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मास्टर प्लान-2031, मास्टर स्ट्रोक:आसान हुए ‘लैंड यूज चेंज’ से होगी आय, हेल्थ-कॉर्पोरेट-टूरिज्म व स्पोर्ट्स सिटी बनेंगी, 3 जोन में होगा शहर, सबमें अलग नियम

जोधपुर2 महीने पहले
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मास्टर डवलपमेंट प्लान-2031 को जेडीए ने मंजूरी दे दी है। - Dainik Bhaskar
मास्टर डवलपमेंट प्लान-2031 को जेडीए ने मंजूरी दे दी है।
  • शहरी सीमा 40 किमी कर 5 पॉलिसी जोन में बांटा

वर्ष 2031 तक शहर की दशा और दिशा तय करने वाले मास्टर डवलपमेंट प्लान-2031 को जेडीए ने मंजूरी दे दी है। इस मास्टर प्लान में जेडीए ने मास्टर स्ट्रोक खेलते हुए इसे 5 पॉलिसी जोन में बांटा है। इसके साथ ही इसमें डवलपमेंट कंट्रोल रेगुलेशन (डीसीआर) भी लाया गया है। डीसीआर में नियमों का सरलीकरण करते हुए कुछ पैमाने तय कर दिए, जिससे लैंड यूज चेंज की जरूरत नहीं रहेगी।

इससे ग्रुप हाउसिंग, लैब एवं डायग्नोस्टिक सेंटर, पेट्रोल पंप सहित अन्य मामलाें में लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। इस मास्टर प्लान में शहर की कम चौड़ी सड़कों पर मिक्स लैंड यूज की व्यवस्था भी है, जिससे नियमन में आसानी होगी। इसका सबसे बड़ा उदाहरण सरदारपुरा क्षेत्र है, जहां आज भी कॉमर्शियल नियमन की फाइलें लंबित पड़ी हैं। मास्टर प्लान में प्रमुख सड़कों पर विशिष्ट योजना क्षेत्र प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें जोधपुर-नागौर रोड को इंस्टीट्यूशनल हब के रूप में विकसित किया जाएगा।

बाड़मेर रोड को कॉर्पोरेट पार्क के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें सालावास से अप टू पाली-जोधपुर रेलवे लाइन (साउथ में) 5-10 किमी एरिया में नया औद्योगिक क्षेत्र प्रस्तावित किया गया है। रोहट में फ्रेट कॉरिडोर एवं पचपदरा में रिफाइनरी को देखते हुए भविष्य में आईटी व कॉर्पोरेट कंपनियों के आने के मद्देनजर जगह प्रस्तावित की गई है। यहां नया ट्रांसपोर्ट हब तैयार होगा।

जैसलमेर रोड को टूरिज्म एवं फेस्टिवल पर केंद्रित योजनाओं व गतिविधियों के हिसाब से विकसित किया जाएगा। वहीं प्रस्तावित जोजरी रिवर फ्रंट के समीप (जोन पूर्व) स्पोर्ट्स सिटी के रूप में विकसित करना प्रस्तावित है। इसमें भी डीसीआर का प्रावधान करने से लैंड यूज के लिए परेशानी नहीं होगी। जोधपुर-जयपुर रोड पर आवासीय के साथ मिक्स लैंड यूज होने से यहां आवासीय के साथ कॉमर्शियल, औद्योगिक गतिविधियों का भी नियमन हो सकेगा।

U1_मास्टर प्लान-2023; इसमें सिर्फ नगरीकरण वाले इलाके में ही जमीन का यूज दिया गया था
इसमें 10 एरिया व 81,035 हेक्टेयर क्षेत्र
नगरीय क्षेत्र 1 का क्षेत्रफल 81035.90 हेक्टेयर है। शहर के परकोटा व समीप बाहरी निर्मित 11 योजना क्षेत्र को इसमें शामिल किया गया है। सरदारपुरा, बासनी, चौपासनी, पाल, सांगरिया, छावनी, मंडोर, करवड़, बनाड़ और भाकरासनी योजना क्षेत्र को शामिल किया है।

U2_पैरीफेरी बेल्ट (2023); 2023 के पैरीफेरी बेल्ट को वर्ष 2031 तक के मास्टर प्लान में यू-2 में रखा है।

