मंत्री से खानधारकों ने की गुहार...:‘बेशकीमती जोधपुरी पत्थर पर बसी अवैध कॉलोनियां हो रहीं वैध, कैसे निकलेगा पत्थर‌?’

जोधपुरएक महीने पहले
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बैठक में नई खनिज नीति पर सुझाव मांगे। - Dainik Bhaskar
बैठक में नई खनिज नीति पर सुझाव मांगे।

प्रदेश सरकार नई खनिज नीति लाने वाली है। इससे पहले पूरे प्रदेश के अलग-अलग जिलों में जाकर खान मालिकों, एसोसिएशन, जनप्रतिनिधियों और खान विभाग के अफसरों के साथ बैठक कर सुझाव मांगे जा रहे हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को डीआरडीओ हॉल में जोधपुर जिले की हुई बैठक में अफसरों की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए तो खान मंत्री प्रमोद कुमार भाया ने भी अफसरों को कार्य करने के निर्देश दिए।

बैठक में मंत्री ने नई नीति पर सुझाव मांगे तो खान धारकों ने एक स्वर में सबसे पहले सरकार अनड्रेस के विवाद से ब्लॉक में बढ़ी 240 प्रति टन रॉयल्टी दर को कम करने की मांग की। खानधारकों ने कहा कि इस विवाद से बहुत नुकसान हुआ है। खानधारकों ने कहा कि सरकार नई नीति लेकर आ रही है, लेकिन जोधपुर में सैंड स्टोन के पहाड़ों पर कॉलोनियां बसाई जा रही है। अवैध कॉलोनियों को पट्‌टे देकर नियमित किया जा रहा है।

ऐसे में बेशकीमती पत्थर खत्म हो जाएगा। जेडीए से नए खसरे दिलाने के लिए भी कहा, ताकि नए खनन क्षेत्र आ सकें। पुराने सारे खनन क्षेत्रों में से 80 प्रतिशत पत्थर निकाला जा चुका है। खानधारकों ने कहा कि इस क्षेत्र में 11 हजार क्वारी हैं, इनकी अवधि 2025 में खत्म हो रही है, इसलिए इसे 20 वर्ष तक बढ़ाया जाए।

खान मालिक ओमप्रकाश बजवाड़िया और हिम्मत सिंह ने कहा कि विभाग में काम अटकते हैं, समय पर पूरे नहीं होते हैं। युधिष्ठिर देवड़ा ने कहा कि डीएमएफटी का पैसा माइंस एरिया में ही लगना चाहिए। इस अवसर पर विधायक मनीषा पंवार, खुशवीर सिंह जोजावर, महेंद्र विश्नोई, किशनाराम, अयूब खान, सुनील परिहार, सईद अंसारी, जसवंत सिंह कच्छवाह, गिरीश जैन आदि मौजूद थे।

आने वाले समय में नए आयाम होंगे स्थापित
खान मंत्री ने कहा कि गत सरकार के कारण रिफाइनरी कार्य में 5 वर्ष की देरी हुई। अब काम ने गति पकड़ी है। तेल सेक्टर में खोज के लिए 10 नए ब्लाॅक आवंटन किए हैं, जिससे आने वाले समय में नए आयाम स्थापित होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार के 2 वर्ष 9 माह में 32522 प्रकरण व गत सरकार ने इस समय में 12439 प्रकरण दर्ज किए थे। उन्होंने बताया कि इस बार 2639 एफआईआर दर्ज की जबकि गत सरकार ने इसी समय में 2000 हजार एफआईआर दर्ज की थी।

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