सेना नहीं भूलती अपने जाबांजों को:वीर नारियों के हाथों कराया सैन्य अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट व आर्थोपेडिक वार्ड का उद्घाटन

जोधपुर7 दिन पहले
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कीर्ति चक्र विजेता हवलदार अमरसिंह की पत्नी भंवरी देवी ने लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन करते हुए। - Dainik Bhaskar
कीर्ति चक्र विजेता हवलदार अमरसिंह की पत्नी भंवरी देवी ने लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन करते हुए।

भारतीय सेना देश के लिए अपना बलिदान देने वाले अपने बहादुर सैनिकों व उनके परिजनों को कभी नहीं भूलती. इसकी बानगी जोधपुर में देखने को मिली। पश्चिमी राजस्थान में जोधपुर स्थित सेना के सबसे बड़े अस्पताल में नव निर्मित आर्थोपेडिक वार्ड व लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन सेना ने वीर नारियों से करवाया।

जोधपुर के सैन्य अस्पताल में आयोजित एक गरिमामय समारोह में कोणार्क कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल पीएस मिन्हास की उपस्थिति में वर्ष 2011 में कश्मीर घाटी में आतंकियों से मुकाबला करते हुए देश के लिए अपनी जान कुर्बान करने वाले शौय चक्र विजेता नायब सुबेदार लाल सिंह खींची की पत्नी ओम कंवर ने आर्थोपेडिक वार्ड का उद्घाटन किया। वहीं वर्ष 1981 में इंफाल में आतंकियों से मुकाबला करने के दौरान बहादुरी की मिसाल कायम कर अपने प्राण न्यौछावर करने वाले कीर्ति चक्र विजेता हवलदार अमरसिंह की पत्नी भंवरी देवी ने लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन किया। इस अवसर पर लेफ्टिनेंट जनरल मिन्हास ने सेना की मेडिकल टीम की तारीफ करते हुए कहा कि कोरोना काल में सभी ने मिलकर बेहतरीन कार्य किया।

सबसे बड़ा है सैन्य अस्पताल

जोधपुर में स्थित सैन्य अस्पताल की क्षमता 490 बेड की है। मल्टी स्पेशियलिस्ट इस अस्पताल में जोधपुर के अलावा उदयपुर, माउंट आबू, बाड़मेर, जैसलमेर और पोकरण क्षेत्र से सैनिक अपना इलाज कराने आते है। पूव4 सैनिकों को भी यहां इलाज की सुविधा मिलती है। कोणार्क कोर का यह अकेला ऐसा अस्पताल है जहां आर्थोपेडिक सर्जन की सुविधा भी उपलब्ध है। हड्‌डी से जुड़े मरीजों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रख कोणार्क कोर के सहयोग से इस अस्पताल में पुराने वार्ड में सुधार कर उसकी क्षमता को बढ़ाते हुए कई तरह की सुविधाएं जुटाई गई है। वहीं लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट में छह हजार लिक्विड ऑक्सीजन से 51.60 लाख लीटर ऑक्सीजन मिल सकेगी।

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