विदा हुआ मानसून:आंकड़े दर्शा रहे है सामान्य से अधिक बारिश, लेकिन पश्चिमी राजस्थान के लोगों के हाथ लगी निराशा

जोधपुर10 दिन पहले
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आखिरकार मानसून के विदाई की बेला आ पहुंची। दक्षिणी-पश्चिमी मानसून पश्चिमी राजस्थान से औपचारिक रूप से विदाई ले चुका है। अगले दो से चार दिन में संपूर्ण उत्तर भारत से मानसून विदा हो जाएगा। इस बार मानसून ने पश्चिमी राजस्थान के लोगों को काफी निराश किया। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार बारिश का औसत सामान्य से छह फीसदी अधिक रहा, लेकिन नियमित बारिश के अभाव में किसानों को इस बार काफी नुकसान उठाना पड़ गया।

मौसम विभाग के अनुसार मानसून के विदाई की लाइन अभी बीकानेर, जोधपुर, जालोर होते हुए चल रही है। सामान्यतया मौसम के साफ होने के साथ ही हवा की दिशा, अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी के साथ ही आद्रता में आने वाले बदलाव के आधार पर तय होता है कि मानसून विदा हो चुका है। वैसे चार माह लंबे दक्षिण-पश्चिमी मानसून को तीस सितम्बर तक विदाई ले लेनी थी, लेकिन इस बार विदाई कुछ दिन लंबी हो गई।

जोधपुर जिले में बारिश का सामान्य औसत 278.1 मिलीमीटर माना जाता है। इस बार यहां 294.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। यह सामान्य से अधिक है। वहीं जैसलमेर में इस बार सामान्य से 69 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई। आंकड़ों के इतर अलग ही कहानी सामने आ रही है। इस बार मानसून बहुत अनियमित रहा। मानसून की शुरूुआत बेहद कमजोर रही। हल्की बारिश से हुई शुरुआत अंत तक कायम रही। साथ ही बारिश के बीच में अंतराल बहुत अधिक रहा। ऐसे में फसलों को समय पर पानी नहीं मिल पाया और फसले जल गई। मानसून ने सितम्बर माह में ही अपना कोटा पूरा किया, तब तक काफी देर हो चुकी थी। जोधपुर शहर में इस बार एक भी झमाझम बारिश देखने को नहीं मिली। शहर के विभिन्न हिस्सों में पानी अवश्य बरसा, लेकिन एक साथ पूरे शहर में सड़कों पर पानी बहने के नजारे देखने को नहीं मिले। इसी तरह जैसलमेर जिले में दो अच्छी बारिश ने औसत बारिश का आंकड़ा पार कर लिया। इन दोनों बारिश के बीच में अंतराल भी बहुत अधिक रहा। ऐसे में किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पाया।

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