युवतियां कोर्ट में याचिकाकर्ता युवकों के साथ जाने से मुकरींं:हाईकोर्ट ने जब्त रुपए पुलिस कल्याण निधि व युवती के भाई को सौंपने के दिए आदेश

जोधपुर20 दिन पहले
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बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाओं में सुनवाई के दौरान कॉरपस युवतियों से जुडा मामला। - Dainik Bhaskar
बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाओं में सुनवाई के दौरान कॉरपस युवतियों से जुडा मामला।

राजस्थान हाईकोर्ट में दो बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाओं में सुनवाई के दौरान कॉरपस युवतियों ने याचिकाकर्ता युवकों के साथ जाने से इनकार कर दिया। हाईकोर्ट जस्टिस संदीप मेहता व बीरेंद्र कुमार की खंडपीठ ने युवकों द्वारा जमा कराई गई राशि में 15-15 हजार रुपए जब्त कर पुलिस कल्याण निधि व युवती के भाई को अदा करने के आदेश दिए।

केस-1
कुचामन सिटी के एक युवक ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी। इस पर पुलिस द्वारा पेश की गई युवती ने कोर्ट को बताया कि उसकी किसी अन्य युवक के साथ शादी हुई थी, लेकिन वह खुश नहीं रहने की वजह से अपनी इच्छा से ही पिता के घर पर है। उसने वर्तमान याचिकाकर्ता से किसी तरह के संबंध से इनकार किया और कहा कि उससे कुछ दस्तावेज पर जबरन हस्ताक्षर करवाए थे। वह याचिकाकर्ता के साथ नहीं जाना चाहती है। इस पर कोर्ट ने युवक द्वारा जमा करवाए गए 50 हजार रुपए में से 15 हजार रुपए जब्त कर युवती के भाई को अदा करने के आदेश दिए। बाकी की राशि याचिकाकर्ता को लौटाने के लिए कहा है।

केस-2
बीकानेर के एक युवक की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर भी एक युवती को पेश किया गया। युवती ने याचिकाकर्ता के साथ किसी भी तरह के संबंध से इनकार किया। उसने युवक द्वारा जमा कराई गई राशि भी स्वीकार नहीं की। इस पर कोर्ट ने जमा राशि 25 हजार रुपए में से 15 हजार रुपए पुलिस कल्याण निधि में जमा कराने के आदेश दिए, बाकी 10 हजार रुपए याचिकाकर्ता को लौटाने के लिए कहा है।

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