रोक के बावजूद आयात किए मतीरा के बीज:दस्तावेजों में हेरफेर करना गंभीर किस्म का आर्थिक अपराध, नहीं दी जा सकती जमानत

जोधपुर7 महीने पहले
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प्रतिबंध के बावजूद चोरी से मतीरा बीज आयात करने वाले दो व्यापारियों की जमानत याचिका मंगलवार को अतिरिक्त मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट(आर्थिक अपराध) ने खारिज कर दी। कोर्ट ने माना कि यह गंभीर प्रकृति का आथिक आरोप है। ऐसे में जमानत दिया जाना उचित नहीं होगा।

जोधपुर में कस्टम विभाग ने तीन दिन पूर्व थार ड्राई पोर्ट पर छापा मार बीस कंटेनर मतीरा बीज बरामद किया था। इस मामले में गुजरात के पाटन निवासी सूरज वधवा व जोधपुर के अजय अग्रवाल को गिरफ्तार किया गया था। इन दोनों की तरफ से आज जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। अतिरिक्त मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट(आर्थिक अपराध) नरेश जैन की कोर्ट में दोनों आरोपियों की तरफ से कहा गया कि प्रार्थीगण आदतन अपराधी नहीं है। उनके विरुद्ध दोषसिद्धी के लिए कोई सबूत पेश नहीं किया गया है। वहीं लोक अभियोजक ने जमानत दिए जाने का विरोध किया।

दोनों पक्ष को सुनने के बाद कोर्ट की तरफ से कहा गया कि सूरज वाधवा व अजय अग्रवाल मतीरा बीज के आयात में सक्रिय रूप से शामिल थे। केस डायरी के अनुसार मतीरा बीज के आयात पर रोक की जानकारी होने के बावजूद दोनों ने सीमा शुल्क के अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत दस्तावेजों में हेरफेर करने की कोशिश की। ताकि उनके इस आयात का किसी को पता न चल सके। ऐसे हालात में इन दोनों को जमानत दिया जाना उचित नहीं होगा।