20 वर्षीय युवती एमजीएच में 17 दिन के बाद स्वस्थ:रीढ़ की हड्‌डी में विकृति, फेफड़े थे छोटे 60 लीटर प्रति मिनट O2 दे राहत दी

जोधपुर10 दिन पहले
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इलाज के दौरान 60-70 लीटर प्रति मिनट के हिसाब से ऑक्सीजन दी। - Dainik Bhaskar
इलाज के दौरान 60-70 लीटर प्रति मिनट के हिसाब से ऑक्सीजन दी।

रीढ़ की हड्‌डी में डबल विकृति के साथ बौनापन और फेफड़े छोटे होने से सांस की दिक्कत से पीड़ित मालियों का बास निवासी 20 वर्षीय युवती का एमजीएच में 17 दिन इलाज कर राहत दी। वह 18 दिसंबर को एमजीएच आईसीयू में भर्ती हुई थी।

अधीक्षक डॉ. राजश्री बेहरा ने बताया कि वह पहले गंगानगर व जोधपुर में कई जगह डॉक्टरों को दिखा चुकी थी। तबीयत अधिक खराब होने पर एमजीएच में एनेस्थिसिया विभाग के अन्तर्गत भर्ती कर चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में निशुल्क इलाज किया गया।

आईसीयू इंचार्ज नवीन पालीवाल ने बताया कि बीमारी में गर्दन और पीठ की हड्‌डी में कर्व होने से मरीज उम्र से अधिक दिखने लगता है। मरीज का कद भी बीमारी के चलते सामान्य से कम था। सांस लेने में दिक्कत पर सामान्य मरीज को कृत्रिम नली डालकर सीधे फेफड़ों तक ऑक्सीजन दी जाती है, लेकिन इस मरीज के फेफड़ों इतने छोटे थे कि प्रेशर से ऑक्सीजन देते तो फेफड़े फटने की संभावना थी। ऐसे में बाहरी प्रेशर के साथ नाक के माध्यम से ऑक्सीजन दी गई। मरीज को इलाज के दौरान 60-70 लीटर प्रति मिनट के हिसाब से ऑक्सीजन दी।

एंटीबायोटिक दवाएं भी दीं। करीब 17 दिन इलाज के बाद अब मरीज स्वस्थ है और खुद चलकर अपने घर गई। इलाज करने वाली टीम में एनेस्थिसिया विभागाध्यक्ष डाॅ. एमएल टाक, सीनियर प्रोफेसर डाॅ. आरके सोलंकी, आईसीयू प्रभारी सहआचार्य डाॅ. नवीन पालीवाल, सीनियर रेजिडेंट्स डाॅ. सुखदेव राम, जूनियर रेजिडेंट्स डॉ. लक्ष्मण, डाॅ. हितेन्द्र, डाॅ. सोनाली व स्टाफ महादेवी शर्मा, आईसीयू नर्सिंग प्रभारी पवन, ममता, दिनेश शामिल थे।

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