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राजस्थान दिवस:राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस व्यास सहित कई महिलाओं ने सीखा साफा बांधना

जोधपुरएक महीने पहले
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जोधपुर में मंगलवार को राजस्थान दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में साफा बांधना सीखती महिलाएं। - Dainik Bhaskar
जोधपुर में मंगलवार को राजस्थान दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में साफा बांधना सीखती महिलाएं।
  • सत्यमेव जयते सिटीजन सोसाइटी ने किया साफा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

राजस्थान दिवस के अवसर पर जोधपुर के सामाजिक संगठन सत्यमेव जयते सिटीजन सोसायटी की ओर से साफा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर महिलाओं और पुरुषों को साफा बांधने का प्रशिक्षण दिया गया। इसमें महिलाओं और पुरुषों ने उत्साह से साफा बांधना सीखा। हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश व राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस गोपाल कृष्ण व्यास ने भी राजस्थानी साफा बांधना सीखा और धरती धोरा री गीत भी गाया।

सत्यमेव जयते सिटीजन सोसाइटी की सचिव चंद्र किरण दवे ने बताया कि, राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस गोपाल कृष्ण व्यास के मुख्य आतिथ्य और सोसायटी अध्यक्ष विमला गट्टानी की अध्यक्षता में राजस्थान दिवस पर साफा प्रशिक्षक मनोज बोहरा, रमेश सिसोदिया व मनीष जोशी द्वारा विधि विधान से साफा बांधने का प्रशिक्षण दिया गया।

जोधपुर में मंगलवार को राजस्थान दिवस के अवसर पर साफा बांधना सीखते राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष।
जोधपुर में मंगलवार को राजस्थान दिवस के अवसर पर साफा बांधना सीखते राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष।

राजस्थान की शान के प्रतीक और विश्वभर में पहचान बना चुके जोधपुरी पेच का साफा बांधना भी इस अवसर पर सिखाया गया। साफा बांधना सीखने के लिए युवाओं के साथ महिलाओं व बुजुर्गों ने भी उत्साह के साथ भागीदारी निभाई। इस अवसर पर मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष जस्टिस गोपाल कृष्ण व्यास ने कहा कि राजस्थान दिवस के दिन राजस्थान के लोगों की वीरता, दृढ़ इच्छाशक्ति तथा बलिदान को नमन किया जाता है। यहां की लोक कलाएं, समृद्ध संस्कृति, महल, व्यंजन आदि एक विशिष्ट पहचान रखते हैं। इस दिन कई उत्सव और आयोजन होते हैं, जिनमें राजस्थान की अनूठी संस्कृति का दर्शन होता है।

सत्यमेव जयते परिवार की ओर से साफा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, यह न केवल राजस्थान का गौरव बढ़ाने जैसा है बल्कि हमारे समाज में होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में राजस्थानी साफा बांधने की परंपरा है जब खुद को साफा बांधना आएगा तो कोई किसी पर निर्भर नहीं रहेगा। वैसे भी राजस्थानी साफे की अपनी एक अलग गौरवमई परंपरा रही है पूरे देश और दुनिया में राजस्थानी साफे की अपनी एक अलग पहचान है।

इस अवसर पर राजस्थानी साफा सेल्फी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया जिसमें प्रथम अमित बालानी द्वितीय मोहम्मद साबिर और तृतीय स्थान पर दिव्या दाधीच रहे। इस दौरान साफा प्रशिक्षक मनोज बोहरा, रमेश सिसोदिया व मनीष जोशी को राजस्थानी साफा बांधना सिखाने के लिए सम्मानित किया गया तो वही उल्लेखनीय सेवाओं के लिए अरविंद सिंह कच्छवाहा का भी सम्मान किया गया।

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