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कोरोना का कहर:पहली लहर में मां को खोने के सदमे से उबरे नहीं, दूसरी लहर में 10 दिन में पत्नी, भाई व भांजे को खोया

जोधपुर2 महीने पहलेलेखक: नरेश आर्य
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अकाउंटेंट भंसाली बोले- कोरोना ने मेरी कमर नहीं, मुझे भी पूरी तरह तोड़ दिया, कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें और खुद के साथ अपनों को बचाएं। - Dainik Bhaskar
अकाउंटेंट भंसाली बोले- कोरोना ने मेरी कमर नहीं, मुझे भी पूरी तरह तोड़ दिया, कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें और खुद के साथ अपनों को बचाएं।

एक निजी कॉलेज में अकाउंटेंट की नौकरी करने वाले राजेंद्र भंसाली एक महीने बाद ही रिटायर होने वाले हैं। कोरोना की पहली लहर में मां पॉजिटिव हुई। काफी कोशिशों के बावजूद वह ठीक नहीं हो पाई और मृत्यु हो गई। उस सदमे से उबरे ही नहीं थे कि उन पर एक बार फिर कोरोना का कहर टूट पड़ा। दूसरी लहर में पत्नी, भाई व भांजे को खो दिया। यह सब मौतें महज 10 दिन के अंतराल में हो गईं। पूरी तरह से टूट चुके भंसाली का कहना है, कि कोरोना ने मेरी कमर नहीं, बल्कि ही मुझे ही पूरी तरह तोड़ दिया है। बड़ी घातक बीमारी है, मैं कोरोना की पीड़ा को भुगत रहा हूं, प्लीज कोरोना प्रोटोकॉल का पालन कीजिए खुद और अपनों को बचाएं।

सरस्वती नगर स्थित नाकोड़ा कॉलेज में अकाउंटेंट पहली लहर में मां को खोने के बाद खासी सावधानी बरत रहे थे। लेकिन उनके छोटे भाई वीरेंद्र को कैंसर हो गया। इस खबर ने उन्हें झकझोर दिया। उनका एम्स में इलाज चल रहा था और कीमोथैरेपी के लिए जाना पड़ता था। इसके लिए उनका बेटा पीयूष भंसाली भी साथ जाता।

परिवार के सभी सदस्य आ गए पॉजिटिव
उनके भाई कोरोना पॉजिटिव हो गए। जब उन्होंने खुद का, पत्नी कंचन, बेटे पीयूष व बेटी टीना ने सैंपल दिए तो सभी पॉजिटिव आ गए। इस बीच 23 अप्रैल को उनके भाई का निधन हो गया। सभी होम क्वारेंटाइन ही थे। 3 दिन बाद 26 अप्रैल को भांजे वैभव सिंघवी का भी निधन हो गया।

कोरोना में संभलने का मौका नहीं मिला
इसी दौरान पत्नी की तबीयत ज्यादा खराब होने पर 1 मई को एमजीएच में भर्ती करवाया। काफी मशक्कत व इंतजार के बाद ऑक्सीजन सिलेंडर तो मिल गया, लेकिन तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और उन्हें वेंटीलेटर पर लेना पड़ा। 2 मई रात 8 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। भंसाली के बेटे-बेटी अविवाहित हैं।

कोरोना भयावह और घातक, खुद को बचाएं
पूरी तरह टूटे भंसाली बोले- कोरोना भयावह व घातक है। सावधानी रखने के बावजूद इसकी चपेट में आ गए। कोरोना ने मेरी कमर नहीं बल्कि मुझे ही पूरी तरह तोड़कर रख दिया है। बस इतना ही कहना है कि आमजन कोराेना गाइडलाइन की पालना करें और कोविड से खुद के साथ अपनों को बचाएं।

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