पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Jodhpur
  • In Two And A Half Months, A Two And A Half Inch Pit Became Two And A Half Feet Wide; They Will Do The Same For The Line MES: Water Supply Department

जब सुध लेनी थी तो की अनदेखी:ढाई माह में ढाई इंच का गड्ढा हो गया ढाई फीट चौड़ा; लाइन एमईएस की, ठीक भी वे ही कराएंगे : जलदाय विभाग

जोधपुर9 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
पाली रोड पर न्यू कैंपस से पहले पानी की पाइप लाइन फूटी हुई है। क्षेत्रवासियों ने वाहन चालकों को बचाने के लिए इस गड्‌ढे पर बेरिकेड रख दिया है लेकिन बहते पानी के छींटों से बचने के लिए टू व्हीलर चालकों को कई कोशिशें करनी पड़ती हैं। कई बार चार पहिया वाहन निकलने पर आसपास से निकल रहे टू व्हीलर चालक और पीछे बैठने वालों के कपड़े भी गंदे हो रहे हैं। - Dainik Bhaskar
पाली रोड पर न्यू कैंपस से पहले पानी की पाइप लाइन फूटी हुई है। क्षेत्रवासियों ने वाहन चालकों को बचाने के लिए इस गड्‌ढे पर बेरिकेड रख दिया है लेकिन बहते पानी के छींटों से बचने के लिए टू व्हीलर चालकों को कई कोशिशें करनी पड़ती हैं। कई बार चार पहिया वाहन निकलने पर आसपास से निकल रहे टू व्हीलर चालक और पीछे बैठने वालों के कपड़े भी गंदे हो रहे हैं।
  • जोधपुर-पाली राजमार्ग, अब ठीक कराने की बजाय टालमटोल
  • लीकेज हुआ तब से कर रहे हैं शिकायतें, कोई नहीं आया, एक तरफ ट्रैफिक होने से बढ़ी समस्या

जोधपुर-पाली राजमार्ग पर नगर निगम 109 मीटर की नई सीवर लाइन बिछाकर 100 दिनों के बाद भी टूटी सड़क की मरम्मत नहीं कर पाया तो इसी सड़क पर जलदाय विभाग (पीएचईडी) पानी की पाइप लाइन का छोटा लीकेज दो माह बाद भी ठीक नहीं कर पा रहा है।

विभाग की अनदेखी के कारण पानी लीकेज से बना ढाई इंच का गड्ढा ढाई माह में ढाई फीट चौड़ा हो गया है। सफाई विंग ने बताया कि अगर लीकेज नहीं रुका तो सड़क के धंसने की संभावना है। निगम की सफाई विंग की लंबी शिकायताें के बाद आखिरकार जलदाय विभाग ने बुधवार काे इसकी सुध ली। इसके बाद विभाग ने पाइप लाइन काे एमईएस की बताते हुए लीकेज सुधारने के काम से हाथ खींच लिए। जलदाय विभाग के कर्मचारियाें ने कहा कि यह लाइन एमईएस वालाें की है और लीकेज काे सुधारने का काम भी वहीं करवाएंगे। एमईएस के अफसराें से इस संबंध में बातचीत नहीं हाे पाई, हालांकि जलदाय विभाग के अफसराें का कहना है कि उन्हाेंने एमईएस काे इसकी सूचना भिजवा दी है।

सड़क से हाे रहे पानी रिसाव के कारण यहां से गुजरने वाले दुपहिया वाहन चालकाें काे दिक्कताें का सामना करना पड़ रहा है। चार पहिया वाहनाें के गुजरने से पानी की छींटे गिरने आैर रात्रि में गड्ढ़े में गिरकर हादसे की आशंका बनी हुई है।

पीली टंकी स्थित निगम के सफाई विंग के कमल ओटवाल ने बताया कि जाेधपुर-पाली राजमार्ग पर भगत की काेठी स्टेशन के बाहर डिवाइडर से दूसरी तरफ की राेड से गुजरने वाली पाइप लाइन में दाे माह पूर्व लीकेज के कारण पानी निकलता नजर आया। तब लीकेज छाेटा हाेने से पता नहीं लगा। दाे सप्ताह पहले लीकेज एकाएक बढ़ गया। दूसरी तरफ 109 मीटर लंबी नई सीवर लाइन बिछाने के कारण तीन माह से सभी वाहन इसी राेड से हाेकर गुजर रहे हैं, ऐसे में यह समस्या बढ़ती रही। इसकाे लेकर जलदाय विभाग में शिकायत (1332) दर्ज भी करवाई। इसके बाद निरंतर शिकायत कर लीकेज सुधारने का आग्रह करता रहा, लेकिन विभाग शिकायत की लगातार अनदेखी करता रहा।

निगम ने 109 मीटर सड़क की मरम्मत करने के लिए जारी किया ~49 लाख का कार्यादेश
भगत की काेठी रेलवे स्टेशन के बाहर से लेकर पीली टंकी के पहले तक धंसी 109 मीटर लंबी सीवर लाइन बिछाने के बाद सड़क की मरम्मत के लिए 49 लाख रुपए का कार्यादेश बुधवार काे ठेका फर्म काे जारी कर दिया है। भास्कर में ‘पाली राेड एक साल में चाैथी बार धंसी’, और ‘2 लाख लाेग 109 मीटर राेड रिपेयर काे तरस रहे, तंगहाल निगम के 34 लाख रुपए मेयर-अफसराें के कमरे सजाने में खर्च हाे रहे’, शीर्षक से पूरे मामले काे उजागर करने के पश्चात निगम की सिविल विंग ने बुधवार काे 150 मीटर लंबी क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत के लिए 49 लाख रुपए का कार्यादेश ठेका फर्म विद्या कंस्ट्रक्शन कंपनी काे दिया है। निगम ने ठेका फर्म से जल्द काम शुरू कर लाेगाें काे राहत देने की बात कही है। जाेधपुर-पाली राजमार्ग पर पिछले एक साल में चार बार सीवर लाइन धंसने की घटना हाे चुकी है। हर बार निगम स्थाई समाधान करने की बजाय ‘कारी’ लगाकर काम चलाता आ रहा है।

खबरें और भी हैं...