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सड़क पर चौड़े आई कांग्रेस की खींचतान:नेहा व मुन्नी को समझाने में लीला को आया जोर, बगावत को भांप नहीं पाए रणनीतिकार, गहलोत ने फटकारा

जोधपुर17 दिन पहले
जिला प्रमुख पद का नामांकन दाखिल करने वाली नेहा को समझाती हुईं लीला मदेरणा। इसके बाद मुन्नी देवी, नेहा और लीला तीनों एक साथ कार में निकल गईं।

जिला प्रमुख चुनाव में कांग्रेस में हुई बगावत को थामने में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सिपहसालारों का पसीना निकल आया। गहलोत ने जिन लोगों पर भरोसा कर जोधपुर भेजा वे बगावत को भांप ही नहीं पाए। पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के अलावा तीन अन्य के नामांकन ने कांग्रेस की रणनीति की पोल खोल कर रख दी। कांग्रेस की राजनीति पूरी तरह से सड़क पर चौड़े आ गई। लीला व दिव्या मदेरणा नामांकन दाखिल करने वाले नेहा व मुन्नी के सामने मिन्नतें करती नजर आईं।

जोधपुर जिला प्रमुख चुनाव में कांग्रेस की ओर से लीला मदेरणा के नाम की घोषणा होने के बाद मुन्नी देवी गोदारा, नेहा चौधरी और लीला देवी ने निर्दलीय नामांकन भरा है। यह तीनों भी कांग्रेस उम्मीदवार है। ऐसे में लीला मदेरणा, नेहा चौधरी और मुन्नी देवी के बीच क्रॉस वोटिंग का डर सताने लगा है। यह तय है कि जोधपुर का जिला प्रमुख क्रास वोटिंग से ही होगा। लेकिन इस बीच नामांकन के बाद तीनों का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें लीला मदेरणा, मुन्नी देवी और नेहा एक हाईवे पर मिली। यहां लीला मदेरणा ने जब नेहा के नामांकन भरने पर आपत्ति जताई तो नेहा बोली-मैं एहसान फरामोश नहीं कांंग्रेस की कार्यकर्ता हूं। आपकी बेटी की तरह ही हूं और पार्टी के कहने पर ही नामांकन भरने आई हूं। इस बीच हाईवे पर इन तीनों के बीच कुछ देर तक बातचीत का दौर चलता है। इतना कहने के बाद लीला व नेहा मुन्नी देवी गोदारा के साथ एक गाडी में बैठ कर निकलती नजर आई।

लीला की अपने पक्ष में मनाने की कोशिश जारी

नामांकन वापस लेने के नाम पर जब सहमती नहीं बनी तो लीला, नेहा चौधरी और मुन्नी को अपने पक्ष में मनाती नजर आई। हालांकि दोनों ने यह कहकर नामांकन वापस नहीं लिया कि वह ट्रेफिक में फंस गई थी। ऐसे में लीला मदेरणा अपने पक्ष में वोटिंग करने के लिए दोनों को मनाने में लगी है। क्योंकि यह तय है कि क्रॉस वोटिंग होते ही तीनों को नुकसान पक्का है।

नेहा का पहला चुनाव, निर्विरोध जीत कर आईं

अंदरखाने यह बात सामने आ रही है कि नेहा चौधरी का भी पलड़ा भारी नजर आ रहा है। यदि लीला मदेरणा व मुन्नी देवी के लिए क्रॉस वोटिंग होती हैं तो इसका फायदा नेहा चौधरी को मिल सकता हैं। नेहा चौधरी पहली बार जिला परिषद का चुनाव लड़ा था और वे निर्विरोध जीतीं थी। युवा और नया चेहरा होने से जिला प्रमुख बनने की अटकलें भी तेज हो गई है।

सीएम ने जताई नाराजगी

एक साथ चार प्रत्याशियों के नामांकन दाखिल करने को गहलोत ने बहुत गंभीरता से लिया। उन्होंने पार्टी के जोधपुर में बैठे रणनीतिकारों को जोरदार फटकार लगाई। इसके बाद कांग्रेसी खेमा पूरी तरह से सक्रिय हुआ। आनन-फानन में नामांकन दाखिल करने वाली तीन प्रत्याशियों लीला, नेहा व मुन्नी की घेराबंद कर उन्हें राजी करने का प्रयास किया गया कि वे अपना नाम वापस ले। यहां तक कि सड़क पर दिव्या व लीला मदेरणा तक मुन्नी व नेहा से बात करती नजर आई। इस बीच नेहा के पति के साथ लीला की तकरार भी हुई। बाद में इन्हें एक कार में बैठा लीला स्वयं नाम वापसी के लिए लेकर पहुंची, तब तक काफी देर हो चुकी थी और समय सीमा समाप्त हो चुकी थी। सिर्फ एक लीला ने ही अपना नाम वापस लिया। ऐसे में कांग्रेस के सामने संकट खड़ा हो गया। बाद में नेहा व मुन्नी से कहलवाया गया कि वे नाम वापस नहीं ले पाई, लेकिन वे कांग्रेस के साथ है। लेकिन पर्दे के पीछे से खेल जारी है। बताया जा रहा है कि दोनों प्रत्याशी के परिजन भाजपा के संपर्क में है। ऐसे में किसी भी प्रकार के उलटफेर से इनकार नहीं किया जा सकता है। कांग्रेस नेताओं की सांसें फूल रही है। वे कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं है।

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