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ये कैसी राहत:इफको ने डीएपी सहित अन्य श्रेणियों की खाद दरों में की बेतहाशा बढ़ोतरी

जोधपुर9 दिन पहले
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  • सरकार ने नरेगा श्रमिकों की मजदूरी में किया ~1 का इजाफा तो इफको ने किसानों के लिए खाद 700 रुपए महंगी की

कोरोना महामारी के इस दौर में हर वर्ग को राहत पहुंचाने की सरकारी कोशिश तो चल रही है, लेकिन इसी बीच एक विचित्र स्थिति सामने आई है किसानों व मनरेगा श्रमिकों को लेकर। इसके तहत गांवों में मनरेगा श्रमिकों के लिए तो सरकार ने मजदूरी में 1 अप्रैल से एक रुपए का इजाफा किया है, वहीं इफको ने किसानों के लिए खाद 700 रुपए महंगी कर दी है।

डीएपी की तरह अन्य खाद की दरों में भी काफी बढ़ोतरी की गई है। यानी, सीधे-सीधे इसका असर किसानों पर पड़ेगा। सहकारी क्षेत्र की कंपनी इफको ने कोरोना महामारी से जूझ रहे किसानों के लिए परेशानी बढ़ाने वाला निर्णय कर खेती के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण मानी जाने वाली रासायनिक खाद डाई अमोनियम फास्फेट (डीएपी) की दर में 58.33 फीसदी बढ़ोतरी की है।

इफको का सोशल मीडिया पर मैसेज, फिलहाल पुरानी दरों पर ही बिक्री

खाद की दरों में भारी बढ़ोतरी के बाद किसानों के आक्रोश को देखते हुए गुरुवार को इफको ने अपने सोशल मीडिया आईडी पर बताया कि ये नई दरें पुराने स्टॉक पर लागू नहीं हैं। मैसेज के अनुसार इफको मौजूदा 11.26 लाख टन उर्वरकों की बिक्री पुरानी दरों पर ही करेगी। बाजार में उर्वरकों की नई दरें किसानों को बिक्री के लिए नहीं हैं। नई दरों वाले उर्वरक बिक्री के लिए नहीं हैं। इफको द्वारा उल्लेखित मूल्य केवल अस्थायी हैं। कंपनियों द्वारा कच्चे माल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों को अभी अंतिम रूप दिया जाना है।

वास्तव में कच्चे माल के अंतरराष्ट्रीय मूल्य में तेजी का रुझान है। इफको के अनुसार नए उर्वरकों को प्रेषित करने के लिए बैगों पर मूल्य अंकित करना पड़ता है। पत्र में उल्लेखित मूल्य केवल बैगों पर दिखाने के लिए अस्थायी मूल्य है, जो अनिवार्य है। इफको ने विपणन टीम को यह निर्देश दिया है कि किसानों को केवल पुराने मूल्ययुक्त पैकशुदा उर्वरक ही बेचे जाएं। उर्वरकों की कीमत में बढ़ोतरी के लिए किसी भी राजनीतिक दल या सरकार का इससे कोई संबंध नहीं है।

मनरेगा मजदूरी में 1 रुपए की वृद्धि

ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग की ओर से 1 अप्रैल को आदेश जारी किया गया। इसमें ग्रामीण विकास मंत्रालय की अधिसूचना का हवाला देते हुए महात्मा गांधी नरेगा योजनांतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए अकुशल श्रमिकों की मजदूरी दर को 220 रुपए प्रतिदिन से बढ़ाकर 221 रुपए किया गया है। हालांकि, मनरेगा मेट की मजदूरी दर पूर्वानुसार 235 रुपए प्रतिदिन ही रखी गई है।

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