बीमारी छिपा रहे लोग, ऐसा मत कीजिए:जोधपुर में संक्रमण दर 25%, लेकिन घर-घर सर्वे में 4.18 लाख की जांच में सिर्फ 2288 लोग ही निकले बीमार

जोधपुर.6 महीने पहले
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जोधपुर में चिकित्सा विभाग घर-घर स्क्रीनिंग करवा रहा है।- फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
जोधपुर में चिकित्सा विभाग घर-घर स्क्रीनिंग करवा रहा है।- फाइल फोटो

जोधपुर शहर में कोरोना संक्रमण पूरी तरह से बेकाबू हो चुका है। दिनों-दिन संक्रमितों की संख्या में रिकार्ड बढ़ोतरी हो रही है। मौतों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। दूसरी तरफ चिकित्सा विभाग घर-घर स्क्रीनिंग करवा रहा है। स्क्रीनिंग की संख्या को देख ऐसा लग रहा है कि लोग अपनी बीमारियों को छिपाने में लगे हैं। 82,422 घरों का सर्वे कर 4,18,364 लोगो की स्क्रीनिंग में सिर्फ 347 सामान्य सर्दी-जुकाम (आईएलआई) के मरीज सामने आए। वहीं, कोविड-19 के लक्षणों वाले 1941 लोगों के कोविड जांच के लिए सैम्पल लिए गए।

जोधपुर में बुधवार को 2220 संक्रमित मिले। साथ ही 44 संक्रमित अपनी जान गंवा बैठे। वहीं, 920 संक्रमितों को ही डिस्चार्ज किया जा सका। ऐसे में एक्टिव केस बढ़कर 19,642 तक जा पहुंचे। हाल यह है कि पिछले आठ दिनों में मौतों का आंकड़ा 224 तक पहुंच गया। अप्रैल के 28 दिन में अब तक 28,451 पॉजिटिव, 12,128 डिस्चार्ज और 337 मरीजों की जान जा चुकी है। जबकि जनवरी से अब तक 31,298 पॉजिटिव हुए हैं, 12,128 डिस्चार्ज हो चुके हैं, वहीं 371 की मौत हुई है। अब तक अप्रैल में 1 लाख 25 हजार 033 संक्रमितों की जांच जोधपुर जिले में हो चुकी है। अप्रैल माह में संक्रमण की दर 25 फीसदी बनी हुई है।

जिला प्रशासन व चिकित्सा विभाग लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन हालात दिनों दिन विकट होते जा रहे हैं। अब डोर टू डोर सर्वे पर ध्यान केंद्रित किया गया है। ताकि शुरुआती चरण में ही मरीज की पहचान हो सके और अस्पताल में भर्ती हुए बगैर समय रहते उनका इलाज किया जा सके। अप्रैल माह में शहर की संक्रमण दर 25 फीसदी बनी हुई है। यानि जांच कराने वाला हर चौथा आदमी संक्रमित निकल रहा है। लेकिन चिकित्सा विभाग की स्क्रीनिंग में यह संख्या बहुत कम पाई गई।

विभाग की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में 2534 स्वास्थ्य दलों द्वारा 82,422 घरों का सर्वे कर 4,18,364 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। स्क्रीनिंग में सिर्फ 347 सामान्य सर्दी-जुकाम (आईएलआई) के मरीज सामने आए। वही कोविड-19 के लक्षणों वाले 1941 लोगों की पहचान की गई। दोनों को मिला भी लिया जाए तो इतने बड़े दायरे में सिर्फ 2288 बीमार लोग ही सामने आए। जबकि आंकड़े अलग ही कहानी बयां कर रहे हैं। शहर में संक्रमण की दर के आधार पर देखा जाए तो लग रहा है कि लोग अपनी बीमारी के बारे में तथ्यों को विभाग की टीम से छुपा रहे हैं। इस कारण सही मायने में बीमारों की संख्या के बारे में पता नहीं चल पा रहा है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बलवंत मंडा ने बताया कि वर्तमान में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की वृद्धि को देखते हुए जिला प्रशासन के निर्देशन में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से डोर टू डोर सर्वे कर लोगों का स्वास्थ्य जांचा जा रहा है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि बुखार, सर्दी-जुखाम, खांसी एवं सांस लेने में तकलीफ होने आदि के लक्षण पाए जाने पर आप घबराएं नहीं नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर अपनी जांच कराएं। समय पर संक्रमण का पता चलने पर उपचार करने में सुविधा रहती है और संक्रमण के प्रसार की रोकथाम करने में सहायक रहता है।

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