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मौतें छिपाने व रोगी कम बताने में चिकित्सा विभाग सक्रिय:महामारी की आधी मौतें छिपा रहे, निजी अस्पताल की डेथ जोड़ते नहीं, अप्रैल में 567 मौतें, बताई 290

जोधपुरएक महीने पहले
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कोरोना के भयंकर संक्रमण से साधन किस तरह बौने पड़ रहे हैं, यह एमजीएच इमरजेंसी में देखने को मिला। मरीजों को एडमिट करने के लिए बेड उपलब्ध नहीं होने पर उन्हें स्ट्रेचर एवं व्हीलचेयर पर ही इंतजार करना पड़ रहा है। यहां तक कि ऑक्सीजन की आवश्यकता होने पर 5-5 मरीजों को एक ही सिलेंडर से प्राणवायु देने की नौबत है। - Dainik Bhaskar
कोरोना के भयंकर संक्रमण से साधन किस तरह बौने पड़ रहे हैं, यह एमजीएच इमरजेंसी में देखने को मिला। मरीजों को एडमिट करने के लिए बेड उपलब्ध नहीं होने पर उन्हें स्ट्रेचर एवं व्हीलचेयर पर ही इंतजार करना पड़ रहा है। यहां तक कि ऑक्सीजन की आवश्यकता होने पर 5-5 मरीजों को एक ही सिलेंडर से प्राणवायु देने की नौबत है।
  • विभाग ने 2301 रोगी बताए, असल में...3001 रोगी कोरोनाकाल में एक दिन के सर्वाधिक

कोरोना महामारी नित नए सदमे और झटके दे रही है। शहर में गुरुवार को 3001 नए संक्रमित मिले, कोरोनाकाल में यह पहली बार है कि एक दिन के पॉजिटिव का आंकड़ा 3000+ में आया है। जबकि विभाग की ओर से 2301 संक्रमित ही बताए गए। वहीं 27 संक्रमित मरीजों की माैत भी हुई। मई के 6 ही दिन में संक्रमित मरीजो का आंकडा 12429 पहुंच गया है, जबकि 210 संक्रमिताें ने दम ताेड़ दिया।

इधर अच्छी बात यह है कि डिस्चार्ज होने वालों का आंकड़ा भी लगाातार बढ़ते हुए 8787 हो गया है। जनवरी से अब तक 48102 पॉजिटिव मरीज हुए जिनमें से 22831 डिस्चार्ज हो गए इस दाैरान 654 की माैत हुई है। अस्पतालों में मरीजों को बेड और ऑक्सीजन नहीं मिल रही है।
एमडीएम में 14, एमजीएच में 7 एम्स में 6 मौत
एम्स में भर्ती फलोदी के वासुदेव (64), सरस्वती नगर के अमरचंद्र (85), गायत्री विहार रातानाडा के प्रभुदयाल (65), मोलकासनी के चंदन सिंह (78), अल्फो बिल्डिंग के प्रेमप्रकाश माथुर (75), दूसरी पोल महामंदिर की रेखा गहलोत (38) की मौत हुई। एमडीएम में भर्ती प्रतापनगर की विमला देवी (78), फलौदी के संपत गहलोत (30), सूरसागर के लच्छाराम (73), भोपालगढ़ की मिथिया देवी (55), तिंवरी के सूरज करण (58), पाल की दमयंती (28), फलौदी के जोगेन्द्र कुमार (64), जालोरी बारी के राधाकिशन (59), जालोरिया का बास की मीनाक्षी चौहान(36), चौहाबो के अणदाराम (64), बालेसर की सुआदेवी (50), मगरा पूंजला के उधमसिंह (78), बिनया के मूलाराम (35), बीजेएस की भंवरी देवी(85) की मौत हुई। एमजीएच में फलोदी के पोल सिंह (55), सूरसागर के बुद्धाराम (87), तिलक नगर के गजेन्द्र त्रिपाठी(65), बिराई बालेसर की धापू देवी(52), सालावास के प्रकाश (30), बावड़ी की बगतु देवी (51), शंकर लाल (65) की मौत हुई।
27 मौतें भी 1774 डिस्चार्ज

एमडीएम में आसानी से बेड उपलब्धता को बनाई एडमिशन सेल
एमडीएम में आने वाले कोविड मरीजों को आसानी से बेड मिले इसके लिए डॉ. विकास राजपुरोहित की अध्यक्षता में एडमिशन सेल बनाई है। इसमें प्रभारी अस्थि रोग विभाग के सहायक आचार्य डॉ. देवेन्द्र बेड्स व डेटा व प्रबंधन का कार्य करेंगे। इसके अलावा उक्त कार्य के लिए वार्ड प्रभारियों के साथ फर्स्ट ग्रेड नर्स सीमा जोशी और गोपाल व्यास को कॉर्डिनेटर के रुप में लगाया है।
स्थानीय रिपोर्ट में बताए 2301
प्रताप नगर में 116, शहर परकोटा में 76, उदयमंदिर में 27, महामंदिर में 247, मसूरिया में 154, शास्त्री नगर में 257, मधुबन में 209, रेजिडेंंसी में 104, बीजेएस में 37 पॉजिटिव मिले। ग्रामीण के 10 ब्लॉक में बनाड़ में 108, सालावास में 149, बिलाड़ा में 76, भोपालगढ़ में 93, ओसियां में 259, बावड़ी में 9, फलौदी में 180, बाप में 1, शेरगढ़ में 82, बालेसर में 117 संक्रमित मिले।

