जोधपुर में ओमिक्रॉन या डेल्टा वैरिएंट:जीनोम सिक्वेंसिंग जांच मशीन के लिए देरी, जयुपर से रिपोर्ट आने में होगी देरी

जोधपुर4 महीने पहले
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कोरोना की तीसरी लहर का आगमन हो चुका है, लेकिन जोधपुर में अभी तक इसके खतरनाक माने जाने वाले वैरिएंट डेल्टा व ओमिक्रॉन की जांच शुरू नहीं हो पाई है। जनवरी के प्रथम सप्ताह में जांच शुरू होनी थी, लेकिन अभी तक मशीन ही जोधपुर नहीं पहुंची है। अब कहा जा रहा है कि दस जनवरी तक मशीन आ पाएगी। इसके अभाव में यह पता नहीं चल पा रहा है कि जोधपुर में डेल्टा है या ओमिक्रॉन वैरिएंट। जांच के लिए जोधपुर पूरी तरह से जयपुर पर निर्भर है। वहीं जयपुर में कोरोना के संक्रमित बहुत बड़ी संख्या में आ रहे है। ऐसे में वहां के सैंपल की जांच भी समय पर नहीं हो पा रही है। ऐसे में जोधपुर के सैंपलों का नंबर तक नहीं लग पा रहा है।

जोधपुर में कोरोना बेहद डरावनी रफ्तार के साथ फैल रहा है। तीन दिन में मरीजों की संख्या में बहुत तेज उछाल देखने को मिल रहा है। जोधपुर में गुरुवार को एक साथ 360 संक्रमित सामने आए। बुधवार को 230 संक्रमित मिले थे। आज संक्रमण दर दो अंकों में दस फीसदी के खतरनाक स्तर तक जा पहुंची। इसके साथ ही एक्टिव मरीजों की संख्या 870 तक जा पहुंची है।

सबसे बड़ी परेशानी यह है कि वायरस के वैरिएंट की पहचान नहीं हो पा रही है। सभी रोगियों के सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए जयपुर तो भेजे जा रहे हैं, लेकिन वहां से रिपोर्ट नहीं आ रही। ऐसे में शहर में ओमिक्रॉन वैरिएंट फैल रहा है या डेल्टा, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। जोधपुर में अभी तक ओमिक्रॉन के तीन मरीज सामने आए. जयपुर से इनकी रिपोर्ट इतनी विलम्ब से आई कि ओमिक्रॉन वैरिएंट का पता लगने से पहले मरीज ठीक हो चुके थे।

जोधपुर में जीनोम सिक्वेंसिंग जांच करने वाली 1.95 करोड़ की मशीन मेडिकल कॉलेज में स्थापित की जानी है। यह मशीन पहले एक जनवरी से शुरू होने वाली थी, लेकिन अभी तक मशीन जोधपुर पहुंच नहीं पाई है। अब कहा जा रहा है कि यह मशीन दस जनवरी तक जोधपुर पहुंचेगी। उसके बाद जांच शुरू हो पाएगी।