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ऐसी दोस्ती:ऑक्सीजन के अभाव में दोस्त ने दम तोड़ा, डारा 1 करोड़ से लगवाएंगे दो प्लांट

जोधपुरएक महीने पहलेलेखक: मनोज कुमार पुरोहित
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डारा ने दोस्त की स्मृति में दो ऑक्सीजन प्लांट लगाने की घोषणा की है। - Dainik Bhaskar
डारा ने दोस्त की स्मृति में दो ऑक्सीजन प्लांट लगाने की घोषणा की है।
  • प्लांट के लिए फलोदी में कार्य शुरू, 3-4 दिन में लग जाएगा, 240 लीटर ऑक्सीजन बनेगी
  • समाजसेवी पप्पूराम डारा मां की याद में जनाना अस्पताल भी बनवाएंगे

समाजसेवी पप्पूराम डारा के दोस्त हेमंत भंडारी को संक्रमण होने पर अस्पताल में भर्ती करवाया गया। मगर ऑक्सीजन नहीं मिलने से तड़पते हुए भंडारी की सांसें टूट गई। दोस्त को बचाया नहीं जा सका, लेकिन भविष्य में और किसी के साथ ऐसा ना हो, इसलिए डारा ने दोस्त की स्मृति में दो ऑक्सीजन प्लांट लगाने की घोषणा की है।

डारा 1 करोड़ रुपए से फलोदी और लूणी में एक-एक प्लांट लगवाएंगे। फलोदी के प्लांट के लिए तो सिविल कार्य भी शुरू कर दिया गया है। अगले तीन से चार दिन में वहां प्लांट लग जाएगा। वहीं दूसरा प्लांट लूणी मुख्यालय पर लगाया जाएगा, जिससे इन क्षेत्रों को ऑक्सीजन की से उभारा जा सकें। इस प्लांट से प्रतिदिन 240 लीटर ऑक्सीजन बनेगी।

हेमंत भंडारी पिछले माह कोविड की चपेट में आ गए थे। अप्रैल के आखिरी सप्ताह में परिजनों ने एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया। रेमडेसिविर इंजेक्शन की जरूरत पड़ी तो बमुश्किल उपलब्ध हुआ। 29 अप्रैल की रात ऑक्सीजन नहीं मिलने से हेमंत की 30 अप्रैल की सुबह मौत हो गई। हेमंत के दोस्त डारा ने अपने बेटे धर्मेश व तीन दोस्तों से चर्चा की और दो ऑक्सीजन प्लांट लगाने का फैसला लिया।

डारा का कहना है कि उनका दोस्त हमेशा यादों में बसा रहेगा। अब कोई और व्यक्ति बिना ऑक्सीजन के जान न गंवाए, इसलिए प्लांट लगा जा रहे हैं। डारा कलेक्टर इंद्रजीत सिंह से मिले और ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए उनसे चर्चा की।

उन्होंने कलेक्टर को निटिटो एग्जिम प्राइवेट लिमिटेड के नाम 94 लाख रुपए का चेक सुपुर्द किया। प्लांट की कुल कीमत करीब 1 करोड़ रुपए आएगी। इसमें से 70 लाख रुपए खुद डारा तथा उनके मित्र ओपी धायल, रावल ज्याणी व सुखराम विश्नोई मिलकर 30 लाख रुपए दे रहे हैं।

कोविड के 14 माह में लाखों सेवा कार्य में किए खर्च

डारा ने कोविड काल में पिछले 14 माह में लाखों रुपए खर्च कर चुके हैं। 25 लाख रुपए मुख्यमंत्री सहायता कोष में, 60 हजार से पचास दिनों तक गरीब लोगों के लिए खाने का लंगर चला चुके हैं। 5 लाख की सूखी राशन सामग्री फलोदी और जोधपुर में वितरित की गई।

साढ़े सात लाख रुपए के N95 मास्क और पीपीई मेडिकल किट डाक्टरों के लिए भेंट किए। उनका जन्म एक किसान परिवार में हुआ और वे अपनी मां को प्रेरणा का स्रोत मानते हैं। उनका लक्ष्य है कि वे अपनी मां की याद में जोधपुर जिले में उचित जगह पर एक जनाना अस्पताल बनवाएंगे।

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