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नगर निगम चुनाव:भाजपा-कांग्रेस में प्रत्याशी तय करने में कैसे चली अंदरुनी सियासत, एमएलए व संगठन को संतुष्ट किया, मगर शेखावत सब पर भारी रहे

जोधपुर10 दिन पहले
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भाजपा: कलह की सुगबुगाहट, नामांकन में कई बागी बनेंगे सिरदर्द

निगम में पहली बार दो मेयर-दो निगम के चुनाव को लेकर भाजपा-कांग्रेस में आवेदन से लेकर दावेदारों के पैनल तैयार कर अधिकृत प्रत्याशियों की सूची जारी होने तक अंदरूनी सियासत पल-पल बदलती रही। दोनों ही पार्टियों में उम्मीदवार चयन के लिए खुद के तय किए गए मापदंड एक-एक कर दरकिनार हाेते रहे।

कई प्रमुख दावेदार व पुराने कार्यकर्ताओं ने टिकट नहीं मिलने पर आलाकमान काे पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा देने की धमकी तक दे दी। दोनों ही दलों की प्रत्याशियों के नाम तय करने में अंदरुनी सियासत कैसे चली इसको इन उदाहरण से समझें।
शेखावत भारी क्यों?
भाजपा की ओर से जारी प्रत्याशियों की सूची में सामने आए नाम में अधिकांश गजेंद्रसिंह शेखावत के समर्थक व करीबी लोगों से लेकर लोकसभा चुनाव में काम करने वाले कार्यकर्ता हैं। सूची में केंद्रीय मंत्री की मेहरबानी से उनकी कार की रिपेयरिंग करने वाले वर्कशॉप के मालिक की बेटी, फाइनेंसर, उनके करीबी दोस्त के समर्थक और ननिहाल से जुड़े एक व्यक्ति को टिकट मिलना शहर से जयपुर तक चर्चा में हैं।

हालांकि जोधपुर शहर विधानसभा क्षेत्र के वार्डों में उत्तर निगम संयोजक व प्रदेश उपाध्यक्ष प्रसन्नचंद मेहता और पूर्व उपमहापौर व जिला महामंत्री देवेंद्र सालेचा, सरदारपुरा विधानसभा क्षेत्र के वार्डों में पूर्व जिलाध्यक्ष नरेंद्रसिंह कच्छवाहा व राज्यसभा सांसद व निगम चुनाव समन्वयक राजेंद्र गहलोत और सूरसागर विधानसभा क्षेत्र से जुड़े वार्डों में विधायक सूर्यकांता व्यास व जिलाध्यक्ष देवेंद्र जोशी के साथ-साथ पूर्व मेयर व दक्षिण निगम के संयोजक को भी संतुष्ट किया गया।

भाजपा: कलह की सुगबुगाहट, नामांकन में कई बागी बनेंगे सिरदर्द
5 अप्रैल को चुनाव के चलते मार्च तक 550 से ज्यादा आवेदन जमा हुए। छंटनी से पूर्व लॉकडाउन लग गया। चुनाव घोषणा के बाद 3 दिन में 1400 से ज्यादा आवेदन आए। तीन-तीन के पैनल लेकर भाजपा कोर कमेटी जयपुर गई। दो दिन मशक्कत के बाद शनिवार रात 155 प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी।

जोधपुर से जयपुर तक अंदरुनी सियासत के बीच कई बार टकराव की स्थिति बनी, लेकिन आलाकमान के हस्तक्षेप के बाद एमएलए व संगठन की ओर से प्रस्तावित दावेदारों पर विचार कर कुछ नामों पर सहमति बनी, लेकिन इस सियासत में केंद्रीय मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत सब पर भारी रहे। अब भाजपा में कलह की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। ऐसे में सोमवार को नामांकन के अंतिम दिन कई वार्डों से बागी चेहरे सिरदर्द बन सकते हैं।
कांग्रेस: विधायक की चली, संगठन असंतुष्ट, सीएम प्रतिनिधि ने संभाला

कांग्रेस में कलह चरम पर: सचिन पायलट गुट के नाम दरकिनार, असली परीक्षा आज होगी

कांग्रेस में मार्च में 800 आवेदन जमा हो चुके थे। चुनाव की घोषणा के बाद 100 और आवेदकों ने दावा किया था। सीएम गहलोत के गृह क्षेत्र के चुनाव परिणाम उनकी सेहत पर भी असर डालेंगे। ऐसे में वैभव गहलोत और प्रभारी मंत्री महेंद्र चौधरी को जोधपुर भेजा। 50 घंटे की मशक्कत के बाद रविवार को सूची जारी करने का वक्त आया तो कई प्रभावी चेहरों, नेताओं व कार्यकर्ताओं के टिकट कटने की सूचना के बाद अंदरुनी कलह चरम पर पहुंच गई।

शाम होते-होते तीन-तीन या दो-दो बार पार्षद रह चुके और पायलट गुट के कुछ नेताओं के साथ कुछ पुराने कार्यकर्ताओं का टिकट कटने की सूचना से घमासान मच गया। जिलाध्यक्ष पुत्री के टिकट का विरोध होने से भी मामला उलझ गया। इसमें विधायक व विधायक प्रत्याशी की भी चली, लेकिन संगठन असंतुष्ट दिखा।

कांग्रेस ने निगम क्षेत्र तीन हिस्सों में बांटते हुए मंडोर को राजेंद्र सोलंकी, जोधपुर शहर विधायक मनीषा पंवार व सूरसागर को विधायक प्रत्याशी अयूब खां व जिलाध्यक्ष सईद अंसारी के भरोसे छोड़ा था। टिकटों में इनकी राय को तव्वजो भी दी गई।
स्थानीय स्तर से मामला खिसका
नामांकन तिथि के 12 घंटे पूर्व मामला उलझने लगा व कलह बढ़ने लगा तो सीएम प्रतिनिधि व वैभव और राजेंद्र सोलंकी ने पूरी स्थिति को संभाला। जहां ज्यादा विरोध की संभावना नजर आई, वहां इनके हस्तक्षेप से मामले को निपटने की कोशिश की गई। देर रात कुछ फेरबदल करते हुए अधिकृत प्रत्याशियों की सूची अब जयपुर भिजवा दी गई हैं। संभवतया नामांकन भरने तक यह सूची जिलाध्यक्ष को सौंप दी जाएगी। हालांकि पूरे मामले में वैभव गहलोत व सोलंकी की राय को तव्वजों दी गई हैं।

पैसे से टिकट देने पर बोले जोशी साबित हो गया तो राजनीति छोड़ दूंगा
वार्ड-24 से भाजपा की संगीता बोहरा भी दावेदार थीं। टिकट कटा तो उन्हाेंने जिलाध्यक्ष देवेंद्र जोशी से फोन कर इसका कारण पूछा। यह ऑडियो वायरल है। इसमें पूछा कि कार्यकर्ता के रूप में मुझमें क्या कमी थी? लगता है कि पैसे लेकर टिकट वितरित किए गए? भास्कर ने इन आरोप पर जोशी से पूछा तो वे बोले- पैसे लेकर टिकट का आरोप गलत है, अगर ऐसा साबित होता है तो राजनीति छोड़ दूंगा।

उधर भाजपा के शेष 5 वार्ड में से निगम- उत्तर वार्ड 38 से राजेशसिंह कच्छवाहा व वार्ड-34 से स्नेहलता रांकावत को प्रत्याशी बनाया। वार्ड 38 से कच्छवाहा को शक्तिसिंह गहलोत पर तरजीह दी।

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