पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

यह बालिका कभी वधु थी:2 साल की उम्र में बालिका वधु बनी, कोर्ट ने 20 की उम्र में शादी कैंसिल की; पुलिस अफसर बनना चाहती है

जोधपुर7 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
बाल विवाह निरस्त होने के बाद डॉ. कृति भारती के साथ अपनी खुशी व्यक्त करती नींबू (बाएं)। - Dainik Bhaskar
बाल विवाह निरस्त होने के बाद डॉ. कृति भारती के साथ अपनी खुशी व्यक्त करती नींबू (बाएं)।
  • ग्रेजुएशन कर रही है, ससुराल जाने का दबाव पड़ने पर लिया था कोर्ट का सहारा

महज 2 साल की अबोध उम्र में बालिका वधु बनी नींबू 18 साल बाद गुरुवार को आखिरकार बाल विवाह के बंधन से मुक्त हो गई। नींबू की ख्वाहिश पुलिस अधिकारी बनने की थी। वह अब दिन-रात मेहनत करके अपनी इस ख्वाहिश को पूरी करना चाहती है। नींबू ने करीब सवा साल तक अपना बाल विवाह निरस्त करने का केस लड़ा। इसमें सारथी ट्रस्ट की मैनेजिंग ट्रस्टी व पुनर्वास मनोवैज्ञानिक डाॅ.कृति भारती ने उनकी मदद की। आखिरकार आज जोधपुर के पारिवारिक न्यायालय संख्या-1 के न्यायाधीश महेन्द्र कुमार सिंहल ने नींबू के बाल विवाह निरस्त का आदेश कर समाज को रूढ़िवादी प्रथाओं के खिलाफ कड़ा संदेश दिया।

जोधपुर जिले में बाप तहसील के चिमाणा गांव की रहने वाली नींबू का मई 2002 में बाल विवाह बीकानेर जिले के रहने वाले एक बच्चे के साथ हुआ था। उस वक्त नींबू की उम्र महज 2 साल ही थी, जबकि जिससे उसकी शादी हुई उसकी उम्र 6 साल थी। बड़ी होने पर उसने अपना बाल विवाह अस्वीकार कर दिया। ग्रेजुएशन करने वाली नींबू पर विवाह को स्वीकार कर ससुराल जाने का बहुत दबाव पड़ा, लेकिन वह अडिग रही। जिस लड़के से नींबू की शादी हुई थी वह खेती-बाड़ी का काम करता है।

यह फोटो 18 साल पहले नींबू के बाल विवाह की है।
यह फोटो 18 साल पहले नींबू के बाल विवाह की है।

इस दौरान नींबू को जोधपुर के सारथी ट्रस्ट के सहयोग से कुछ बाल विवाह कोर्ट के माध्यम से निरस्त करवाए जाने की जानकारी मिली। इस पर नींबू ने अपने भाई के सहयोग से डाॅ.कृति भारती से संपर्क साधा। डाॅ.कृति भारती से संबल पाकर जोधपुर पारिवारिक न्यायालय में बाल विवाह निरस्त के लिए वाद दायर किया। न्यायालय में डाॅ. कृति भारती ने नींबू की तरफ से न्यायालय में आयु, विवाह व अन्य संबंधित तथ्यों को प्रस्तुत कर पैरवी की।

बाल विवाह निरस्त होने के बाद नींबू ने कहा- कुप्रथा खत्म करना सभी की जिम्मेदारी

जिस पर पारिवारिक न्यायालय संख्या-1 के न्यायाधीश महेन्द्र कुमार सिंहल ने नींबू के महज 2 साल की उम्र में हुए बाल विवाह को निरस्त का आदेश जारी किया। बालिका वधु नींबू के धन्यवाद देने पर उन्होंने कहा कि बाल विवाह की कुप्रथा को खत्म करना सभी की जिम्मेदारी हैं। इसे सभी को बखूबी निभाना होगा।

सारथी ट्रस्ट अब तक 41 बाल विवाह निरस्त करवा चुका है

उल्लेखनीय है कि सारथी ट्रस्ट की डाॅ. कृति भारती ने ही देश का पहला बाल विवाह निरस्त करवाया था। सारथी ट्रस्ट ने अब तक 41 जोडों के बाल विवाह निरस्त करवा दिए हैं। वहीं करीब 1400 से अधिक बाल विवाह रुकवाएं हैं। डाॅ. कृति भारती ने 2015 में तीन दिन में दो बाल विवाह निरस्त करवाकर वर्ल्ड रिकार्ड्स इंडिया और लिम्का बुक ऑफ रिकाॅर्ड सहित कई रिकाॅर्ड्स में नाम दर्ज करवाया था। सीबीएसई ने भी कक्षा 11 के पाठ्यक्रम में सारथी की मुहिम को शामिल किया था।