रेलवे अलर्ट मोड पर:रेलवे अस्पताल में पचास बेड का कोविड विंग बनाया, दस बेड वाला चाइल्ड कोविड आईसीयू भी शुरू

जोधपुर16 दिन पहले
रेलवे अस्पताल में कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए तैयार किया वार्ड। यहां बच्चों के लिए भी बेड रिजर्व किए गए है।

कोरोना की तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए उत्तर- पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल अस्पताल में 50 बैड का कोविड विंग स्थापित किया गया है। इसके साथ ही तीसरी लहर की आशंका के चलते अस्पताल में इस बार बच्चों के लिए भी अलग से अत्याधुनिक सुविधा युक्त चाइल्ड कोविड वार्ड भी बनाया गया है ।

500 लीटर प्रति मिनट क्षमता वाले ऑक्सीजन प्लांट लगेगा

शुक्रवार को मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में कोविड प्रबंधन के संबंध में आयोजित बैठक के बाद मंडल रेल प्रबंधक गीतिका पांडेय ने बताया कि कोरोना वायरस व ओमिक्रॉन वैरिएंट के बढ़तेे मामलों को देखते हुए रेलवे अस्पताल में सभी आवश्यक संसाधन जुटाए गए हैं, जिसमें अस्पताल में स्थापित किया गया ऑक्सीजन प्लांट प्रमुख है जो पूरी क्षमता के साथ काम कर रहा है। पांडेय ने जानकारी दी कि कोविड प्रबंधन की दिशा में जोधपुर मंडल अस्पताल में रोगियों की सुविधा के लिए 500 लीटर प्रति मिनट क्षमता वाले ऑक्सीजन प्लांट की स्वीकृति मिल चुकी है और जल्द ही इसकी स्थापना की जाएगी।

पहली बार 20 बेड का शिशु वार्ड

उन्होंने बताया कि रेलवे अस्पताल में कोरोना संक्रमितों के उपचार के लिए पचास बेड का कोविड विंग बनाया गया है । इसके अलावा बच्चों में संक्रमण की आशंका के चलते पहली बार बच्चों के लिए बीस बेड का शिशु वार्ड अलग से बनाया गया है जिसमें दस- दस बेड कोविड संक्रमित बच्चों व अन्य शिशु रोगों से ग्रस्त बच्चों के लिए निर्धारित किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि कोरोना की किसी भी स्थिति से निपटने के लिए मंडल अस्पताल सक्षम है व यहां सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध है। हाल ही में इससे जुड़ी मॉक ड्रिल भी करवाई गई जो पूर्ण सफल रही है। मंडल रेल प्रबंधक ने बताया कि अस्पताल में लगे ऑक्सीजन प्लांट से पाइप लाइन के जरिए सभी 55 रोगी बेड पर ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है ।अस्पताल में 250 लीटर क्षमता प्रति मिनट ऑक्सीजन उपलब्ध कराने की क्षमता वाला ऑक्सीजन प्लांट लगाया हुआ है।

अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक वी श्रीनिवासन के अनुसार अस्पताल प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण की चपेट में आने वाले रेल कर्मचारी जो होम आइसोलेटेड है, उनकी चिकित्सकों द्वारा निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक है।

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