LIVE @ Beauty Parlour / ऑपरेशन थिएटर नहीं, यह ब्यूटी पार्लर ही है

It is a beauty parlor, not an operation theater
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It is a beauty parlor, not an operation theater

  • अब ऐसी है महिलाओं की पसंदीदा जगह: जहां घंटों बिताती थीं, आज रुकने से डर रहीं
  • कोरोना के बाद यूं बदल गया है सैलून और पार्लर का सीन

दैनिक भास्कर

May 30, 2020, 05:56 AM IST

जोधपुर. करीब ढाई महीने पहले सुकून के पल महसूस करने के लिए महिलाएं ब्यूटी पार्लर पहुंचती थीं ताकि ट्रीटमेंट के साथ कुछ गपशप भी हो जाए लेकिन अब ऐसा नहीं है। लॉकडाउन 4 में छूट मिलने के बाद ब्यूटी पार्लर और सैलून खुलने लगे हैं। जहां ट्रीटमेंट तो मिल रहा है सुकून महसूस नहीं हो रहा।

शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे अनामिका क्लीनअप और हेयर कट कराने के लिए सरदारपुरा स्थित पार्लर पहुंचीं। उन्होंने प्री बुकिंग रखी थी। अंदर घुसते ही पीपीई किट, फेस कवर मास्क, ग्लव्ज पहने स्टाफ ऐसे इंतजार करता मिला मानो थिएटर में पेशेंट का इंतजार कर रहे हों। उनका फेवरेट स्टाफ मेंबर इंतजार कर रहा था।

टेंपरेचर लेकर हाथ सेनिटाइज कराए, खुद हाथ सेनेटाइज किए, मास्क लगाकर चेयर पर बिठा दिया। कोई खास बातचीत नहीं हुई। 30 मिनट तक खामोशी के बीच हेयर कट और क्लीनअप हो गया। बाहर निकलते हुए अनामिका बोलीं, आज तो मजा ही नहीं आया। बोर हो गईं। यानि शहर के सभी पार्लर में भीड़-भाड़, चहल-पहल, चिल्लपों और किस्सागोई फिलहाल बंद है। 

  • 550 से ज्यादा सैलून और ब्यूटी पार्लर हैं शहर में
  • 5-10 परसेंट कस्टमर ही आ रहे हैं अभी
  • 20 परसेंट से ज्यादा कॉस्ट बढ़ी है सेफ्टी के उपाय बनाए रखने में

यूं बदल गया है सैलून और पार्लर का सीन
पहले

1. कस्टमर भीड़ देखकर खुश होते थे।
2. वेटिंग पीरियड में मैग्जीन के साथ सर्व किए जाते थे चाय-काॅफी
3. हेयर स्टाइल और ब्यूटी ट्रीटमेंट के सैंपल दिखाने की करते थे डिमांड
4. स्टाफ से खूब बतियाते थे
5. पार्लर और सैलून भरा-भरा रहता था, स्टाफ को फुर्सत नहीं मिलती थी।

अब

1.  पूछ रहे हैं कि भीड़ ताे नहीं है।
2. चाय-काॅफी तो दूर, पानी भी नहीं पी रहे कस्टमर, मैग्जीन भी हटा दी
3. कोई डिमांड नहीं, बेसिक हेयर कट और ट्रीटमेंट ही प्रिफर कर रहे
4. कोई बातचीत नहीं कर रहे अभी।
5. प्री-बुकिंग से चुनिंदा कस्टमर ही ले रहे। खाली-सा दिख रहा है पार्लर।

कस्टमर्स में डर नहीं, पर सवाल हैं खूब

  • पहले 10 मिनट मैग्जीन देखने और बातचीत में निकल जाते थे। यहां टाइम स्पेंड करना अच्छा लगता था लेकिन आज तो यहां बैठना अच्छा नहीं लग रहा। सोच रही हूं कि कितनी जल्दी सर्विस पूरी हो और निकल जाऊं। 

- चंद्रा छाजेड़, कस्टमर

  • करीब दो महीने बाद पार्लर आई हूं। अंदर आते ही लगा मानो ऑपरेशन थिएटर में आ गई हूं। इतना खाली पार्लर तो पहली बार देखा तो घबरा-सी गई। मास्क, किट और ग्लव्ज पहनकर ट्रीटमेंट कर रहे हैं। अच्छी बात है पर वो फील नहीं आया। - बिंदू

पीपीई किट-ग्लव्ज पहनकर फेशियल करना मुश्किल: ब्यूटी एक्सपर्ट

एक्सपर्ट कुंजल रावल ने बताया, पीपीई किट, ग्लव्ज पहनकर सर्विस करना मुश्किल है। किट में काम करने के लिए टेंप्रेचर 17 से 18 डिग्री रख रहे हैं। जागृति आसनानी के अनुसार ग्लव्ज पहनकर फेशियल या चेहरे पर मसाज करने में दिक्कत आ रही है पर सेफ्टी भी जरूरी है। गीताजंलि सोनी के अनुसार परेशानी तो हो रही है इसलिए अभी लिमिटेड सर्विसेज भी दी जा रही है ताकि काम न रुके।

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