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ट्रेनें अब नए ट्रैक पर:जोधपुर में इलेक्ट्रिक ट्रेनें दौड़ाने के लिए रखा नींव का पत्थर, 2023 में चलाने का लक्ष्य

जोधपुर2 महीने पहले
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विद्युतीकरण का शिलान्यास मंडल रेल प्रबंधक गीतिका पांडेय ने किया। - Dainik Bhaskar
विद्युतीकरण का शिलान्यास मंडल रेल प्रबंधक गीतिका पांडेय ने किया।
  • बड़ी लाइन आने के 29 साल बाद बड़े बदलाव की तैयारी
  • कुछ छोटी दूरी के रेल खंड में अगले साल तक बिजली के तार बिछा दिए जाएंगे

पश्चिमी राजस्थान में रेलवे के बड़े बदलाव की शुरूआत 29 साल बाद रविवार को नींव का पत्थर रखने से हुई। बिजली से ट्रेनें चलाने के लिए 609 किलोमीटर लंबे रूट के विद्युतीकरण का शिलान्यास मंडल रेल प्रबंधक गीतिका पांडेय के हाथों से हुआ। रेलवे ने जोधपुर मंडल में 2000 किलोमीटर रूट पर विद्युतीकरण का काम मंजूर कर रखा है, जिसका बड़ा हिस्सा जैसलमेर-जोधपुर-भीलड़ी रूट को वर्ष 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, कुछ छोटी दूरी के रेल खंड में अगले साल तक बिजली के तार बिछा दिए जाएंगे। दरअसल, वर्ष 1992 में बड़ी लाइन आने के साथ जोधपुर शहर के साथ पश्चिमी राजस्थान के दूसरे जिले देश के अन्य महानगरों व शहरों से जुड़े थे।

अब 29 साल बाद रेल लाइन को विद्युतीकृत करने कार्य शुरू किया गया है, जो अगले कुछ सालों में यहां की पटरियों पर तेजी गति से दौड़ती ट्रेनों को देखा जा सकेगा। जैसलमेर-जोधपुर-भीलड़ी रेल खंड के विद्युतीकरण के कार्य के लिए फाउंडेशन कास्टिंग के कार्य की शुरूआत बासनी-सालावास रेलमार्ग पर प्रारंभ हुई। इस मार्ग के विद्युतीकरण कार्य के लिए केंद्रीय रेल विद्युतीकरण संगठन प्रयागराज द्वारा एलएंडटी कंपनी को दिया गया है। इस सेक्शन का सर्वे कार्य फर्म द्वारा किया जा चुका है। फाउंडेशन कास्टिंग का कार्य लूणी-समदड़ी सेक्शन में शुरू कर दिया गया है, जिसे पूरा करने का लक्ष्य 900 दिन का रखा गया है। इसके अलावा जोधपुर रेल मंडल के लूनी-समदड़ी (48 किलोमीटर), लूनी-मारवाड़ (72 किलोमीटर), जोधपुर-लूनी (32 किलोमीटर) तथा फुलेरा-मकराना (65 किलोमीटर) रेलमार्ग के विद्युतीकरण को पूरा करने का लक्ष्य वर्ष 2021-22 तय किया गया है।

जानिए... किस रूट पर विद्युतीकरण के लिए अब तक क्या किया

  • लूणी-मारवाड़, बीकानेर-मेड़ता व समदड़ी-मुनाबाव मार्गों के लिए कोर प्रयागराज द्वारा कार्य आदेश जारी किया जा चुका है। इस सेक्शन का सर्वे कार्य किया जा रहा है।
  • राइकाबाग-डेगाना-फुलेरा, मकराना-परबतसर, मेड़ता रोड–मेड़ता सिटी व पीपाड़ रोड–बिलाड़ा व डेगाना-रतनगढ़ मार्गों के कार्य के लिए आदेश जारी किया गया है। सर्वे रेलवे की ही कंपनी इरकॉन ने पूरा कर लिया है।
  • राइकाबाग-डेगाना-फुलेरा मार्ग के दोहरी लाइन के विद्युतीकरण कार्य को उत्तर-पश्चिम रेलवे के निर्मान संगठन द्वारा किया जाना है। इस कार्य के लिए निर्माण विभाग द्वारा निविदा का कार्य प्रक्रियाधीन है।
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