फर्जी किन्नरों को निर्वस्त्र कर बाजार में निकाला जुलूस:मेरठ से जोधपुर में आकर फर्जी किन्नर करते थे कलेक्शन, गादीपति अध्यक्ष ने नग्न करवाकर 2  किलोमीटर तक पैदल बाजार में घुमाया

जोधपुर2 महीने पहले
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निर्वस्त्र कर पूरे बाजार में घुमाया। - Dainik Bhaskar
निर्वस्त्र कर पूरे बाजार में घुमाया।

जोधपुर के मंडोर क्षेत्र में फर्जी किन्नरों को निर्वस्त्र कर दो किलोमीटर तक जुलूस निकाला। निर्वस्त्र युवक पांव में पायल पहन सर पर ढोलक लेकर मंडोर क्षेत्र में पैदल घूमें। इस दौरान क्षेत्र में भीड़ इकट्‌ठा हो गई। शहर में इस तरह का तमाशा देख लोग अचंभित हुए। इधर सूचना मिलने के बाद भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची।

दो किलोमीटर तक घुमाया

मंडोर क्षेत्र में करीब दो किलोमीटर तक नग्न अवस्था में इन युवकों को घुमा कर असली किन्नर उन्हें वहां-वहां ले गए जहां-जहां उन्होंने बधाईयां वसूल की थी। क्षेत्र के लोग लंबे समय से किन्नरों से परेशान थे। क्षेत्रवासियों का कहना है कि सुबह 7 बजे आकर दरवाजा बजाकर पैसे मांगते थे। इसकी भनक किन्नरों की गादीपति सरोज मासी को लगी मौके पर पहुंच कर उसने फर्जी युवकों को पकड़ा। जहां युवकों के कपड़े उतारे और दो किलोमीटर तक घुमाया।

पुलिस के अनुसार सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे तब तक इन युवकों को लेकर किन्नर निकल चुके थे। उन्होंने बताया कि किन्नरों का आपसी क्षेत्राधिकार का मामला है। पुलिस ने किन्नरों के गादीपति को थाने बुलाया है। फिलहाल मंडोर थाना पुलिस इस मामले में समझाइश कर रही है। अभी तक इस मामले में कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।

घंटाघर में रहता है किन्नर समुदाय

जोधपुर के घंटाघर में किन्नरों की गादी पति सरोज मासी व अन्य किन्नर रहते हैं। सरोज मासी ने बताया कि एक किन्नर पूजा ने यूपी के कुछ लड़कों को अपने साथ रखकर गैंग बना ली। और इन फर्जी किन्नरों को अवैध तरीके से पैसा कलेक्शन पर लगा दिया। सरोज मासी ने बताया कि सुबह 8 बजे उसे भनक पड़ी तो इस क्षेत्र में अन्य किन्नरों के साथ पहुंची, उन्हें देख ये युवक भागने लगे। इनको पकड़ कर कपड़े उतार कर गलियों में घुमाया और बताया कि यह फर्जी किन्नर है। कोई इन्हें पैसा नहीं दे।

हमारी साख खराब होती है- सरोज मासी

किन्नर समाज की अध्यक्ष और गादीपति सरोज मासी ने बताया कि इस फर्जीवाड़े से हमारी साख खराब होती है। सरोज मासी के अनुसार जोधपुर में लम्बे समय से किन्नरों का समुदाय घंटाघर में रहता है। शुभ कार्य होने पर लोग इन्हें बुला कर बधाईयां देते हैं। इनका मान-सम्मान है। लेकिन इस तरह फर्जी तरीके से उनके समुदाय की साख खराब होती है इसलिए उन्होंने यह कदम उठाया है।

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