इंटेलिजेंस ने करवाया मामला दर्ज:पाकिस्तान के नागरिकों का वीजा बनाने के लिए लगाए फर्जी दस्तावेज

जोधपुर13 दिन पहले
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जोधपुर में कचहरी परिसर मै एफ आर ऑफिस के पास कुछ टाइपिस्ट पाकिस्तान के नागरिकों के लिए दस्तावेज तैयार करते है। इन टाइपिस्ट द्वारा ने फर्जी दस्तावेज लगा कर वीजा बनाने का मामला सामने आया है। इंटेलिजेंस द्वारा जांच करने पर दस्तावेज फर्जी पाए गए जिस पर इंटेलिजेंस ने उदयमंदिर थाने में मामला दर्ज करवाया है।

इंटेलिजेंस द्वारा पाकिस्तान के नागरिकों द्वारा आवेदन किए गए वीजा के कागज की जांच की। इस दौरान में उनके वीजा के लिए स्थानीय गारंटर की भी जांच की गई। कागज जांचने पर गारंटर के दस्तावेज वैरिफाइ करने वाले राजपत्रित अधिकारी की जांच हुई तो वह दस्तावेज फर्जी निकले। फर्जी सील व साइन कर गारंटर को वैरिफाइ किया गया। इस पर गारंटर से पूछताछ में सामने आया कि उन्होंने दस्तावेज कोर्ट परिसर में केबिन लगा कर बैठे टाइपिस्ट सोहेल व अशोक से कागजात तैयार करवाए। इस पर निरीक्षक पुलिस प्रभारी पारपत्र एवं विदेशी अनुभाग इंटेलिजेंस एस डी मोहनदास ने टाइपिस्ट सोहेल रोहानी, चिरंजीत उर्फ अशोक और गारंटर महाराज व नरसिंह के खिलाफ मामला दर्ज करवाया।

PRC जांच में हुआ खुलासा

पाकनागरिकों को भारत में आने के लिए वीजा की जरुरत होती है। इस वीजा का आवेदन भारत में रहने वाले अपने रिश्तेदार व भारतीय गारंटर का उल्लेख करना होता है। और इस पर राजपत्रित अधिकारी के हस्ताक्षर करवा कर पाक नागरिक को भिजवाया जाता है। जिसके आधार पर पाक नागरिक द्वारा भारतीय उच्च् आयोग अपना वीजा आवेदन प्रस्तुत किया जाता है। इसकी जांच गृह मंत्रालय से होती है गृह मंत्रालय भारत सरकार से प्रीयोर रेफरेल चैक PRC जांच इंटेलिजेंस कार्यालय से होकर ऑनलाइन गृह मंत्रालय भारत सरकार को भिजवाई जाती है। इसके आधार पर भारतीय उच्च् आयोग द्वार पाक नागरिक को भारत आने का वीजा जारी किया जाता है।

PRC जांच में पाक नागरिकों के स्थानीय गारंटर से स्पोंसंरशिप सेर्टिफिकेट जो कि एक निर्धारित परफोर्मा में होता है वह लिया जाता है। इसमें पाक नागरिक का विवरण उसकी फोटो, पाक नागरिक के स्थानीय गारण्टर का विवरण, फोटो और जिस प्रथम श्रेणी राजपत्रित अधिकारी द्वारा प्रमाणित किया जाकर जारी किया जाता है इसके अलावा राजपत्रित अधिकारी द्वारा अपने परिचय पत्र की फोटो कॉपी भी दी जाती है।

इनके जांचे दस्तावेज

इंटेलिजेंस ने पाक नागरिक घमन लाल, रमती, हमालती, देव प्रकाश, केवल, पुष्पा कुमारी, आशा कुमारी,राजकुमार, लछमी, इनके गारंटर बोरानाडा निवासी महाराज है। पाक नागरिक प्रीतम, गौरम राम,इसका गारंटर नरसिंह है। दोनो गारंटर द्वारा जब स्पोंसर सेर्टिफिकेट के साथ उनके पहचान पत्र, आवास प्रमाण पत्र आदि दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। इन दस्तावेजों को जब इंटेलिजेंस ने जांचा तो स्पोंसर शिप सेर्टिफिकेट पर इसुइंग ऑफिसर वेरिफायर के तौर पर गौतम पूरी गोस्वामी व्याख्याता राज उच्च माध्यमिक विद्यालय भदवासियाअंकित था। साथ ही दस्तावेज पर गौतम पूरी गोस्वामी द्वारा ही स्थानीय गारण्टर की फोटो सत्यापित कर साइन व मोहर लगा रखी थी। लेकिन जब इंटेलिजेंस गौतम पूरी गोस्वामी तक पहुंची तो उसने स्पोनसरशिप सेर्टिफिकेट जारी करने से इन्कार कर दिया। साथ ही उसने कहा कि वह गारंटर को जानता तक नहीं है।

जोधपुर से पाकविस्थापितों को भेज चुके है पाकिस्तान

बताया जा रहा है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जोधपुर से कई पाकविस्थापित वापस पाकिस्तान भी जा चुके है। दो माह पहले एक बस को करवड थाना क्षेत्र में राेका गया था। उसमें 99 लाेग पाकिस्तान जाने के लिए सवार थे।

बस को रोकने के बाद यह लोग ट्रेन से वाघा बॉर्डर तक चले गए। लेकिन उनके पास रवानगी नहीं होने से उन्हें बॉर्डर पर ही रोक लिया गया और अभी तक वे बॉर्डर के पास सडक किनारे दिन काट रहे है।