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माचिया सफारी पार्क:वन्यजीवों को कोरोना से बचाने की कवायद, पीपीई में काम कर रहे कर्मचारी, भोजन की किया जा रहा है ट्रीट

जोधपुर.एक महीने पहले
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जोधपुर के माचिया पार्क में वन्यजीवों के पिंजरे के बाहर पीपीई सूट पहन सफाई करता एक कर्मचारी। - Dainik Bhaskar
जोधपुर के माचिया पार्क में वन्यजीवों के पिंजरे के बाहर पीपीई सूट पहन सफाई करता एक कर्मचारी।

जोधपुर में कोरोना की सुनामी से माचिया सफारी पार्क के वन्यजीवों को बचाने की कवायद शुरू कर दी गई है। आम जनता के लिए इसे बंद करने के बाद अब वन्य जीवों को कोरोना से बचाने के लिए न केवल कर्मचारियों की सघन जांच की जा रही है बल्कि इन्हें भोजन देने व सफाई करने वाले कर्मचारी तक पीपीई किट पहन काम कर रहे हैं। साथ ही वन्य जीवों के भोजन को ट्रीट करके ही उन्हें दिया जा रहा है।

माचिया में शेरों के पिंजरे के बाहर सैनेटाइज करता एक कर्मचारी।
माचिया में शेरों के पिंजरे के बाहर सैनेटाइज करता एक कर्मचारी।

हैदराबाद में जू के कुछ शेरों के कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद सेंट्रल जू अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इस बारे में गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत ही माचिया के वन्य जीवों की रक्षार्थ अब पूरी सावधानी बरती जा रही है। माचिया में तैनात डॉक्टर ज्ञान प्रकाश ने बताया कि वन्य जीवों को कोरोना से बचाने के लिए यहां कई कदम उठाए गए है। सबसे पहले माचिया में आने वाले कर्मचारियों का तापमान रोजाना जांचा जा रहा है।

माचिया के डॉ. ज्ञान प्रकाश।
माचिया के डॉ. ज्ञान प्रकाश।

वहीं इनके निकट सफाई करने वाले कर्मचारियों व पिंजरे में खाना पहुंचाने वाले कर्मचारियों के लिए पीपीई सूट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। पूरे क्षेत्र में हाइपोक्लोराइड का छिड़काव किया जा रहा है। वहीं पिंजरों में फ्यूमिगेशन किया गया है। वन्य जीवों को दिए जाने वाले मीट को पहले गाइड लाइन के अनुसार 65 से 70 डिग्री तक गरम पानी में दस मिनट तक भिगो कर रखा जाता है। उसके बाद उन्हें दिया जा रहा है। गरम पानी में रखने से इनमें मौजूद किसी भी तरह के कीटाणु नष्ट हो जाते हैं।

सामान्यतया वन्यजीव खुले एनक्लोजर में रहते हैं, लेकिन खाना अपने पिंजरे में खाते है। ऐसे में उन्हें खुले एनक्लोजर में डाल पिंजरे की नियमित सफाई की जा रही है। हैदराबाद में हुई जांच में सामने आया था कि कोरोना संक्रमित कर्मचारी के कारण वहां के शेरों में कोरोना फैला था। ऐसे में यहां रहने वाले वन्यजीवों को कोरोना से बचाने को पूरी कवायद की जा रही है। फिलहाल सभी जानवर एकदम सुरक्षित हैं।

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