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यात्रियों को समस्या:फास्टैग से बैलेंस कटने पर भी दुगुना कैश वसूला, साथ में टोलकर्मियों की बदसलूकी भी

जोधपुर11 दिन पहले
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  • फास्टैग होने के बावजूद ब्यावर-पिंडवाड़ा एवं डोली टोल प्लाजा पर वाहन चालकों को परेशानी
  • कई बैंक या अन्य सेवा प्रदाता के प्रतिनिधि उपलब्ध नहीं होने से टोल प्लाजा पर नहीं मिलता समाधान

नेशनल हाईवे पर विभिन्न टोल प्लाजा पर कतार में वाहनचालकों को ठहरना नहीं पड़े, इसके लिए फास्टैग की व्यवस्था शुरू हुई। हालांकि फास्टैग बैलेंस होने के बावजूद इसके सिस्टम में सेवा प्रदाता या किसी अन्य स्तर पर हो रही तकनीकी खराबी का खामियाजा कई वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है। शहर के विभिन्न इलाकों में स्थित टोल प्लाजा पर ऐसे उदाहरण सामने आ रहे हैं।

इनमें टोल प्लाजा पर ओटोमैटिक सिस्टम से रुपए तो कट जाते हैं, लेकिन वहां लगे कंप्यूटर पर नजर नहीं आते। ऐसे में उन लोगों से कैश में दोगुना राशि वसूल की जाती है। हैरानी की बात है कि इस सब झमेले में परेशान वाहन चालकों को मौके पर फास्टैग सेवाएं देने वाली बैंक या कंपनी के कोई प्रतिनिधि भी नहीं मिलते हैं।

इनमें से चुनिंदा लोग अपनी पीड़ा को सोशल मीडिया के जरिए भी जाहिर करते हुए एनएचएआई, एनपीसीआई व अन्य स्तर पर अपनी शिकायत पहुंचा रहे हैं। इनमें कैश में दोगुना पेमेंट और वॉलेट से भी ऑटोमैटिक राशि कटना सबसे बड़ी परेशानी है। एनपीसीआई से कौनसी राशि रिफंड की जाएगी और इसमें भी कितना समय लगाया जाएगा, इसका जवाब देने वाला कोई नहीं है।

बैलेंस कटने का मैसेज दिखाने पर भी नहीं माने -
नितिन माथुर ने एनएचएआई व केंद्रीय मंत्री को शिकायत करते हुए बताया कि उनके पेरेंट्स को जोधपुर से उदयपुर आते समय अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ा। कार पर लगे फास्टैग में पर्याप्त बैलेंस था। ब्यावर-पिंडवाड़ा रोड स्थित टोल प्लाजा पर बैठे बूथ ऑपरेटर ने बदसलूकी शुरू कर दी। जबकि उनके फास्टैग से बैलेंस कटने का मैसेज भी आ चुका था। ऑपरेटर ने फास्टैग काम नहीं करना बताते हुए नकद में दोगुना राशि वसूल कर ली।

फास्टैग लगा होने पर भी लेते रहे कैश
मनीष पटेल ने शिकायत करते हुए बताया कि जोधपुर से बाड़मेर जाते समय डोली टोल प्लाजा पर फास्टैग यूजर्स के लिए अलग लाइन ही नहीं थी। सभी बूथ पर ऑपरेटर कैश लेकर गाड़ियों को निकाल रहे थे। ऐसे में फास्टैग लगी गाड़ियों को भी अनावश्यक कतार में लगना पड़ा।

कभी कभार रहता है टेक्निकल इश्यू, रुपए कटने का एसएमएस देखकर भी जाने दे रहे
जोधपुर-बाड़मेर रोड पर डोली स्थित टोल प्लाजा के प्रबंधक मनोज कुमार बताते हैं कि फास्टैग अनिवार्य होने के बाद सभी लेन इसी श्रेणी में कर दी गई थी। बिना फास्टैग वाली गाड़ियों से नियमानुसार दोगुना शुल्क लिया जाता है। यदि किसी वाहन पर फास्टैग लगा है और टोल प्लाजा पर बैलेंस कटने के बाद भी सर्वर में तकनीकी खराबी से दिक्कत होती है तो रुपए कटने का मैसेज देखकर भी उन वाहनों को जाने देते हैं।

सर्विस प्रोवाइडर्स आईडीएफसी, कोटक, आईसीआईसीआई के प्रतिनिधि दिन में उपलब्ध रहते हैं। आईडीबीआई व पेटीएम के प्रतिनिधी दिन-रात यहां रहते हैं। बैंक या वॉलेट कंपनी या अन्य स्तर सर्वर में कभी कभार दिक्कत होती है, तो संबंधित तक इसकी सूचना पहुंचा देते हैं।

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