10 विभागों के अलावा किसी भवन का फैसला नहीं:एमबीएम विवि को दो माह बाद भी नहीं मिली पूरी जमीन

जोधपुर12 दिन पहले
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वहीं इंजीनियरिंग हॉस्टल्स सहित कई भवनों का स्वामित्व भी अभी जेएनवीयू के पास ही है।  - Dainik Bhaskar
वहीं इंजीनियरिंग हॉस्टल्स सहित कई भवनों का स्वामित्व भी अभी जेएनवीयू के पास ही है। 

एमबीएम विवि को कुलपति, रजिस्ट्रार व वित्तीय सलाहकार मिले, पर फैकल्टी और पॉवर नहीं जोधपुर| मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट माने जाने वाला एमबीएम विश्वविद्यालय विधानसभा की घोषणा के 11 माह बाद भी आसानी से साकार होता नजर नहीं आ रहा है।

राज्य सरकार की ढिलाई की वजह से इस विश्वविद्यालय को ना तो अभी तक पूरी जमीन मिली है और ना ही पॉवर। पिछले 3 माह में एमबीएम विश्वविद्यालय को कुलपति, कुलसचिव व वित्तीय सलाहकार तो दे दिए गए हैं, लेकिन जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय अभी भी पूरी जमीन देने को तैयार नहीं है।

राज्य सरकार के 6 जनवरी को जारी आदेश में पूर्व में सिंडिकेट में लिए गए निर्णय के आधार पर जेएनवीयू की संपत्ति में से केवल 10 विभाग के भवनों को ही एमबीएम विश्वविद्यालय को ट्रांसफर किया गया है। राज्य सरकार के हस्तक्षेप के बाद भी एमबीएम विवि की राह आसान नहीं हुई है। जेएनवीयू की 18 नवंबर को आयोजित सिंडिकेट की बैठक में निर्णय लिया गया था कि राज्य सरकार की मंशा के अनुसार एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज का नॉर्थ कैंपस, साउथ कैंपस, एडगर हॉस्टल व इंजीनियरिंग हॉस्टल कैंपस दे दिए जाएंगे। राज्य सरकार की ओर से दूसरी व्यवस्था नहीं किए जाने तक इन कैंपस में जेएनवीयू के संचालित होने वाले एमबीए विभाग, फार्मेसी विभाग, स्किल डेवलपमेंट सेंटर, ईएमएमआरसी, कंप्यूटर सेंटर व एमसीए कोर्स के भवनों को खाली नहीं किया जाएगा, लेकिन इनके भवनों का स्वामित्व एमबीएम विवि को दे दिया जाएगा।

यह भी तय किया गया कि जेएनवीयू रातानाडा हॉस्टल व स्टाफ क्वाटर्स को एमबीएम को नहीं देगा। जेएनवीयू के जिन क्वाटर्स में इंजीनियरिंग संकाय की फैकल्टी रह रही है, उनसे एमबीएम विवि में ट्रांसफर होने के बाद भी सेवानिवृत्ति तक क्वाटर्स खाली नहीं करवाए जाएंगे। जेएनवीयू का गेस्ट हाउस एमबीएम विवि के नए गेस्ट हाउस का निर्माण नहीं होने तक एमबीएम विवि को उपयोग लेने का निर्णय भी हुआ।

इस निर्णय से जेएनवीयू ने राज्य सरकार को अवगत करवाया था, जिसके आधार पर राजभवन के अनुमोदन के बाद जेएनवीयू से इंजीनियरिंग संकाय की 10 विभागों की समस्त चल-अचल परिसंपत्तियाें व संपूर्ण दायित्वों का एमबीएम विश्वविद्यालय को हस्तांतरित करने की स्वीकृति प्रदान की गई। कुलपति-कुलसचिव पॉवरलेस| राज्य सरकार की ओर से एमबीएम विश्वविद्यालय बनाए जाने के बाद कुलपति के रूप में प्रो. अजय शर्मा की नियुक्ति की गई और उन्होंनें जॉइन भी कर लिया। 21 अक्टूबर को कुलसचिव पद पर पदमाराम को नियुक्त किया।

हाल में वित्तीय सलाहकार दशरथ सोलंकी को नियुक्त किया, लेकिन अभी तक फैकल्टी व कर्मचारियों का समायोजन नहीं किया गया है, जिसकी वजह से वे अभी भी पॉवरलेस हैं। वहीं इंजीनियरिंग हॉस्टल्स सहित कई भवनों का स्वामित्व भी अभी जेएनवीयू के पास ही है।

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