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बंदूक के लिए भाई को कागजों में मृत बताया:सरकारी वकील जिस समय पुलिस के लिए हाईकोर्ट में पैरवी कर रहे थे, उसी वक्त पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में उन्हें बताया दिवंगत

जोधपुर3 महीने पहले
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कोर्ट ने वकील के भाई समेत एएसआई, थानाधिकारी व अन्य के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया है। - Dainik Bhaskar
कोर्ट ने वकील के भाई समेत एएसआई, थानाधिकारी व अन्य के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया है।
  • एसीएमएम के आदेश पर महामंदिर थाना पुलिस में आपराधिक मुकदमा दर्ज

बंदूक का लाइसेंस हथियाने के लिए एक व्यक्ति ने पुलिस से साठगांठ करके अपने भाई को उनकी मौत से दो साल पहले ही कागजों में मृत दिखाकर लाइसेंस अपने नाम ट्रांसफर करा लिया। जिस व्यक्ति को पुलिस ने कागजों में मृत दिखाया, वह उस समय हाईकोर्ट में पुलिस की पैरवी करने वाले सरकारी वकील थे। उनकी पत्नी की शिकायत पर कोर्ट के आदेश पर अब मामला दर्ज कर लिया है।

जोधपुर में बीजेएस कॉलोनी निवासी आशा भाटी ने अतिरिक्त मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट संख्या-3 की अदालत में दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 156 (3) के तहत परिवाद पेश करके बताया कि उसके पति बाघ सिंह भाटी, जो कि राजस्थान उच्च न्यायालय में अतिरिक्त राजकीय अधिवक्ता के पद पर कार्यरत थे। उनकी मृत्यु एक मई, 2020 को हुई थी। उनके पास निजी सुरक्षा के लिए लाइसेंस वाली बन्दूक थी। सूचना का अधिकार के तहत पुलिस ने उसे बताया कि उनके पति के भाई सुरेन्द्र सिंह ने उनके पति का शस्त्र 16 अक्टूबर 2018 को जमा करवाते हुए अपने भाई की मृत्यु होना बताया था। जिस पर जमा रसीद की प्रति शस्त्र भाई को सुपुर्द की गई और शस्त्र जमा कर रजिस्टर में इन्द्राज किया गया।

आशा भाटी ने आरोप लगाया कि उनके पति की मृत्यु एक मई, 2020 को हुई, लेकिन मालखाना रजिस्टर, संलग्न रसीद और तत्कालीन थानाधिकारी सुमेरदान द्वारा प्रेषित रिपोर्ट में उनके पति की मृत्यु 16 अक्टूबर, 2018 से पूर्व में होना दर्शाता है कि पुलिस ने मिलीभगत कर सरकारी रिकॉर्ड में हेराफेरी की है। पुलिस को रिपोर्ट देने के बावजूद पुलिस ने जांच नहीं की गई।

प्रारम्भिक सुनवाई के बाद न्यायालय ने महामंदिर थाना पुलिस को आशा भाटी के देवर सुरेन्द्र सिंह भाटी, महामंदिर थाना पुलिस के एएसआई देवाराम, तत्कालीन थानाधिकारी सुमेरदान चारण व अन्य के खिलाफ भारतीय दण्ड संहिता की धारा 420, 120-बी, 468, 193, 200 व 212 भारतीय दण्ड संहिता के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।