गजसिंह ने कहा:शिक्षण व्यवस्था संभालना किसी तपस्या से कम नहीं है

जोधपुर7 दिन पहले
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शिक्षण व्यवस्था संभालना किसी तपस्या से कम नहीं है। शिक्षा हर मानव के जीवन का लक्ष्य होगा तभी समाज और देश आगे बढ़ेगा। ये विचार रविवार को रातानाडा मार्ग स्थित माहेश्वरी जनोपयोगी भवन में पश्चिमी राजस्थान पुस्तक व्यवसाय एवं लेखन सामग्री विक्रेता संघ की ओर से आयोजित महासम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व नरेश गजसिंह ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि मैं स्वयं चौपासनी व राजमाता जैसी बड़ी शिक्षण संस्थाओं से जुड़ा हुआ हूं। शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए मैं और मेरे सहयोगी पूरी मेहनत से इस महत्वपूर्ण का कार्य में जुटे हैं।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत ने कहा कि शिक्षक व शिक्षण सामग्री विक्रेता एक दूसरे से पूरक हैं। उन्होंने शिक्षा काे निरंतर बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि समाज शिक्षित होगा तो देश तरक्की करते हुए विश्व में अपना अहम स्थान प्राप्त करेगा।

महासम्मेलन में सूरसागर विधायक सूर्यकांता व्यास, मारवाड़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष प्रसन्नचंद मेहता, चौपासनी शिक्षा समिति के सचिव मानसिंह पाल, पूर्व पुलिस अधिकारी नाथूसिंह भाटी, समाजसेवी रमेश अग्रवाल, अरुण अग्रवाल, प्रफुल्ल जैन आदि मौजूद थे। प्रारंभ में पश्चिमी राजस्थान पुस्तक व्यवसायी एवं लेखन सामग्री विक्रेता संघ के अध्यक्ष ओम आनंद ने महासम्मेलन की जानकारी दी।

पश्चिमी राजस्थान पुस्तक व्यवसायी एवं लेखन सामग्री विक्रेता संघ के कोषाध्यक्ष महेश मंत्री, कार्यक्रम संयोजक अशोक गट्टाणी ने बताया कि महासम्मेलन में जोधपुर, पाली, सिरोही, जालोर, बाड़मेर, जैसलमेर, नागौर, बीकानेर एवं ब्यावर सहित पूरे पश्चिमी राजस्थान के पुस्तक विक्रेता, स्टेशनर्स एव देश भर के महत्वपूर्ण प्रकाशक, निर्माता, थोक विक्रेता एवं डिस्ट्रीब्यूटर व्यवसायियों ने भागीदारी निभाई। महासचिव अनिल गोयल ने आभार जताया।

बुजुर्गों एवं महिला पुस्तक विक्रेताओं का सम्मान

कार्यक्रम में 60 वर्ष से ज्यादा उम्र के व्यवसाय कर रहे पुस्तक विक्रेताओं को मोमेंटो देकर सम्मानित किया। साथ ही मातृ शक्ति पुस्तक विक्रेता, मेधावी छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया।

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