ब्लैक फंगस का ग्राफ भी गिरा:अब सप्ताह के तीन-चार दिन आ रहे एक-दो रोगी

जोधपुर4 महीने पहले
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कोरोना के साथ अब नई महामारी ब्लैक फंगस के नए रोगियों में भी कमी आ रही है। मथुरादास माथुर अस्पताल में एक माह पहले जहां ब्लैक फंगस के रोजाना 6-7 मरीजों मिल रहे थे, वहीं अब सप्ताह में 3-4 दिन ही एक-दाे राेगी मिले रहे हैं। यहां अब तक ब्लैक फंगस के 77 रोगी भर्ती हो चुके हैं। इनमें से 51 जोधपुर जिले और शेष 26 संभाग के हैं।

जोधपुर के 51 रोगियों में से 18 ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। 25 रोगी अभी भर्ती हैं और 8 की मौत हाे चुकी हैं। हालांकि केवल एक मरीज की मौत ब्लैक फंगस से होना बता रहे हैं, शेष मौतों को वे पोस्ट कोविड कॉम्पलिकेशन के कारण होना बताते हैं। डॉ. महेंद्र चौहान का कहना है कि रोगियों में कमी के बावजूद हमें पूरा सचेत रहने की आवश्यकता है।

अगर नाक और गाल में सूनापन, मसूड़े का हिलना, सिर में दर्द, आंखों में लाली आने जैसे कोई भी लक्षण दिखें तो तुरंत नाक, कान, गला विभाग या आंख के डॉक्टर को दिखाएं। इन मामलों में समय पर अस्पताल पहुंचने पर इलाज संभव है। देरी होने पर आंख, नाक या जबड़ा निकालना पड़ सकता है।

51 में से 33 काे डायबिटीज व 30 ने स्टेरॉयड लिया

  • 15 को कोविड, 7 नॉन कोविड व 29 की काेई हिस्ट्री नहीं।
  • 33 को डायबिटीज थी और 18 को नहीं।
  • 30 रोगियों ने स्टेरॉयड लिया।
  • 16 रोगी ऑक्सीजन पर रहे, 35 को ऑक्सीजन नहीं चढ़ी।
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