इंदिरा रसोई में भी रिश्वत:बिल पास करने के नाम पर ले रहे थे पैसे, पोल खुली तो फरार हुए कैशियर व बाबू

जोधपुर6 महीने पहले
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जोधपुर नगर निगम कार्यालय। - Dainik Bhaskar
जोधपुर नगर निगम कार्यालय।

जोधपुर के नगर निगम में बगैर पैसे दिए आमजन के काम नहीं होते है। निगम में रिश्वत लेकर काम करने के मामले लगातार सामने आते जा रहे है। ताजा मामले में रिश्वतखोरी का काला साया इंदिरा रसोई तक पहुंच गया है। नगर निगम दक्षिण के कैशियर ओमप्रकाश विश्नोई व बाबू गुलाब मोहम्मद ने योजना के बिल पास करने की एवज में एक ठेकेदार से घूस मांगी। ठेकेदार ने समझदारी से काम लेकर दोनों का भांडा फोड़ दिया। उसने दोनों को निगम परिसर में ही ऐसी जगह रिश्वत दी जहां सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे। रिश्वत देने के बाद वह एसीबी पास पहुंचा और सबूत के तौर पर सीसीटीवी से फुटेज लेने का आग्रह किया।

इस पर एसीबी के साथ ही नगर निगम दक्षिण प्रशासन भी एकाएक हरकत में आ गया। इधर, इसकी भनक लगते ही कैशियर व बाबू मोबाइल बंद कर गायब हो गए। इसके बाद सीसीटीवी में कैद घूस लेने की तस्वीरों को खंगाला तो शिकायत की प्रथम दृष्टया पुष्टि हो गई। इस पर आयुक्त दक्षिण अरुण कुमार पुरोहित ने कैशियर ओमप्रकाश विश्नोई व बाबू गुलाब मोहम्मद के खिलाफ जांच शुरू कर उन्हें पद से हटा दिया। दोषी पाए जाने पर दोनों को सस्पेंड किया जाएगा। वहीं एसीबी ने इस बारे में मामला दर्ज करने की तैयारी कर ली है।

मामला पीपाड़ के इंदिरा रसोई का है। वहां 8 रुपए में भोजन देने वाले एक इंदिरा रसोई को चलाने वाली ठेका फर्म के तुलसीराम ने 60-70 हजार रुपए के लंबित बिल को पारित करवाने के लिए कैशियर ओमप्रकाश विश्नोई व बाबू गुलाब मोहम्मद से संपर्क किया। इसको लेकर दोनों ने तुलसीराम को खूब चक्कर कटवाए। फिर घूस की मांग की। थक हारकर वह नगर निगम मुख्यालय पहुंचा। कैशियर व बाबू को घूस की राशि देने के लिए बुलाया। उसने यह राशि दी वहां सीसीटीवी कैमरे भी थे। तुलसीराम को यह पहले से पता था। फिर एसीबी से शिकायत की। एसीबी के अधिकारी निगम मुख्यालय पहुंचे और सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई तस्वीरें जुटाकर अपने साथ लेकर गए। अब एसीबी दोनों आरोपियों की तलाश में जुटी हैं।

7 माह में घूस का तीसरा मामला

मैरिज पैलेस संचालक से मांगे 10 हजार

सात माह पहले नगर निगम दक्षिण के एक सफाई प्रभारी ने रिश्वत पाने के लिए आपदा में अवसर ढूंढ़ निकाला। कोरोना काल में मैरिज प्लेस में होने वाली शादियों को लेकर कोरोना गाइडलाइन की पालना के लिए तंग करने लगा। उसने इसके एवज में हर शादी के 10 हजार रुपए देने की मांग की। एसीबी में शिकायत के बाद सफाई प्रभारी सुरेंद्र बारासा को रिश्वत के 2 हजार रुपए लेते पकड़ा था।

इमारत सीज मुक्त करने एक लाख लिए

बोम्बे मोटर्स के समीप बस स्टैंड के समीप एक व्यावसायिक इमारत को सीज कर दिया गया था। इस इमारत को सीज मुक्त करने की एवज में निगम दक्षिण के अतिक्रमण अवज्ञा शाखा (डीओ) के बाबू चंद्रजीत हंस पुत्र जितेंद्र हंस व दलाल मोहम्मद जाहिद ने एक लाख रुपए की रिश्वत ली। एसीबी ने आरोपियों को ट्रेप कर रंगे हाथों पकड़ लिया था।

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