इसमें 44,831 हेक्टेयर क्षेत्र, यह यू-1 का बफर जोन होगा

नगरीय क्षेत्र यू-1 से सटी भौतिक सीमा इसका बफर जोन है। क्षेत्रफल 44831.02 हेक्टेयर है। जोधपुर नगरीय क्षेत्र में सम्मिलित राजस्व ग्रामों में भविष्य में विकसित होने वाली योजनाओं तथा जेडीए के कार्यक्षेत्र को दृष्टिगत रखते हुए प्रस्तावित किया गया है।

U3_यह यू-2 के आगे (पैरिफेरी बेल्ट) ;एनएच और कॉरिडोर जोन में रोड के दोनों तरफ एक-एक किमी पैरामीटर में होगा

19,994 हेक्टेयर, एनएच के दोनों ओर 1-1 किमी एरिया

इसमें परिवहन के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग के मार्गाधिकार एवं 30-30 मीटर वृक्षारोपण पट्‌टी, सड़क के दोनों और छोड़ने के पश्चात दोनों तरफ 1000-1000 मीटर का बफर जोन बनाना प्रस्तावित है। इसका क्षेत्रफल 19994.69 हेक्टेयर है।
शहर का ग्रोथ इंजन; जिले की सीमाओं तक फैला जेडीए, नियम सरलीकरण से कॉमनमैन को आसानी, विकास तेजी से हाेगा

जेडीए के 4 जोन चारों में बनेगी एक-एक खास सिटी

पश्चिम जोन: टूरिज्म-फेस्टिवल सिटी
करीब 3270.09 हेक्टेयर में बनाई जाएगी। पर्यटन स्थल जैसलमेर के लिए लोग इसी रास्ते से जाते हैं, उसके मद्देनजर इसे विकसित किया जाएगा। पर्यटकों के लिए सुविधा क्षेत्र बनाए जाएंगे।
पूर्व जोन स्पोर्ट्स सिटी
यह 1205.36 हेक्ट. जमीन पर सरदारसमंद रोड पर बनाई जाएगी। इसमें राज्य, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिताएं हो सकेंगी। खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय सुविधा मिलेंगी।

दक्षिण जोन कार्पोरेट पार्क
यह 2918.63 हेक्टेयर में बनाया जाएगा। इसमें कॉरपोरेट, आईटी पार्क, जैव प्रौद्योगिकी पार्क, अनुसंधान एवं विकास केंद्र, प्रदर्शनी केंद्र और होटल्स आदि होंगे।

उत्तर जोन: नॉलेज व हेल्थकेयर सिटी
यह नागौर रोड पर 4075.20 हेक्टेयर में बनाई जाएगी। मौजूदा बड़े शैक्षणिक संस्थानों को इसी जोन में शामिल किया गया है। भविष्य में और कई संस्थानों के स्थापना होनेे एवं उनसे संबंधित अन्य शिक्षण संस्थान, इंटरमीडिएट स्कूल, काॅलेज, विश्वविद्यालय, कोचिंग सेंटर, प्रोफेशनल काॅलेज, आईटी से संबंधित संस्थान, तकनीकी संस्थान, मेडिकल संस्थान, मेडिकल से संबंधित अन्य चिकित्सालय, नर्सिंग होम, इत्यादि को भविष्य में इस क्षेत्र में विकसित किया जा सकेगा।

जेडीए व निगम की आय भी बढ़ेगी
मास्टर प्लान-2031 के अनुमोदन के पश्चात अब जोधपुर शहर का सुनियोजित विकास तो होगा ही, जोधपुर विकास प्राधिकरण सहित अन्य निकायों, जैसे की नगर निगम आदि की आय में भी बढ़ोत्तरी होगी। नियमों के सरलीकरण से सामान्य जनता को भी बड़ी राहत मिलेगी। मास्टर प्लान के अटकने से पिछले 8-9 सालों से जोधपुर विकास प्राधिकरण को रेवेन्यू का एक बड़ा हिस्सा नहीं मिल पा रहा था। आथिक उपलब्धता नहीं होने से विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे थे। अब नए मास्टर डवलपमेंट प्लान के आने के बाद कुल 395 गांवों के भू-उपयोग के निर्धारण से अब योजनाओं को पंख लगेंगे।

