एनओसी मिलने के बाद भी खत्म नहीं हुई थी अड़चन:केके कॉलोनी के पट्टे देने के लिए जेडीए ने सरकार से मांगा मार्गदर्शन

जोधपुरएक महीने पहले
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जोधपुर विकास प्राधिकरण ने नगरीय विकास विभाग को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा है। - Dainik Bhaskar
जोधपुर विकास प्राधिकरण ने नगरीय विकास विभाग को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा है।

जोधपुर विकास प्राधिकरण की ओर से केके कॉलोनीवासियों को पट्‌टा देने के लिए अब नगरीय विकास विभाग को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा है। जेडीए सचिव की ओर से पत्र 12 अक्टूबर को लिखा गया। दरअसल, राजस्व गांव कुड़ी भगतासनी के खसरा नंबर 5, 421/5, 8 व 10 एवं अन्य खसरान का अंतिम अवार्ड 6 अगस्त 1994 को राजस्थान आवासन मंडल की ओर से 298.05 बीघा भूमि अवाप्त की गई थी। उक्त अवाप्त भूमि के खसरा नंबर 5, 421/5, 8 व 10 में आबाद केके कॉलोनी में निर्मित 131 पक्के मकानों के कारण मंडल कब्जा नहीं ले सका।

मंडल की ओर से अवाप्त खसरा 5, 421/5, 8 व 10 के खातेदारों द्वारा मुआवजा नहीं लेने के फलस्वरूप मंडल ने उक्त राशि न्यायालय में 2007 में जमा करवा दी थी। केके कॉलोनी के निवासियों द्वारा उक्त खसरों में जोधपुर विकास प्राधिकरण को समय-समय पर पट्‌टे जारी करने का निवेदन किया। इस संबंध में मंडल ने 2018 को केके कॉलोनी में सशर्त नियमन करने के लिए एनओसी जारी कर दी थी। एनओसी में गृह निर्माण सहकारी समितियों की ओर से सृजित कॉलोनियों का मंडल के नक्शे पर आच्छादन एवं उनका भौतिक सत्यापन करने की शर्तों को भी निस्तारण कर दिया गया।

नगरीय विकास विभाग एवं मंडल के आदेशानुसार अवाप्तशुदा भूमि एवं अन्य राजकीय भूमि के नियमन के लिए निर्धारित दरों का निर्धारण प्रचलित आवासीय आरक्षित दर का 25 प्रतिशत या 2000 रुपए प्रति वर्ग गज, जो भी अधिक हो, देय होगी पर आबाद केके कॉलोनी के निवासियों ने पत्र लिखकर अवाप्तशुदा खसरों को अवाप्ति से मुक्त कर पट्‌टे जारी करने का निवेदन किया गया ताकि यहां सामान्य दरों के अनुसार राशि लेकर पट्‌टे बांटे जा सकें। गौरतलब है कि वर्तमान दरों के हिसाब से केके कॉलोनीवासियों को ढाई से 5 लाख रुपए पट्‌टे के देने पड़ सकते हैं इसलिए कॉलोनीवासियों ने जेडीए में पत्र लिखकर दरें कम करने की मांग की थी।

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