साइबर अपराध से बचाव को सेमिनार:साइबर हमलों के मामले में जापान के बाद भारत दूसरे स्थान पर, सजगता ही सबसे बड़ा हथियार- अमृता

जोधपुर2 महीने पहले
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ऐश्वर्या कॉलेज में साइबर अपराध से बचाव के लिए आयोजित सेमिनार में उपस्थित श्रोता। - Dainik Bhaskar
ऐश्वर्या कॉलेज में साइबर अपराध से बचाव के लिए आयोजित सेमिनार में उपस्थित श्रोता।

नेशनल सिक्योरिटी डेटाबेस से अधिकृत इंटरवेंशन ऑफिसर अमृता एस दूदिया का कहना है कि भारत 2020 में एशिया पैसिफिक में जापान के बाद दूसरा ऐसा देश रहा है,जहां उसे सबसे अधिक साइबर हमलों का सामना करना पड़ा है। वर्ष 2020 में क्षेत्र में हुए कुल साइबर हमलों में से भारत में सात प्रतिशत हमले दर्ज किए गए। इस बात का खुलासा आईबीएम की रिपोर्ट में किया गया है।

दूदिया जोधपुर के सामाजिक संगठन सत्यमेव जयते सिटीजन सोसाइटी और इंस्टीट्यूट ऑफ लीडरशिप एंड स्किल डेवलपमेंट की ओर से जोधपुर के ऐश्वर्या कॉलेज में आयोजित सेमिनार को मुख्य वक्ता के रूप में सम्बोधित कर रही थी। सेमिनार के प्रारम्भ में सत्यमेव जयते सिटीजन सोसायटी की अध्यक्ष विमला गट्टानी ने बताया कि, लगातार बढ़ते साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए अब तक विभिन्न कॉलेजों में सैकड़ों विद्यार्थियों को जागरूक करने का कार्य किया जा चुका है। यह अभियान कॉलेजों के बाद अब स्कूलों में भी चलाया जाएगा।

अमृता ने विद्यार्थियों से कहा कि,जागरूकता मात्र से 90 प्रतिशत बचाव साइबर क्राइम से किया जा सकता है। खुद की सावधानी व सजगता साइबर अपराध से बचने का सबसे बड़ा हथियार होता है। जब हम अपनी जमा पूंजी या महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंटस को जब सम्भाल कर रखते हैं तो कम्प्यूटर में किसी भी एप्लिकेशन या वेबसाइट द्वारा मांगी जाने वाली जानकारी नहीं देंगे, तो साइबर अपराध से बचने में मदद मिलेगी। साइबर क्राइम रिपोर्टिंग और डिजिटल वेलबींइग के बारे में दूदिया ने बताया कि, जागरूकता कार्यक्रम यदि आगे से आगे फैलाया जाए तो लोगों की जानकारी में इजाफा होगा और वे साइबर अपराध से बचने के लिए प्रेरित होंगे।

कॉलेज के चेयरमैन भूपेंद्र सिंह राठौड़ ने सन्देश दिया कि साइबर अपराधों से बचने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाना समय की जरूरत है। हर व्यक्ति को चाहिए कि वह किसी भी तरह की जानकारी बिना सोचे समझे मैसेज, वेबसाइट या फोन के जरिए मांगी जाने पर किसी के साथ शेयर नहीं करें। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ ऋषि नेपालिया ने कहा कि साइबर अपराध से बचने के लिए जागरूक रहते हुए खुद का बचाव खुद करें और आगे से आगे बताएं कि किस तरह से लगातार साइबर अपराध बढ़ रहे हैं और आसानी से किसी को भी शिकार बनाया जा सकता है।