• Hindi News
  • Local
  • Rajasthan
  • Jodhpur
  • Interim Order Given To Retain ANM Appointed In National Urban Health Mission, Notice Issued To State Government, CMHO And RCMHO Nagaur, Called For Reply In Six Weeks

CMHOऔर RCMHO नागौर को नोटिस जारी:राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन में नियुक्त एएनएम को सेवा में बनाए रखने का दिया अंतरिम आदेश, राज्य सरकार, CMHO और RCMHO नागौर को नोटिस जारी

जोधपुर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
जोधपुर कोर्ट फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar
जोधपुर कोर्ट फाइल फोटो।

बजट के अभाव में संविदा सेवा से बर्खास्त करने पर हाइकोर्ट में रिट याचिका लगाई। इस पर सुनवाई करते हुए याची को सेवा में बनाए रखने का अंतरिम आदेश दिया गया। याचि चिकित्सा विभाग के राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन में एएनएम के पद पर नियुक्त थी। जिसे बिना किसी लिखित आदेश के संविदा सेवा में आने से इंकार कर दिया।

याचि सीएमएचओ नागौर के अधीन कार्यरत है। बताया गया की नागौर सीएमएचओ बजट के अभाव में याचिकाकर्ता को सेवा नहीं देने का कहा जबकि उसी पद पर संविदा से नई भर्तियां भी चल रही है। इस पर याचिकाकर्ता रुकमणी गुजर ने कोर्ट में रिट याचिका दायर की । जिस पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट जस्टिस अरुण भंसाली की एकलपीठ ने राज्य सरकार सहित सीएमएचओ नागौर और आरसीएचओ नागौर को नोटिस जारी करते हुए छह सप्ताह में जवाब तलब किया है।। साथ ही राज्य सरकार को याची को सेवा में बनाए रखने का भी अंतरिम आदेश दिए हैं।

याचिकाकर्ता के अधिवक्ता यशपाल ख़िलेरी ने बताया किNMUH योजना के अधीन ANM महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता पद पर निदेशक (RCH), चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, जयपुर के अनुमोदन के पश्चात जिला प्रजनन एवम शिशु स्वास्थ्य आधिकारी एवम सीएमएचओ नागौर द्वारा आदेश पर 31.अगस्त 2019 से नियुक्त थी। तब से लगातार अपनी संतोषप्रद सेवाएं दे रही थी लेकिन बिना किसी लिखित आदेश के याची को संविदा सेवा में आने से इंकार कर दिया। कहा जा रहा है कि बजट का अभाव है।

याची की ओर से बताया गया कि एक तरफ CMHO नागौर द्वारा बजट का अभाव बताकर मौखिक रूप से सेवा में नहीं आने का कहा जा रहा और दूसरी ओर सीएमएचओ नागौर द्वारा समान एनयूएचएम योजना में उसी संविदा पद पर नई भर्ती की जा रही है, ऐसे में CMHO और RCMHO नागौर द्वारा मनमाना व्यवहार किया जा रहा है और 4 नए पदों पर भर्ती भी कर ली है।।राज्य सरकार संभावित कोविड -19 महामारी की तीसरी लहर को लेकर पुरी तैयारी भी कर रही है( जिसमें महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता की अहम भूमिका होती है ऐसे में वस्तु स्थिति के बारे मे जाने बिना याची की सेवाएं मौखिक रूप से समाप्त करना अवैध और असंवैधानिक है।

खबरें और भी हैं...