शहर चारों दिशा में प्रगति करेगा। इसी उद्देश्य से हर दिशा में कम से कम एक विशेष सिटी भी दी गई है। इसके साथ ही जिन क्षेत्रों में पट्‌टे नहीं मिल पाते थे, वहां भी भूखंड स्वामी को अपनी जमीन का पट्‌टा मिलने लगेगा। शहर का विस्तार होने, विभिन्न प्रोजेक्ट्स आने और विभिन्न अनुमतियों के शिथिलता से पूरी संभावना है कि जोधपुर विकास प्राधिकरण की आय में भी बढ़ोत्तरी होगी। ऐसा ही फायदा नगर निगम को भी मिलेगा।

तिंवरी, निंबला, दांतीवाड़ा व आगोलाई तक होगी शहरी सीमा
नए मास्टर प्लान में जोधपुर शहर से अन्य शहरों की ओर निकलने वाले मार्गों पर शहर का दायरा दस किलोमीटर बढ़ाया गया है। वर्ष 2003-2023 के मास्टर प्लान में शहरी सीमा सिर्फ 10 से 12 किमी था, लेकिन अब यह बढ़कर 40 किमी हो गया है। जेडीए का दायरा जोधपुर जिले की आसपास के जिलों से लगती सीमा तक कर दिया गया है। पाली रोड पर निबंला, जयपुर रोड पर दांतीवाड़ा, नागौर रोड पर निंबाडिया, जैसलमेर रोड पर आगोलाई व बाड़मेर रोड पर धवा तक जेडीए का क्षेत्राधिकार तय किया गया है। फलौदी रोड पर यह सीमा तिंवरी तक निर्धारित की गई है।

भू उपयाेग काे जरूरत मुताबिक बदले जाने का प्रावधान
मास्टर प्लान में कुल 395 गांवों को जेडीए के अधीन किया है। 72 राजस्व गांव पहले से ही जुड़े हुए हैं। नए प्लान का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि इसमें निर्धारित योजनाओं और भू-उपयोग को समय-समय पर जरूरत के मुताबिक बदले जाने का प्रावधान है। पूर्व में लागू दो मास्टर प्लान में एक बार भी किसी जमीन का योजना विशेष के लिए निर्धारण कर दिए जाने के बाद बदलाव का प्रावधान नहीं था।

इससे मास्टर प्लान के इतर कोई योजना बनाई गई तो भूमि अवाप्ति सहित कई अड़चनें आईं। अब डीसीआर का भी प्रावधान करने से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। इसके पहले मास्टर प्लान में विसंगतियां होने से कई मामलों में लोग अदालतों में चले गए और वे आज तक लंबित हैं।
-एसएच संचेती, (यूडीएच विभाग के प्लानिंग विभाग में तकनीकी सलाहकार व चीफ कॉर्डिनेटर रहने के साथ जोधपुर जेडीए के मास्टर प्लान-2031 का ड्राफ्ट बनाने में अग्रणी रह चुके हैं)

डवलपमेंट के राेडमैप के साथ आर्थिक विकास पर भी ध्यान-
नए मास्टर प्लान में आर्थिक विकास को ध्यान में रखकर पाल व पाली रोड के बीच कॉर्पोरेट पार्क का प्रस्ताव दिया गया है। इसमें केवल गैर-निर्माण कार्यकलापों जैसे कॉर्पोरेट ऑफिस, आईटी पार्क, जैव-प्रौद्योगिकी पार्क, अनुसंधान व विकास केंद्र, प्रदर्शनी केंद्र, उच्च स्तर के होटल विकसित किया जाना प्रस्तावित है। जोधपुर संभाग मुख्यालय और मुख्यमंत्री का गृहक्षेत्र होने से मास्टर प्लान के अनुमोदन से सुनियोजित विकास की परिकल्पना अब साकार होगी। पुराने दोनों मास्टर प्लान में विकास की सिर्फ परिकल्पना की जाती थी, लेकिन नए प्लान में डवलपमेंट का रोड मैप भी बनाया गया है। यानी यह तय है कि शहर के किस इलाके में किस तरह का विकास होगा।
-आरके विजयवर्गीय, चीफ टाउन प्लानर, टाउन प्लानिंग, जेडीए जयपुर (जोधपुर जेडीए के मास्टर डवलपमेंट प्लान के बनाने में अग्रणी रहे)

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