कर्फ्यू में ढील, 10 थाना इलाकों से ग्राउंड रिपोर्ट:कोरोनाकाल में कर्फ्यू इतना झेला, अब नहीं चाहते; 35 इलाकों का जायजा

जोधपुर5 महीने पहले

जोधपुर में दंगों के बाद लगे कर्फ्यू में तीसरे दिन आज शुक्रवार को सुबह 8 से 10 बजे तक दो घंटे की ढील दी गई। इस दौरान पुलिस की सख्ती भी रही। भास्कर ने 10 थाना क्षेत्र के 35 से अधिक इलाकों से ग्राउंड का जायजा लिया। कुछ इलाकों में लोग दहशत में नजर आए तो कहीं रोष दिखा। लोग कर्फ्यू खत्म करने की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने सख्ती के साथ ढील दी । इधर लोगों का कहना है कि कोरोना काल में कर्फ्यू इतना झेल चुके हैं अब और नहीं झेल सकते।

सब्जी दूध किराना सामान के लिए निकले
ढील के दौरान जरूरी सामान के लिए लोग घरों से निकले। कई दुकानें ढील में भी नहीं खुली। सब्जी, दूध व किराना सामान के लिए लम्बी कतारें दिखी। 5 से अधिक लोगों के जुटने पर मनाही थी, लोग इसका पालन करते नहीं दिखे। कहीं कहीं भीड़ नजर आई। लोग वाहनों पर आते जाते दिखे। पुलिस रोकती टोकती नजर आई। पुलिस का जाब्ता व फ्लैग मार्च भीतरी शहर की तंग गलियों में नजर आया।

इन इलाकों का लिया जायजा
सुबह 8 बजे जालोरी गेट, जालप मोहल्ला, कुम्हारिया कुआ, खांडा फलसा, इकमीनार मस्जिद, निहारियों की मस्जिद, धान मंडी, चडवों की गली, तापी बावड़ी, असोप की पोल, जूनी मंडी, सींग पोल, सोनारो की घाटी, वीर मोहल्ला, नवचौकिया, चांद बावडी, बकरा मंडी, सिवांची गेट, मोचियों की गली, आडा बाजार,पुंगलपाड़ा, सीटी पुलिस, सराफा बाजार, मोती चोक, घंटाघर, नई सड़क, त्रिपोलिया बाजार, सोजती गेट, कबूतरों का चौक, घोड़ो का चौक, सोनारों का बास, सिलावटों की मस्जिद, नागौरी गेट उमेद चौक, उदयमंदिर के इलाकों का जायजा लिया।

गलियों में पुलिस का जमावड़ा रहा। ढील के दौरान लोग वाहनों पर आते जाते दिखे। पुलिस रोकती टोकती नजर आई।
गलियों में पुलिस का जमावड़ा रहा। ढील के दौरान लोग वाहनों पर आते जाते दिखे। पुलिस रोकती टोकती नजर आई।

कर्फ्यू से व्यापारी परेशान
जालोरी गेट से चांद बावड़ी मुख्य सड़क पर करीब 15 इलाकों में लोग सब्जी व दूध लेते नजर आए। सड़क पर लोगों की भीड़ भी कम नजर आई। लोग वाहनों पर निकल रहे थे लेकिन पुलिस रोक कर जांच कर रही थी। खांडाफलसा दूध के व्यापारियों ने कहा कि दो दिन से दूध खराब हो रहा है। गांवों में स्टॉक करवाया बाहर सेल किया। रुटीन के ग्राहकों को दूध नहीं मिल पा रहा है। व्यापारी तो परेशान हैं ही, ग्राहक भी परेशानी झेल रहे हैं। व्यापारी पुरुषोत्तम ने कहा कि कर्फ्यू खत्म होना जरुरी है। सभी परेशान हो रहे हैं, हमें भी घाटा हो रहा है।

कबूतरों का चौक निवासी मुकेश सोनी ने बताया कि जो व्यवस्था बनी है, उससे हर आदमी अनसिक्योर फील कर रहा है। आम आदमी को परेशानी हो रही है। प्रशासन कह रहा है कि हालात कंट्रोल में हैं। तो पुलिस इतनी गश्त क्यों लगा रही है। इससे दहशत तो बढ़ी ही है।

सांसद हमारे मोहल्ले में नहीं आए
सिलावटों का बास जहां दंगे भड़के थे वहां अब शांति है। वहां लोग बाहर आकर सामान खरीदते नजर आए। बच्चे भी घरों से बाहर घूमते दिखे। उन्होंने कहा- पहले अच्छा था अब पुलिस है। घर के बाहर खेलें कैसे। त्योहार पर किसी से मिलने नहीं गए। इधर भी दुकानों पर खासा भीड़ थी। साथ ही पुलिस की गश्त भी तेज थी। वहां निवासी यासीन ने कहा- लोग परेशान हैं, लोगों के पास खाने का सामान नहीं है। उन्होंने बताया कि 3 मई को जो स्थिति थी उसके बाद शांति है। उन्होंने कहा- सांसद हमारे मोहल्ले में नहीं आए। उन्हें हमसे भी पूछना था, क्या हुआ। हमारे मोहल्ले में मेहता साहब, लाला जी आदि रहते हैं कभी उनको परेशानी नहीं हुई।

बाजार निकले, खरीदारी की। जरूरी काम निबटाए। फिर घरों में लौट आए जोधपुरवासी।
बाजार निकले, खरीदारी की। जरूरी काम निबटाए। फिर घरों में लौट आए जोधपुरवासी।

स्थानीय निवासी सलीम ने बताया- 3 तारीख के बाद कोई घटना नहीं हुई। हम ईद दिवाली एक साथ मनाते हैं। आज से पहले ऐसी घटना नहीं हुई। हम आपसी प्रेम व भाईचारे से रहते हैं। सिलावटों के बास से आगे सोनारों के बास में 72 वर्षीय गजराज सिंघवी ने कहा-मेरी दुकान औजारों की है। मेरे दुकान के बाहर मुस्लिम भाई बैठे रहते हैं। कभी ऐसा माहौल नहीं हुआ। लेकिन उस दिन मुझे पैर में चोट लगी, दुकान में तोड़ फोड हुई। सब कैसे हुआ पता नहीं चला।

कोरोना से संभले थे, फिर हालात खराब
वहां महिलाओं में सुकन्या व रेणु सोनी ने बताया- पुलिस की निगरानी है इसलिए शांति है। दो घंटे की छूट में कुछ सामान लेने निकले है। दंगा हुआ उस दिन डरे थे अब डर नहीं है। शांति है। सब पहले जैसा होना चाहिए वापस। घंटाघर में लोगों ने कहा कि सब खत्म कर पहले जैसे होना चाहिए। वहां सब्जी लेने आए लोगों ने कहा कि ढील तो दी है लेकिन बाजार में सब्जी नहीं है। केवल आलू और प्याज लेकर घर जा रहे हैं। दुकानें बंद हैं जो खुली हैं वहां रेट डबल हैं। वहां सामान लेने आई बीनू ने बताया कि जीना मुश्किल हो गया। पब्लिक परेशान है। कोरोना के बाद बड़ी मुश्किल से सब सही हुआ, फिर से परेशान हो गए हैं।

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