जीते-जी मरीजों को ऑक्सीजन-इंजेक्शन-बेड तक उपलब्ध करवाने में विफल सिस्टम मौतों से भी खिलवाड़ कर रहा
शहर में कोरोना संक्रमितों की मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। गंभीर बात यह है कि सरकार और जनता को जो मौतें बताई जा रही हैं, उनसे कहीं अधिक जानें महामारी से जा रही हैं। चिकित्सा विभाग के अफसर सरकारी अस्पतालों में हो रही मौतों में से कुछ मौतें सरकार और जनता को बता रहे हैं। जबकि सरकारी के साथ ही कोरोना इलाज में लगे जिले के कई निजी अस्पतालों में भी कोविड पेशेंट्स की मौतें हाे रही हैं। भास्कर टीम ने बढ़ते कोरोना और संक्रमितों की मौत के आंकड़ों का सत्य उजागर करने के लिए कोरोना मरीजों के इलाज में लगे 9 निजी अस्पतालों से उनके यहां हो रही मौतों के बारे में पूछा।

उन्होंने कहा कि हमारे यहां होने वाली प्रत्येक मौत की सूचना तुरंत चिकित्सा विभाग के द्वारा बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप में भेजनी होती है। इसके बाद पूरे दिन में होने वाली मौतों की एक साथ रिपोर्ट बनाकर मेल भी की जाती है। लेकिन ये मौतें कहां दर्शाई जा रही हैं, इस पर चिकित्सा विभाग और प्रशासन चुप्पी साधे है।

अप्रैल में सरकारी हाॅस्पिटल में 410 मौत और 9 निजी अस्पतालों में 157 मौतें हुईं
भास्कर टीम ने शहर में अप्रैल में कोरोना संक्रमित मरीजों की मौतों की पड़ताल की। सामने आया कि सरकारी अस्पतालों में 410, 7 प्रमुख निजी अस्पतालों में 157 मौतें हुई हैं। 30 दिन में करीब 567 मौत, यानि रोज करीब 19 मौतें शहर में हुईं। लेकिन प्रशासनिक अनदेखी कहें या छुपाने की प्रवृति, विभाग ने ना तो सरकारी हॉस्पिटल्स की पूरी मौतें बताईं और ना ही निजी अस्पतालों में हो रही मौतों को कोरोना संक्रमितों की डेथ में जोड़ा। चिकित्सा विभाग जयपुर की ओर से जारी होने वाली प्रदेश की कोरोना रिपोर्ट में जोधपुर में अप्रैल में केवल 290 मौते बताई गईं।

खुद अस्पताल बता रहे अपने यहां हुई मौतें, विभाग क्यों छिपा रहा है?

  • गोयल अस्पताल के डायरेक्टर सुयेश गोयल ने बताया कि अप्रैल में 22 संक्रमित मरीजाें की मौत हुई।
  • मेडिपल्स अस्पताल के डायरेक्टर मयंक ने बताया कि अप्रैल में 25 संक्रमित मरीजों की मौत हुई।
  • श्रीराम अस्पताल के संचालक डॉ. सुनील चांडक ने बताया कि तीनों अस्पतालों को मिलाकर अप्रैल में 26 संक्रमितों की मौत हुई।
  • वसुंधरा हॉस्पिटल के संचालक डाॅ. संजय मकवाना ने बताया कि अप्रैल में 28 माैत हुई हैं।
  • राठी अस्पताल के डॉ. अशोक राठी ने बताया कि गत महीने 07 मौतें हुई हैं।
  • कमला नगर अस्पताल के डॉ. राम गोयल ने बताया कि 27 संक्रमितों की मौत अप्रैल में हुई।
  • एस वेलनेस एंड रिसर्च सेंटर के संचालक ने बताया कि पिछले महीने में 12 संक्रमितों की डेथ हुई।
  • चंद्रभूषण अस्पताल के संचालक ने बताया कि अप्रैल में 08 कोरोना मरीजों ने दम तोड़ा।
  • डाउकिया अस्पताल के संचालक केआर डाउकिया ने बताया कि गत माह 02 संक्रमितों की मौत हुई।

सीएमएचओ बोले- सूचना लेने-देने में टाइम लगता है

  • राज्य स्तर पर जारी होने वाली सूची में सरकारी के साथ निजी अस्पताल में होने वाली मौत भी शामिल की जाती है। हां, यह अलग बात है कि सूचनाओं के आदान-प्रदान में समय लगने, कई मौत के मामले में पॉजिटिव होने की रिपोर्ट बाद में या देरी से आने पर उस समय वह संख्या शामिल नहीं हो पाती। - डॉ. बलवंत मंडा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी

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