बच्चों के दिल का इलाज:एम्स में एक ही दिन में 5 बच्चों के दिल में छेद ओपन हार्ट सर्जरी किए बिना ही बंद किया,

जोधपुर11 दिन पहले
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र्डियोलॉजी टीम द्वारा प्रक्रिया को अंजाम दिया गया। - Dainik Bhaskar
र्डियोलॉजी टीम द्वारा प्रक्रिया को अंजाम दिया गया।

एम्स कार्डियोलॉजी विभाग में गुरुवार को 6-15 वर्ष की आयु के 5 बच्चों के दिल में छेद को बंद किया गया। इन बच्चों के एट्रियल सेप्टल डिफेक्ट डिवाइस क्लोजर लगाकर इलाज किया गया। एम्स एकेडमी डीन डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया कि दिल में छेद को एट्रियल सेप्टल दोष के रूप में जाना जाता है।

यह एक सामान्य हृदय दोष है जो दीवार (सेप्टम) में होता है जो दिल के ऊपरी कक्षों, दाएं और बाएं अटरिया को अलग करता है। इससे खून दिल के बाएं से दाएं भाग में जाता है। सहायक प्रोफेसर (कार्डियोलॉजी) डॉ. अतुल कौशिक ने बताया कि इन दोषों को एक उपकरण का उपयोग करके बंद किया गया है।

इसका फायदा यह रहा कि बच्चों की ओपन हार्ट सर्जरी नहीं करनी पड़ी। एक बच्चे ने पहले दूसरे केंद्र में ओपन हार्ट सर्जरी करवाई थी, लेकिन ग्राफ्ट ऊतक के आधे पतन के कारण प्रक्रिया विफल हो गई। एनेस्थिसिया विभाग और सीटीवीएस के साथ कार्डियोलॉजी टीम द्वारा प्रक्रिया को अंजाम दिया गया।

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