• Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Jodhpur
  • Dil Ka Khayal Is Now Through Digital Medium, Patients Are Still Taking Advantage Of The Digital Health Concept Started In The Kovid Era In AIIMS Jodhpur

वर्ल्ड हार्ट डे स्पेशल:दिल का खयाल अब  डिजिटल माध्यम से, कोविड दौर में शुरु हुई डिजिटल हेल्थ कॉन्सेप्ट  का जोधपुर एम्स में अब भी मरीज ले रहे है फायदा

जोधपुर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
घर बैठे प्राइमरी प्रिवेंशन व सेंकेडरी प्रिवेंशन ले सकते है। - Dainik Bhaskar
घर बैठे प्राइमरी प्रिवेंशन व सेंकेडरी प्रिवेंशन ले सकते है।

दिल के मरीजों के लिए डिजिटल हेल्थ किसी वरदान से कम नहीं। कोविड दौर में शुरू हुई डिजिटल हेल्थ को डॉक्टर्स व मरीज दोनों लगातार जारी रखे है। डॉक्टर्स का कहना है कि नए दौर का यह नया माध्यम भविष्य में निरंतर जारी रहेगा क्योंकि इसके बैनिफिट ज्यादा है। इधर मरीजों का भी कहना है कि फोलोआप चेकअप, के लिए सबसे अच्छा माध्यम। समय की बचत तो होती ही है डॉक्टर्स से कंसल्ट भी अच्छे से कर सकते है।

घर बैठे प्राइमरी प्रिवेंशन व सेंकेडरी प्रिवेंशन ले सकते है

जोधपुर एम्स का कार्डियोलॉजी विभाग पिछले डेढ वर्ष से टेलिमेडिसन पर ह्रदय रोगियों को परामर्श दे रहा है। इस दौरान लाखों मरीजों ने डॉक्टर्स से घर बैठे प्राइमरी प्रिवेंशन व सेंकेडरी प्रिवेंशन यानी ह्रदय रोगी हार्ट अटेक के बाद का फोलोअप लेते रहे। साथ ही चेकअप के बाद अपने हार्ट का फिटनेस लेवल जानते रहे। कोविड दौर में जहां अस्पताल में ओपीडी बंद थी वहां डिजिटल हेल्थ के माध्यम टेलीमेडिसन से जोधपुर एम्स के डॉक्टर ने हर दिन करीब 50 से अधिक मरीजों को परामर्श दिया है। और ओपीडी की शुरुआत के बाद भी डॉक्टर्स व मरीज इस तकनीक का इस्तेमाल कर रहे है।

भविष्य की ताकत

एम्स के कार्डियोलॉजी एडिश्नल प्रोफेसर डॉक्टर सुरेन्द्र देवड़ा का कहना है कि डिजिटल हेल्थ चिकित्सा विभाग की भविष्य की ताकत है। उन्होंने बताया कि यह माध्यम कोरोना काल में शुरु हुआ लेकिन आगे भी जारी रहना चाहिए। टेलिमेडिसन के माध्यम से फिजिकल विजिट के बाद फोलोअप में और बॉडी की जांच के बाद ह्रदय कितना सही है इसको लेकर डॉक्टर से कंसल्ट करने का अच्छा माध्यम है। गंभीर मरीज ही फिजिकल अस्पताल पहुंचें। उन्होंने बताया कि हर व्यक्ति को वर्ष में एक बार अपने ह्दय की फिटनेस जांचनी चाहिए।

समय की बचत

वर्तमान में जहां डॉक्टर की कमी और मरीजों की अधिकता है ऐसे दौर में टेलिमेडिसिन से ज्यादा मरीजों को फायदा मिल सकता है। मरीजों को घर बैठे ही डॉक्टर की सलाह मिलने से समय की बचत भी हो रही है। वहीं लोगों के मन में बीमारी को लेकर कई भ्रांतियां है वह भी दूर हो जाती है।

ऐसे रखे दिल का ख्याल

25 की उम्र के बाद अपने हर बर्थडे पर BP, ब्लड शुगर, ब्लड केलेस्ट्रॉल और hs-CRP टेस्ट जरुर करवाना चाहिए। इससे ह्रदय कितना फिट है इसकी जानकारी मिल जाती है। इस टैस्ट से हार्ट अटेक के खतरे से पहले ही बचा जा सकता है।

जानिए अपने दिल के बारे में

  • हार्ट का वजन- 1 पोंड यानी 400 ग्राम।
  • एक दिन में 1 लाख 15 हजार बार धड़कता है।
  • 2 हजार गैलन ब्लड को नसों में फैंकता है ।

इसलिए मनाते है यह दिन

विश्व ह्दय दिवस की शुरुआत 1999 में हुई। नोन कम्युनिकेबल डिजिज में हार्ट अटेक से मौते विश्व भर में नम्बर वन पर है। यानी पूरे विश्व में मौतों के आंकड़ों में हार्ट अटैक से मरने वाले मरीज सबसे ज्यादा है। ऐसे में ह्दय के प्रति जागरुकता फैलाने के लिए वर्ल्ड हार्ट डे मनाया जाता है।

खबरें और भी हैं...