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ये तुगलकी फरमान:निगम दक्षिण ने 10% बढ़ाई रिजर्व रेट, 1,000 वर्ग फीट के भूखंड के लैंड यूज चेंज व नाम हस्तांतरण पर बढ़े डेढ़ से दो लाख रुपए

जोधपुर4 महीने पहले
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  • कोरोनाकाल में सरकार ने डीएलसी तक नहीं बढ़ाई और निगम ने पहले से 60-70% महंगी दर और बढ़ा दी

कोरोनाकाल में राज्य सरकार ने जहां डीएलसी रेट नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया, वहीं दक्षिण नगर निगम राहत देने की बजाय गला घोंटने वाले फैसले रहे रहा है। दक्षिण निगम ने दो माह पहले गुपचुप फैसला लेते हुए वर्ष 2015 की प्रस्तावित आरक्षित दर को 10% तक बढ़ोतरी के साथ लागू कर दिया। जबकि वर्ष 2015 की प्रस्तावित दर पहले से ही अनुमोदित आरक्षित दर से 60-70% अधिक थी। इस फैसले से 31 मार्च 2021 के बाद आरक्षित दरों में 50 से 55% की बढ़ोतरी होने लोगों से बड़ा झटका लगा है।

हर भूखंड मालिक अपने आपको ठगा सा महसूस कर रहा है। जबकि उत्तर नगर निगम ने 2015 अनुमोदित आरक्षित दर में 5% की बढ़ोतरी की है। दक्षिण निगम के इस तुगलकी फरमान का लोगों के साथ-साथ प्रतिपक्ष के कांग्रेसी पार्षदों भी दबी जुबान में विरोध कर रहे हैं। कुछ पार्षदों व जानकर लोग इसे लेकर आयुक्त दक्षिण से मिले भी, लेकिन उन्होंने कह दिया कि फैसला लागू कर दिया, आपको अतिरिक्त राशि चुकानी ही होगी।

गौरतलब है कि वर्ष 2015 में तत्कालीन भाजपा बोर्ड ने भी ऐसा ही फैसला कर लिया था, जिसका विरोध भी हुआ। इसके बाद तत्कालीन महापौर घनश्याम ओझा ने मामले की गंभीरता को समझते हुए जनहित में व्यावहारिक आरक्षित दर लागू की थी। उसी आरक्षित दर को अब दक्षिण आयुक्त डॉ. अमित यादव ने लागू कर दिया।

  • इन उदाहरण से समझें - भूखंड मालिकों की जेब पर पड़ेगा कितना अतिरक्त भार

1. शास्त्रीनगर के छोटे भूखंड पर डेढ़ लाख रुपए देने होंगे अतिरिक्त
शास्त्रीनगर के सेक्टर ए, बी व सी की आरक्षित दर 2,680 रुपए प्रति वर्ग फीट थी। यहां 1,000 वर्ग फीट के भूखंड पर नाम हस्तांतरण, भू-उपयोग परिवर्तन या भवन निर्माण की इजाजत लेनी होगी तो वर्तमान आरक्षित दर के हिसाब से डेढ़ लाख से अधिक की अतिरिक्त राशि निगम में जमा करवानी पड़ेगी।

निगम के आदेश के जारी होने के पहले प्रस्तावित आरक्षित दर 2650 रुपए (वर्ष 2015 में) प्रति वर्ग फीट थी, तीन साल के हिसाब से 5 फीसदी बढ़ोतरी के साथ 3,082 रुपए प्रति वर्ग फीट आरक्षित वसूली जा रही थी, लेकिन निगम 4,906 रुपए प्रति वर्ग फीट के हिसाब से 1.82 लाख रुपए अतिरिक्त वसूल करेगा।
2. सरदारपुरा में 1,000 वर्ग फीट पर बढ़ेंगे 2 लाख रुपए से अधिक
सरदारपुरा ए, बी व सी रोड पर 1000 वर्ग फीट के भूखंड के नाम हस्तांतरण व लैंड यूज चेंज करवाने के लिए निगम को 2 लाख से ज्यादा अतिरिक्त राशि चुकानी पड़ेगी। निगम इस बढ़ोतरी के आदेश के पहले 3,565 रुपए प्रति वर्ग फीट आरक्षित दर से वसूली कर रहा था।

लेकिन वर्ष 2015 की प्रस्तावित को 10% तक बढ़ाने से अब यह वसूली 3,565 रुपए प्रति वर्ग फीट की बजाय 5,676 रुपए प्रति वर्ग फीट से की जाएगी। इसके चलते नाम हस्तांतरण व लैंड यूज चेंज करवाने वाले भूखंड मालिक को निगम खाते में 2 लाख से ज्यादा की राशि जमा करवाने की मजबूरी होगी।

दक्षिण निगम में शासित भाजपा बोर्ड का यह फैसला जनता का गला घोंटने वाला है। निगम प्रशासन को इस फैसले को रिव्यू कर जनता को राहत पहुंचानी चाहिए।
- गणपत सिंह चौहान,

नेता प्रतिपक्ष, निगम दक्षिण
वैसे भी भूखंड की आरक्षित दर को डीएलसी से 40% फीसदी कम रखते हैं। आरक्षित दर को 2015 की प्रस्तावित दर से 10% तक ही बढ़ाया गया है।
- राहुल गुप्ता, चीफ टाउन प्लानर, निगम दक्षिण

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