मां नहीं बन पाई तो 4 साल का बच्चा किडनैप:शादी के 11 साल बाद  भी संतान नहीं, फुटपाथ से उठा लाए

जोधपुर3 महीने पहले

बच्चे को अगवा करने के मामले में पुलिस ने दो युवक व एक युवती को गिरफ्तार कर लिया है। युवती को 11 साल शादी को हुए लेकिन बच्चा नहीं हुआ तो उसने दो युवक को पैसे देकर हायर किया और शहर में बच्चे की रैकी के लिए भेज दिया। युवकों ने फुटपाथ पर 4 साल का बच्चा देखा और उसे सोमवार देर रात उठा लिया और महिला को सौंप दिया। इधर, बच्चे के माता-पिता ने पुलिस में मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सीसीटीवी कैमरे खंगाल कर बच्चे को ढूंढ लिया। और उसके माता-पिता का सौंपा वहीं दोनों युवकों और युवती को गिरफ्तार किया।

बेटा पास सोया था सुबह मिला नहीं
उदयमंदिर थानाधिकारी अमित सियाग ने बताया कि सुबह गिरिराज (25) पुत्र राजकुमार बागरी जिला झालावाड़ ने सुबह 5:30 बजे थाने में सूचना दी कि उनका चार साल का बेटा प्रदीप रात में साथ में सोया था, सुबह देखा तो वह नहीं मिला। वे रात में पावटा स्थित घूमर होटल के सामने सोए थे। एएसआई सुरेश ने मौका मुआयना कर बच्चे की तलाश शुरू की तो पता चला कि बच्चे को रात करीब 12:03 बजे दो बाइक सवार बदमाश अगवा कर ले गए हैं। अपहरण का पता चलते ही डीसीपी भुवन भूषण यादव सहित अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और बच्चे को ले जाने वाले आरोपियों की तलाश शुरू की। थानाधिकारी सहित एसआई हरिमन मीणा, एएसआई बिंजाराम, गोरधनराम, हैड कांस्टेबल भगाराम, महावीर सिंह, महेशचंद मीणा, नंदलाल, आरक्षक सुरजाराम, पीराराम, रसीद खान, अकरम खान, आरक्षक सुरेश, आरक्षक अभय कमांड सेंटर घनश्याम, भंवरराम, आरक्षक नागौरी गेट थाना गोपालसिंह और कालूराम की टीम बनाई। वहीं डीएसटी टीम के एसआई दिनेश डांगी, एचसी कमरुद्दीन, आरक्षक जयराम और डुंगरराम भी बच्चे की तलाश में जुटे।

सभी ने मिलकर आरोपियों की तलाश में 1000 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज की जांच की और आरोपी बंटी (29) पुत्र बुधाराम मेघवाल निवासी मेघवाल बस्ती, आकाश उर्फ गूंगा (18) पुत्र संतोष निवासी भील बस्ती और महिला रेखा (25) पत्नी ताराचंद उर्फ गुड्‌डू मेघवाल निवासी कागा कागड़ी को गिरफ्तार कर बच्चे को सुरक्षित बरामद कर माता-पिता के सुपुर्द कर दिया।

बच्चे का मुंह दबोचा और बाइक पर बैठा ले गया
फुटेज से पता चला कि बच्चे की तलाश में आरोपी बंटी और आकाश रात करीब 10:30 बजे बाइक पर सवार होकर निकले थे। आरोपी ऐसे बच्चे की तलाश में थे जो बाहर से आए मजदूर का हो, यदि बच्चे का अपहरण हो जाए तो माता-पिता किसी तरह की शिकायत न कर सकें। ऐसे बच्चे की तलाश में आरोपी पावटा, बस स्टैंड, राई का बाग स्टेशन, कलेक्ट्रेट, अंसल प्लाजा, नई सड़क, दूध मंदिर, रेलवे स्टेशन और ओलंपिक रोड के आसपास घूमते रहे, इस दौरान करीब 20 बार बाइक से आते जाते दिखे। रात करीब 12:03 बजे आकाश ने बच्चे का मुंह दबोचा और भागकर, बाइक चला रहे बंटी के साथ बैठ गया। इसके बाद वे महिला के पास पहुंचे और बच्चा सौंप दिया।

पहले रैकी की
पुलिस ने आरोपी महिला से पूछताछ की तो पता चला कि महिला को 11 साल से बच्चे नहीं हो रहे थे। वह अपने पति से अलग रहती है। पांच दिन से वह बंटी और आकाश को थोड़े-थोड़े रुपये दे रही थी और बच्चे की तलाश में लगा दिया था। सोमवार रात को भी रुपये दिए और बच्चे की तलाश में भेज दिया। गनीमत रही कि पुलिस ने बच्चा सुरक्षित बरामद कर लिया।