पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

नेचुरल हिस्ट्री ऑफ डिजीज:घटता संक्रमण सिर्फ लॉकडाउन का असर नहीं, एकदम थमकर फिर बढ़ना कोरोना का व्यवहार, सचेत रहें

जोधपुर18 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • मई के पहले सप्ताह में 15,031 और पिछले 7 दिन में महज 1,530 रोगी मिले, लेकिन महामारी को हल्के में ना लें, एम्स ने भी चेताया...

शहर में पिछले एक सप्ताह से कोरोना के आंकड़े लगातार गिर रहे हैं। पिछले 7 दिनों में महज 1,530 ही संक्रमित मिले हैं। यानी औसतन 218 संक्रमित ही रोज मिल रहे हैं। जबकि इस माह के पहले सप्ताह में 15,031 संक्रमित मिले थे। संक्रमित इतना तेज था कि हर दिन औसतन 2,147 संक्रमित मिल रहे थे और प्रतिदिन 30 से अधिक मौतें हो रही थी।

यानी पिछले सात दिनों की तुलना में दस गुना अधिक तेजी से कोरोना फैल रहा था। अब संक्रमितों की मौतों में भी गिरावट आई है। पिछले तीन दिनों में तो रोजाना मौतों का आंकड़ा 10 से भी कम रहा है। हालांकि गंभीर मरीजों की स्थिति अब तक पूरी तरह नहीं सुधरी है।

अस्पतालों में लगातार गंभीर मरीज आ रहे हैं। ऐसे में कोरोना को हल्के में लेना भूल होगी। भास्कर ने जब संक्रमण की स्थिति को लेकर एम्स के विशेषज्ञों से बात की तो उन्होंने कहा कि यह सही है कि कोरोना की रफ्तार धीमी हुई है, लेकिन हमें पूरी तरह सचेत रहने की आवश्यकता है, क्योंकि यह नेचुरल हिस्ट्री ऑफ डिजीज है।

सामान्य भाषा में कहें तो कोरोना हमें आगे की तैयारी के लिए वक्त दे रहा है। हर महामारी पहले बढ़ती हैं, फिर एकदम रुक जाती है और सामान्य स्थिति में होने पर फिर एकाएक बढ़ जाती है। जैसे जनवरी-फरवरी में ना के बराबर संक्रमित मिल रहे थे, लेकिन मार्च के अंत तक महामारी फिर विकराल हो गई। ऐसे में आशंका है कि सिंतबर-अक्टूबर तक कोरोना की तीसरी लहर आ सकती है।

एक्सपर्ट्स बोले हमें राहत के दिनों में भविष्य की तैयारी की जरूरत, जरा-सी लापरवाही भारी पड़ने की आशंका
शहर में कोरोना के मरीज बेशक कम हो रहे हैं, जो सकारात्मक बात है, लेकिन प्रशासन व जनता को बहुत सचेत रहने की जरूरत है। जब तक आंकड़ा जीरो नहीं हो जाता तब तक इसी गति से काम करते रहे। हमें आगे की तैयारी करनी होगी, क्योंकि संक्रमण फिर कब तेजी पकड़ लें कह नहीं सकते।
- इंद्रजीत सिंह, कलेक्टर, जोधपुर

संक्रमितों की संख्या में आ रही कमी बीमारी के नेचर की वजह से है, जो पिछले एक सप्ताह में देखने को मिली है। मौतों में भी कमी आई हैं, लेकिन अभी भी हर रोज 10 या 5 से ज्यादा मौतें हो रही हैं। हां, यह जरूर है कि पूरे देश, राजस्थान के साथ जोधपुर में भी मरीजों के नंबर कम हो रहे हैं।
- डॉ. पंकज भारद्वाज, एपेडेमिकलॉजिस्ट, एम्स

संक्रमितों की कम होती संख्या कहीं ना कहीं लॉकडाउन का भी असर है। गांव-ढाणियों से भी लोग शहर में कम आ रहे हैं। महामारी अब ढलान पर है, लेकिन हम सभी को अभी सतर्क रहना होगा। ऐसा ही अनुशासन कुछ और दिन बनाकर रखना पड़ेगा, जिससे कोरोना की चेन टूट सकें।
- डॉ. एसएस राठौड़, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज

खबरें और भी हैं...