगले साल से यह स्टेडियम IPL के साथ ही अंतरराष्ट्रीय मैचों की मेजबानी के लिए पूरी तरह से तैयार हो जाएगा।

जोधपुर के बरकतुल्लाह खान स्टेडियम को अंदर से पूरी तरह से खोद दिया गया है।
जोधपुर के बरकतुल्लाह खान स्टेडियम को अंदर से पूरी तरह से खोद दिया गया है।

RCA के अध्यक्ष वैभव गहलोत इस पद पर काबिज होने के बाद से लगातार प्रयास कर रहे थे कि स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बना दिया जाए। ताकि, यहां पर अंतरराष्ट्रीय के साथ ही IPL के मैचों का आयोजन हो सके। स्टेडियम को नए सिरे से संवारने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने बेटे की मांग पर गत बजट में बीस करोड़ रुपए का प्रावधान किया था। अब इस स्टेडियम के कायाकल्प करने की जिम्मेदारी कश्मीर मूल के आईएएस अधिकारी व जेडीए आयुक्त कमर उल जमाल ने संभाल रखी है। वे सिविल इंजीनियर भी रह चुके हैं।

आज जमाल ने बताया कि स्टेडियम को देश के बेहतरीन स्टेडियमों में से एक गिना जाता है, लेकिन इसमें कुछ खामियां है. उन्हें दूर करने के बाद ही यहां पर अंतरराष्ट्रीय मैचों का आयोजन किया जा सकता है। काम हाथ में लेने से पूर्व हमने जांच कराई कि इसके अंदर का एरिना अंतरराष्ट्रीय मापदंडों के अनुरूप है या नहीं। यह एक दम परफैक्ट पाया गया है। इसके बाद हमने कार्य योजना तैयार की। इसके लिए जयपुर व बेंगलुरु की एक फर्म को सलाहकार बनाया गया है। साथ ही कार्यों के टेंडर भी हो चुके है और कार्य शुरू कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि दस दिन पूर्व मुख्यमंत्री के साथ बैठक में इस मसले पर चर्चा हुई थी। उस दौरान गहलोत ने कहा कि पूर्व में भी इस स्टेडियम में पैसा लगाया गया, लेकिन लाभ नहीं मिल पाया। ऐसे में इस बार पूरी योजना बनाकर कार्य को आगे बढ़ाया जाए। साथ ही स्थाई निर्माण पर फोकस किया जाए।

ये होंगे कार्य

  • स्टेडियम के भीतर की मिट्‌टी और पिच को पूरी तरह से खोद दिया गया है। नए सिरे से पिच को तैयार कराया जाएगा। साथ ही पांच अभ्यास पिच बनाई जाएगी। पिच के लिए काली मिट्‌टी हरियाणा से व लाल मिट्‌टी महाराष्ट्र से मंगाई जा रही है। वहीं मैदान में लॉन को नए सिरे से लगाया जाएगा।
  • साउथ पवेलियन को पूरी तरह से तोड़ा जा रहा है। इसे पूरा नया बनाया जाएगा। इसमें पांच सितारा होटल के समान खिलाड़ियों को बेहतरीन सुविधा मिल सकेगी। जिस तरह देश-विदेश के बड़े स्टेडियमों में सुविधाएं मिलती है। उसी तर्ज पर अत्यधुनिक सुविधाओं को जुटाया जाएगा।
  • वर्तमान में प्रैस व कमेंट्री के लिए स्टेडियम में स्थाई निर्माण नहीं है। ऐसे में नार्थ ब्लॉक में अलग से नया पवेलियन बनवाया जाएगा।
  • वेस्ट पवैलियन का नए सिरे से जीर्णोद्धार होगा। ताकि इसमें कुछ स्तरीय व नई सुविधाएं जुटाई जा सके।

ऐसा है स्टेडियम
पाल रोड पर बने इस विशाल स्टेडियम को निर्माण तत्कालीन यूआईटी अध्यक्ष मानसिंह देवड़ा ने वर्ष 1986-87 में कराया था। इसमें चालीस हजार दर्शकों के बैठने की क्षमता है। इस स्टेडिम में दो एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच आयोजित हो चुके हैं, लेकिन वर्ष 2002 के बाद यहां कोई बड़ा मैच आयोजित नहीं किया जा सका। इस स्टेडियम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह से जोधपुरी पत्थरों से निर्मित है। जोधपुर पत्थरों से तेज धूप में इसकी अलग ही आभा नजर आती है। इस स्टेडिम में शतक मार चुके महान क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर इसकी खूबसुरती के मुरीद रह चुके है।

दो इंटरनेशनल मैच का गवाह

  • बरकतुल्लाह खान स्टेडियम में पहला एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच भारत व जिम्बाब्वे के बीच 8 दिसम्बर 2000 को खेला गया था। इसमें सचिन तेंदुलकर के शानदार 146 रन की पारी के बावजूद भारत एक विकेट से हार गया था। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट के नुकासन पर 283 रन बनाए। जवाब में जिम्बाब्वे की टीम ने नौ विकेट खोकर अंतिम ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया।
  • दूसरा मैच भारत व वेस्टइंडीज के बीच में 21 नवम्बर 2002 को खेला गया था। जिसमें राहुल द्रविड़ की कप्तानी में भारत ने वेस्टइंडीज को तीन विकेट से हराया था। पहले खेलते हुए मेहमान टीम ने 201 रन बनाए। जवाब में भारत ने सात विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।
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